नालंदा के नगरनौसा प्रखंड में बहुप्रतीक्षित डिग्री कॉलेज की स्थापना के बाद अब इसके स्थान चयन को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। शनिवार को कॉलेज को नगरनौसा मुख्यालय से हटाकर लोदीपुर में संचालित किए जाने के विरोध में आक्रोशित युवाओं और स्थानीय लोगों ने नगरनौसा बस स्टैंड के पास एनएच 431 (चंडी-दनियावां मुख्य मार्ग) को दूसरी बार जाम कर उग्र प्रदर्शन किया। सड़क जाम होने से मुख्य मार्ग पर दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। धरना-प्रदर्शन के दौरान मौजूद ‘भारत की छात्र फेडरेशन’ (SFI) की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी ने बताया कि एक लंबे संघर्ष और 2024 से लड़ी जा रही लड़ाई के बाद नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की स्थापना संभव हो सकी है। लेकिन, कुछ लोगों द्वारा इसे नगरनौसा मुख्यालय में न बनाकर प्रखंड की कैला पंचायत अंतर्गत लोदीपुर गांव स्थित हाई स्कूल में शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि डिग्री कॉलेज का संचालन तत्काल प्रभाव से नगरनौसा बाजार स्थित बालिका उच्च विद्यालय से किया जाए। साथ ही, प्रखंड मुख्यालय के आसपास मौजूद सरकारी जमीनों पर से कुछ व्यक्तिगत लोगों का अवैध कब्जा हटाकर वहां कॉलेज का नया भवन बनाया जाए। दो खेमों में बंटे लोग, लोदीपुर के पक्ष में भी उठी आवाजें विवाद में अब स्थानीय लोग दो खेमों में बंट गए हैं। एक पक्ष जहां मुख्यालय में कॉलेज की मांग पर अड़ा है, वहीं स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों का एक बड़ा वर्ग लोदीपुर के पक्ष में खड़ा है। लोदीपुर समर्थकों का तर्क है कि वहां स्थित मगध विद्यापीठ उच्च विद्यालय में 4 एकड़ 63 डिसमिल जमीन है और कॉलेज संचालन के लिए 20 कमरे उपलब्ध हैं, जो एक बेहतरीन आधारभूत संरचना है। उनका कहना है कि कई अन्य प्रखंडों में भी मुख्यालय से दूर कॉलेज का सफलतापूर्वक संचालन हो रहा है, इसलिए सुविधा के लिहाज से लोदीपुर ही सबसे उपयुक्त स्थान है। नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की मांग लंबे समय से चल रही थी। बीते 11 मई को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत ‘कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना’ के राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रो. संजय कुमार ने नगरनौसा डिग्री महाविद्यालय के प्राचार्य के रूप में पदभार ग्रहण किया। इसके बाद कॉलेज का शुभारंभ लोदीपुर स्थित उच्च विद्यालय परिसर से किया गया। इस फैसले के विरोध में 20 मई को युवाओं ने पहली बार सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। इसके अगले ही दिन 21 मई से प्रखंड कार्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई और फिर 30 मई को एक बार फिर युवाओं का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा और उन्होंने बस स्टैंड के समीप चक्का जाम कर दिया। जाम की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस आंदोलन और भारी सड़क जाम की सूचना मिलते ही नगरनौसा थानाध्यक्ष शशी कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि कॉलेज स्थानांतरण को लेकर छात्रों के एक गुट की ओर से सड़क जाम किया गया है। पुलिस मौके पर कैंप कर रही है और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों को भी इससे अवगत करा दिया गया है। प्रशासन दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर यातायात बहाल करने की कोशिश में जुटा है। नालंदा के नगरनौसा प्रखंड में बहुप्रतीक्षित डिग्री कॉलेज की स्थापना के बाद अब इसके स्थान चयन को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। शनिवार को कॉलेज को नगरनौसा मुख्यालय से हटाकर लोदीपुर में संचालित किए जाने के विरोध में आक्रोशित युवाओं और स्थानीय लोगों ने नगरनौसा बस स्टैंड के पास एनएच 431 (चंडी-दनियावां मुख्य मार्ग) को दूसरी बार जाम कर उग्र प्रदर्शन किया। सड़क जाम होने से मुख्य मार्ग पर दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। धरना-प्रदर्शन के दौरान मौजूद ‘भारत की छात्र फेडरेशन’ (SFI) की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी ने बताया कि एक लंबे संघर्ष और 2024 से लड़ी जा रही लड़ाई के बाद नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की स्थापना संभव हो सकी है। लेकिन, कुछ लोगों द्वारा इसे नगरनौसा मुख्यालय में न बनाकर प्रखंड की कैला पंचायत अंतर्गत लोदीपुर गांव स्थित हाई स्कूल में शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि डिग्री कॉलेज का संचालन तत्काल प्रभाव से नगरनौसा बाजार स्थित बालिका उच्च विद्यालय से किया जाए। साथ ही, प्रखंड मुख्यालय के आसपास मौजूद सरकारी जमीनों पर से कुछ व्यक्तिगत लोगों का अवैध कब्जा हटाकर वहां कॉलेज का नया भवन बनाया जाए। दो खेमों में बंटे लोग, लोदीपुर के पक्ष में भी उठी आवाजें विवाद में अब स्थानीय लोग दो खेमों में बंट गए हैं। एक पक्ष जहां मुख्यालय में कॉलेज की मांग पर अड़ा है, वहीं स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों का एक बड़ा वर्ग लोदीपुर के पक्ष में खड़ा है। लोदीपुर समर्थकों का तर्क है कि वहां स्थित मगध विद्यापीठ उच्च विद्यालय में 4 एकड़ 63 डिसमिल जमीन है और कॉलेज संचालन के लिए 20 कमरे उपलब्ध हैं, जो एक बेहतरीन आधारभूत संरचना है। उनका कहना है कि कई अन्य प्रखंडों में भी मुख्यालय से दूर कॉलेज का सफलतापूर्वक संचालन हो रहा है, इसलिए सुविधा के लिहाज से लोदीपुर ही सबसे उपयुक्त स्थान है। नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की मांग लंबे समय से चल रही थी। बीते 11 मई को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत ‘कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना’ के राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रो. संजय कुमार ने नगरनौसा डिग्री महाविद्यालय के प्राचार्य के रूप में पदभार ग्रहण किया। इसके बाद कॉलेज का शुभारंभ लोदीपुर स्थित उच्च विद्यालय परिसर से किया गया। इस फैसले के विरोध में 20 मई को युवाओं ने पहली बार सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। इसके अगले ही दिन 21 मई से प्रखंड कार्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई और फिर 30 मई को एक बार फिर युवाओं का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा और उन्होंने बस स्टैंड के समीप चक्का जाम कर दिया। जाम की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस आंदोलन और भारी सड़क जाम की सूचना मिलते ही नगरनौसा थानाध्यक्ष शशी कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि कॉलेज स्थानांतरण को लेकर छात्रों के एक गुट की ओर से सड़क जाम किया गया है। पुलिस मौके पर कैंप कर रही है और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों को भी इससे अवगत करा दिया गया है। प्रशासन दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर यातायात बहाल करने की कोशिश में जुटा है।


