BRS News: तेलंगाना विधानसभा में हुए विवाद के बाद BRS नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हैदराबाद पुलिस ने पार्टी के कई बड़े नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें KTR यानी केटी रामा राव, टी. हरीश राव, गंगुला कमलाकर, डी. सुधीर रेड्डी और पाडी कौशिक रेड्डी समेत कई नेता शामिल हैं। वहीं, BRS MLC टी. मधुसूदन राव उर्फ टाटा मधु को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, KTR, हरीश राव और दूसरे BRS नेताओं पर विधानसभा के गेट नंबर-3 पर सुरक्षा व्यवस्था में रुकावट डालने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि नेताओं ने सुरक्षा घेरा पार कर आगे जाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
FIR में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ BRS नेताओं ने सुरक्षाकर्मियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की। पुलिस का दावा है कि महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और कुछ पुलिसकर्मियों को धमकाने के साथ QRT टीम के जवानों को धक्का दिया गया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
स्पीकर पर टिप्पणी को लेकर भी मामला
BRS के दो MLC टाटा मधु और एन. नवीन कुमार रेड्डी पर विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का भी आरोप है। इस मामले में भी पुलिस ने अलग FIR दर्ज की है।
यह शिकायत विधानसभा अध्यक्ष के OSD पोलेपल्ली वेंकटेशम ने की थी। शिकायत के मुताबिक, 7 सितंबर को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मीडिया और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में स्पीकर के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 352 के अलावा SC/ST (अत्याचार निवारण) कानून की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
घर पहुंची पुलिस, टाटा मधु गिरफ्तार
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस टाटा मधु के घर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें नारायणगुडा पुलिस स्टेशन ले जाया गया। हालांकि, BRS ने टाटा मधु पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष का अपमान नहीं किया। BRS के मुताबिक, उनकी टिप्पणी प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ हुए विवाद के संदर्भ में थी।
अब पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। विधानसभा में हुए विवाद के बाद FIR और गिरफ्तारी की कार्रवाई ने तेलंगाना की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर BRS और सरकार के बीच टकराव और बढ़ सकता है।

