सहरसा एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन निर्माण का टेंडर जारी, 35.14 करोड़ रूपए से बनेगा एयरपोर्ट

सहरसा एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन निर्माण का टेंडर जारी, 35.14 करोड़ रूपए से बनेगा एयरपोर्ट

सहरसा एयरपोर्ट को अपग्रेड करने और टर्मिनल भवन बनाने का रास्ता साफ हो गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस एयरपोर्ट के सिविल वर्क के लिए टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 8 जून है। 16 जून को टेंडर खुलेगा। यह एयरपोर्ट 35.14 करोड़ से बनेगा। टेंडर लेने वाली कंपनी को 15 महीने में काम पूरा करना होगा। प्री-फैब्रिकेटेड स्टील टर्मिनल भवन का निर्माण करना है। इसके अलावा एटीसी टावर, फायर स्टेशन और अन्य निर्माण करना है। इस एयरपोर्ट के बन जाने के बाद सहरसा और आसपास के करीब 20 लाख लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी। इस इलाके के लोग दिल्ली, कोलकाता, मुंबई समेत अन्य शहरों में रहते हैं। अभी इन्हें पूर्णिया या पटना आना होता है। पूर्णिया से देश के सभी शहरों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट नहीं है। इस वजह इन्हें पटना से आना-जाना पड़ता है। यही नहीं इस इलाके के लोग विदेश में काम करते हैं। उन्हें भी विदेश से दिल्ली, कोलकाता, मुंबई आने के बाद सहरसा पहुंचने में सुविधा हो जाएगी। 20 सीट वाला विमान उड़ेगा सहरसा एयरपोर्ट को उड़ान योजना के तहत कनेक्ट किया जाएगा। यह कोड 2 बी टाइप का एयरपोर्ट होगा। यहां से 15-20 सीट वाला छोटा विमान ऑपरेट करेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इसके बन जाने से आपदा के समय यह एयरपोर्ट पीड़ितों को राहत देने में मदद करेगा। कोसी का यह इलाका बाढ़ग्रस्त है। यहां के रनवे की लंबाई 800 मीटर से 1200 मीटर के बीच है। इस एयरपोर्ट से डोरनियर, बीचक्राफ्ट, सेना के बड़े मॉडल के विमान अॉपरेट करेंगे। सहरसा एयरपोर्ट को अपग्रेड करने और टर्मिनल भवन बनाने का रास्ता साफ हो गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस एयरपोर्ट के सिविल वर्क के लिए टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 8 जून है। 16 जून को टेंडर खुलेगा। यह एयरपोर्ट 35.14 करोड़ से बनेगा। टेंडर लेने वाली कंपनी को 15 महीने में काम पूरा करना होगा। प्री-फैब्रिकेटेड स्टील टर्मिनल भवन का निर्माण करना है। इसके अलावा एटीसी टावर, फायर स्टेशन और अन्य निर्माण करना है। इस एयरपोर्ट के बन जाने के बाद सहरसा और आसपास के करीब 20 लाख लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी। इस इलाके के लोग दिल्ली, कोलकाता, मुंबई समेत अन्य शहरों में रहते हैं। अभी इन्हें पूर्णिया या पटना आना होता है। पूर्णिया से देश के सभी शहरों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट नहीं है। इस वजह इन्हें पटना से आना-जाना पड़ता है। यही नहीं इस इलाके के लोग विदेश में काम करते हैं। उन्हें भी विदेश से दिल्ली, कोलकाता, मुंबई आने के बाद सहरसा पहुंचने में सुविधा हो जाएगी। 20 सीट वाला विमान उड़ेगा सहरसा एयरपोर्ट को उड़ान योजना के तहत कनेक्ट किया जाएगा। यह कोड 2 बी टाइप का एयरपोर्ट होगा। यहां से 15-20 सीट वाला छोटा विमान ऑपरेट करेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इसके बन जाने से आपदा के समय यह एयरपोर्ट पीड़ितों को राहत देने में मदद करेगा। कोसी का यह इलाका बाढ़ग्रस्त है। यहां के रनवे की लंबाई 800 मीटर से 1200 मीटर के बीच है। इस एयरपोर्ट से डोरनियर, बीचक्राफ्ट, सेना के बड़े मॉडल के विमान अॉपरेट करेंगे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *