9 माह की मासूम से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद:मधेपुरा में 8 साल पहले टहलाने के बहाने किया था रेप, पीड़िता को 5 लाख मुआवजा

9 माह की मासूम से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद:मधेपुरा में 8 साल पहले टहलाने के बहाने किया था रेप, पीड़िता को 5 लाख मुआवजा

मधेपुरा के मुरलीगंज थाना क्षेत्र में नौ महीने की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एडीजे-6 सह पॉक्सो कोर्ट के जज अमित कुमार पांडेय की अदालत ने शनिवार को यह फैसला सुनाया। दोषी पर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है, साथ ही पीड़िता को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। घटना 15 मई 2018 की यह घटना 15 मई 2018 को हुई थी। पीड़ित बच्ची के पिता द्वारा मुरलीगंज थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार पड़ोस में रहने वाला 21 वर्षीय सुनील मंडल उनके घर आया था। वह महज नौ महीने की बच्ची को खेलने और टहलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। उसी दिन शाम करीब पांच बजे आरोपी बच्ची को वापस उसके घर लेकर आया और उसे छोड़कर चुपके से भागने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान परिजनों ने बच्ची के लगातार रोने की आवाज सुनी। जब माता-पिता ने बच्ची को देखा, तो वह दर्द से तड़प रही थी और उसके गुप्तांग से खून बह रहा था। परिजनों ने आरोपी को मौके से पकड़ा था बच्ची की यह स्थिति देखकर परिजनों ने तुरंत भाग रहे आरोपी सुनील मंडल को मौके पर ही पकड़ लिया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में एकत्र हो गए और आरोपी को घेर लिया। ग्रामीणों की मदद से तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी गई। परिजनों ने खून से लथपथ मासूम को इलाज के लिए मुरलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। पूछताछ में आरोपी ने दुष्कर्म की बात स्वीकारी मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी सुनील मंडल को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की बात स्वीकार कर ली। इस मामले में पॉक्सो कोर्ट के विशेष पीपी विजय कुमार मेहता ने अभियोजन पक्ष की ओर से बहस की। अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया। पीड़ित परिवार का कहना है कि दोषी को फांसी की सजा होनी चाहिए। मधेपुरा के मुरलीगंज थाना क्षेत्र में नौ महीने की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एडीजे-6 सह पॉक्सो कोर्ट के जज अमित कुमार पांडेय की अदालत ने शनिवार को यह फैसला सुनाया। दोषी पर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है, साथ ही पीड़िता को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। घटना 15 मई 2018 की यह घटना 15 मई 2018 को हुई थी। पीड़ित बच्ची के पिता द्वारा मुरलीगंज थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार पड़ोस में रहने वाला 21 वर्षीय सुनील मंडल उनके घर आया था। वह महज नौ महीने की बच्ची को खेलने और टहलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। उसी दिन शाम करीब पांच बजे आरोपी बच्ची को वापस उसके घर लेकर आया और उसे छोड़कर चुपके से भागने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान परिजनों ने बच्ची के लगातार रोने की आवाज सुनी। जब माता-पिता ने बच्ची को देखा, तो वह दर्द से तड़प रही थी और उसके गुप्तांग से खून बह रहा था। परिजनों ने आरोपी को मौके से पकड़ा था बच्ची की यह स्थिति देखकर परिजनों ने तुरंत भाग रहे आरोपी सुनील मंडल को मौके पर ही पकड़ लिया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में एकत्र हो गए और आरोपी को घेर लिया। ग्रामीणों की मदद से तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी गई। परिजनों ने खून से लथपथ मासूम को इलाज के लिए मुरलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। पूछताछ में आरोपी ने दुष्कर्म की बात स्वीकारी मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी सुनील मंडल को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की बात स्वीकार कर ली। इस मामले में पॉक्सो कोर्ट के विशेष पीपी विजय कुमार मेहता ने अभियोजन पक्ष की ओर से बहस की। अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया। पीड़ित परिवार का कहना है कि दोषी को फांसी की सजा होनी चाहिए।  

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