करगिल बस स्टैंड समेत 8 सैरातों के टेंडर जारी:नालंदा में 15 जून को लगेगी तीसरी खुली बोली,​ बकाएदारों की रहेगी ‘नो-एंट्री’

करगिल बस स्टैंड समेत 8 सैरातों के टेंडर जारी:नालंदा में 15 जून को लगेगी तीसरी खुली बोली,​ बकाएदारों की रहेगी ‘नो-एंट्री’

बिहार शरीफ़ नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले करगिल बस पड़ाव और कोसुक मेला सहित कुल आठ सैरातों की बंदोबस्ती के लिए नगर निगम प्रशासन ने तीसरी बार टेंडर जारी किया है। इससे पहले मार्च और अप्रैल महीने में भी बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन किसी भी ठेकेदार के हिस्सा नहीं लेने के कारण नीलामी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगम प्रशासन ने एक बार फिर से इन सैरातों की बंदोबस्ती को लेकर खुली डाक की तिथि घोषित कर दी है। 17 जून को भी नीलामी की कार्रवाई होगी नगर आयुक्त कुमार निशांत विवेक ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम सभागार में 15 जून की सुबह 11 बजे से खुली डाक आयोजित की जाएगी। यदि किसी कारणवश उस दिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है, तो 16 और 17 जून को भी नीलामी की कार्रवाई जारी रहेगी। नीलामी में शामिल होने वाले इच्छुक डाककर्ताओं के लिए एक प्री-बिड मीटिंग भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें बंदोबस्ती के सभी नियम और शर्तों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। निगम ने इस बार नियमों को काफी सख्त कर दिया है। इसके तहत, नगर निगम का किसी भी प्रकार का बकाया रखने वाले व्यक्ति को नीलामी में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, नीलामी में शामिल होने वाले सभी बोलीदाताओं को पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी किया गया नया आचरण प्रमाण पत्र पेश करना अनिवार्य कर दिया गया है। सुरक्षित जमा राशि की बात करें, तो करगिल बस स्टैंड के लिए यह राशि सबसे अधिक 26 लाख 9 हजार 513 रुपये निर्धारित की गई है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि ठेकेदारों को निगम की ओर से तय की गई दर पर ही गाड़ी से शुल्क वसूलना होगा। इसके अलावा स्टैंड परिसर में साफ-सफाई, पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और अतिक्रमण हटाने की पूरी जिम्मेदारी भी ठेकेदार की ही होगी। वहीं, रामचंद्रपुर बस स्टैंड स्थित कैफेटेरिया की बंदोबस्ती लेने वालों के लिए विशेष शर्त रखी गई है, जिसके तहत वहां तैलीय खाद्य पदार्थ बनाने पर सख्त रोक लगाई गई है। नियम का उल्लंघन करने पर तुरंत प्रभाव से लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इस कैफेटेरिया के लिए सुरक्षित जमा राशि 1 लाख 72 हजार 500 रुपये रखी गई है। निगम की ओर से अन्य सार्वजनिक टॉयलेट और मेलों की बंदोबस्ती के लिए भी अलग-अलग सुरक्षित जमा राशि निर्धारित की गई है। इनमें निबंधन कार्यालय के बगल वाले टॉयलेट के लिए 1 लाख 85 हजार 150 रुपये, बाबा मनीराम अखाड़ा स्थित टॉयलेट के लिए 86 हजार 250 रुपये और सदर अस्पताल के सामने स्थित टॉयलेट के लिए 61 हजार 526 रुपये तय किए गए हैं। इसी प्रकार, सब्जी बाजार कटरापर स्थित टॉयलेट की बंदोबस्ती के लिए 58 हजार 650 रुपये, बड़ी दरगाह चेक पोस्ट के निकट बने डिलक्स टॉयलेट के लिए 57 हजार 500 रुपये और कोसुक मेला की बंदोबस्ती के लिए 24 हजार 150 रुपये की सुरक्षित जमा राशि निर्धारित की गई है। बिहार शरीफ़ नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले करगिल बस पड़ाव और कोसुक मेला सहित कुल आठ सैरातों की बंदोबस्ती के लिए नगर निगम प्रशासन ने तीसरी बार टेंडर जारी किया है। इससे पहले मार्च और अप्रैल महीने में भी बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन किसी भी ठेकेदार के हिस्सा नहीं लेने के कारण नीलामी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगम प्रशासन ने एक बार फिर से इन सैरातों की बंदोबस्ती को लेकर खुली डाक की तिथि घोषित कर दी है। 17 जून को भी नीलामी की कार्रवाई होगी नगर आयुक्त कुमार निशांत विवेक ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम सभागार में 15 जून की सुबह 11 बजे से खुली डाक आयोजित की जाएगी। यदि किसी कारणवश उस दिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है, तो 16 और 17 जून को भी नीलामी की कार्रवाई जारी रहेगी। नीलामी में शामिल होने वाले इच्छुक डाककर्ताओं के लिए एक प्री-बिड मीटिंग भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें बंदोबस्ती के सभी नियम और शर्तों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। निगम ने इस बार नियमों को काफी सख्त कर दिया है। इसके तहत, नगर निगम का किसी भी प्रकार का बकाया रखने वाले व्यक्ति को नीलामी में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, नीलामी में शामिल होने वाले सभी बोलीदाताओं को पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी किया गया नया आचरण प्रमाण पत्र पेश करना अनिवार्य कर दिया गया है। सुरक्षित जमा राशि की बात करें, तो करगिल बस स्टैंड के लिए यह राशि सबसे अधिक 26 लाख 9 हजार 513 रुपये निर्धारित की गई है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि ठेकेदारों को निगम की ओर से तय की गई दर पर ही गाड़ी से शुल्क वसूलना होगा। इसके अलावा स्टैंड परिसर में साफ-सफाई, पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और अतिक्रमण हटाने की पूरी जिम्मेदारी भी ठेकेदार की ही होगी। वहीं, रामचंद्रपुर बस स्टैंड स्थित कैफेटेरिया की बंदोबस्ती लेने वालों के लिए विशेष शर्त रखी गई है, जिसके तहत वहां तैलीय खाद्य पदार्थ बनाने पर सख्त रोक लगाई गई है। नियम का उल्लंघन करने पर तुरंत प्रभाव से लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इस कैफेटेरिया के लिए सुरक्षित जमा राशि 1 लाख 72 हजार 500 रुपये रखी गई है। निगम की ओर से अन्य सार्वजनिक टॉयलेट और मेलों की बंदोबस्ती के लिए भी अलग-अलग सुरक्षित जमा राशि निर्धारित की गई है। इनमें निबंधन कार्यालय के बगल वाले टॉयलेट के लिए 1 लाख 85 हजार 150 रुपये, बाबा मनीराम अखाड़ा स्थित टॉयलेट के लिए 86 हजार 250 रुपये और सदर अस्पताल के सामने स्थित टॉयलेट के लिए 61 हजार 526 रुपये तय किए गए हैं। इसी प्रकार, सब्जी बाजार कटरापर स्थित टॉयलेट की बंदोबस्ती के लिए 58 हजार 650 रुपये, बड़ी दरगाह चेक पोस्ट के निकट बने डिलक्स टॉयलेट के लिए 57 हजार 500 रुपये और कोसुक मेला की बंदोबस्ती के लिए 24 हजार 150 रुपये की सुरक्षित जमा राशि निर्धारित की गई है।  

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