अररिया में ‘जन भागीदारी-सबसे दूर, सबसे पहले’ आईईसी अभियान योजना के तहत ‘जन भागीदारी सप्ताह’ का शुभारंभ किया गया। यह अभियान 18 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित होगा। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने दीप प्रज्ज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। समाहरणालय अररिया स्थित परमान सभागार में जनजातीय गरिमा उत्सव– 2026 के अंतर्गत इस अभियान का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई, जिसमें अभियान की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी गई। गांवों और टोलों में होंगी व्यापक गतिविधियां जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सुदूरवर्ती और जनजातीय बहुल क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। अभियान के तहत 19 मई से 25 मई तक चिन्हित गांवों और टोलों में व्यापक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ‘विलेज प्रोटेक्ट एक्टिविटी’ का आयोजन सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जन भागीदारी शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। साथ ही, सभी पंचायतों में आयोजित ‘विलेज प्रोटेक्ट एक्टिविटी’ के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। जिला कल्याण पदाधिकारी को जनजातीय क्षेत्रों में नशा मुक्ति और बाल विवाह उन्मूलन से संबंधित नुक्कड़ नाटकों का आयोजन कराने का भी निर्देश दिया गया है। बच्चों का विद्यालयों में नामांकन पर भी जोर इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों को ग्राम सभाओं में जाकर लोगों को शिविर के उद्देश्यों और लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए निर्देशित किया गया है। जनजातीय क्षेत्रों के सभी बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। अभियान के अंतर्गत 19 मई से 25 मई तक चिन्हित स्थलों पर वृक्षारोपण किया जाएगा और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर जनजातीय समुदाय के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का निदान सुनिश्चित किया जाएगा। 20 मई को प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और कर्मी चिन्हित गांवों में पैदल मार्च कर लोगों को 21 मई से 23 मई तक आयोजित होने वाली जन सुनवाई के प्रति जागरूक करेंगे। 21 मई से 23 मई तक विभिन्न विभागों के संयुक्त शिविरों के माध्यम से चिन्हित गांवों के तहत लोगों को सरकारी योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा, उनकी शिकायतों का निपटारा किया जाएगा तथा पात्र लाभुकों को उनके अधिकार दिलाए जाएंगे। 24 मई को शिविरों के माध्यम से लाभान्वित व्यक्तियों एवं प्रदान किए गए योजनागत लाभों का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। वहीं 25 मई को अभियान की उपलब्धियों, लाभुकों को मिले लाभ तथा आगे की रणनीति की जानकारी साझा की जाएगी। मकान सूचीकरण का कार्य 71.45 प्रतिशत पूर्ण
विदित हो कि जन भागीदारी अभियान के तहत पलासी प्रखंड अंतर्गत 05 पंचायतों के 10 अनुसूचित जनजाति बाहुल गाँवों यथा बलुआ (पंचायत- बलुआ कलियागंज), रामनगर (पंचायत- कुजरी), बेलवाड़ी, बेनी, लोखडा (पंचायत- पकड़ी), दीपनगर, बड़गांव, सोनाकन्दर (पंचायत- नकटाखुर्द) खपड़ा, बरौली (पंचायत- बरहकुंबा), में दिनांक 19 मई से 25 मई तक शिविर का आयोजन किया जाएगा। प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी द्वारा जनगणना एवं सहयोग शिविर की प्रगति की भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जनगणना के तहत मकान सूचीकरण का कार्य 71.45 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। वहीं सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक लगभग 900 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनके निष्पादन की प्रक्रिया जारी है। अररिया में ‘जन भागीदारी-सबसे दूर, सबसे पहले’ आईईसी अभियान योजना के तहत ‘जन भागीदारी सप्ताह’ का शुभारंभ किया गया। यह अभियान 18 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित होगा। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने दीप प्रज्ज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। समाहरणालय अररिया स्थित परमान सभागार में जनजातीय गरिमा उत्सव– 2026 के अंतर्गत इस अभियान का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई, जिसमें अभियान की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी गई। गांवों और टोलों में होंगी व्यापक गतिविधियां जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सुदूरवर्ती और जनजातीय बहुल क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। अभियान के तहत 19 मई से 25 मई तक चिन्हित गांवों और टोलों में व्यापक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ‘विलेज प्रोटेक्ट एक्टिविटी’ का आयोजन सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जन भागीदारी शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। साथ ही, सभी पंचायतों में आयोजित ‘विलेज प्रोटेक्ट एक्टिविटी’ के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। जिला कल्याण पदाधिकारी को जनजातीय क्षेत्रों में नशा मुक्ति और बाल विवाह उन्मूलन से संबंधित नुक्कड़ नाटकों का आयोजन कराने का भी निर्देश दिया गया है। बच्चों का विद्यालयों में नामांकन पर भी जोर इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों को ग्राम सभाओं में जाकर लोगों को शिविर के उद्देश्यों और लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए निर्देशित किया गया है। जनजातीय क्षेत्रों के सभी बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। अभियान के अंतर्गत 19 मई से 25 मई तक चिन्हित स्थलों पर वृक्षारोपण किया जाएगा और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर जनजातीय समुदाय के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का निदान सुनिश्चित किया जाएगा। 20 मई को प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और कर्मी चिन्हित गांवों में पैदल मार्च कर लोगों को 21 मई से 23 मई तक आयोजित होने वाली जन सुनवाई के प्रति जागरूक करेंगे। 21 मई से 23 मई तक विभिन्न विभागों के संयुक्त शिविरों के माध्यम से चिन्हित गांवों के तहत लोगों को सरकारी योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा, उनकी शिकायतों का निपटारा किया जाएगा तथा पात्र लाभुकों को उनके अधिकार दिलाए जाएंगे। 24 मई को शिविरों के माध्यम से लाभान्वित व्यक्तियों एवं प्रदान किए गए योजनागत लाभों का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। वहीं 25 मई को अभियान की उपलब्धियों, लाभुकों को मिले लाभ तथा आगे की रणनीति की जानकारी साझा की जाएगी। मकान सूचीकरण का कार्य 71.45 प्रतिशत पूर्ण
विदित हो कि जन भागीदारी अभियान के तहत पलासी प्रखंड अंतर्गत 05 पंचायतों के 10 अनुसूचित जनजाति बाहुल गाँवों यथा बलुआ (पंचायत- बलुआ कलियागंज), रामनगर (पंचायत- कुजरी), बेलवाड़ी, बेनी, लोखडा (पंचायत- पकड़ी), दीपनगर, बड़गांव, सोनाकन्दर (पंचायत- नकटाखुर्द) खपड़ा, बरौली (पंचायत- बरहकुंबा), में दिनांक 19 मई से 25 मई तक शिविर का आयोजन किया जाएगा। प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी द्वारा जनगणना एवं सहयोग शिविर की प्रगति की भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जनगणना के तहत मकान सूचीकरण का कार्य 71.45 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। वहीं सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक लगभग 900 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनके निष्पादन की प्रक्रिया जारी है।


