‘तेजस्वी अपने समर्थकों को मर्यादा में रखिए, बिहार बदल गया’:हम ने दी चेतावनी; संतोष सुमन बोले- दबंगई का दौर खत्म हो चुका है

‘तेजस्वी अपने समर्थकों को मर्यादा में रखिए, बिहार बदल गया’:हम ने दी चेतावनी; संतोष सुमन बोले- दबंगई का दौर खत्म हो चुका है

गयाजी में रविवार को बराचट्‌टी विधायक और जीतन राम मांझी की समधन ज्योति मांझी के काफिले पर हमला हुआ था। विधायक की शिकायत में कुछ यादवों का भी नाम आया है। मामले को लेकर सोमवार को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के फेसबुक पेज पर ज्योति मांझी के दामाद संतोष सुमन ने पोस्ट कर कहा है, ‘तेजस्वी जी अपने समर्थकों को मर्यादा में रखिए। बिहार में किसी खास जाति की दबंगई का दौर खत्म हो चुका है। अब हर समाज बराबरी, सम्मान और अधिकार के साथ जीना चाहता है। बिहार अब बदल चुका है। दलित समाज अब डरने वाला नहीं, बल्कि अपने सम्मान की रक्षा करना जानता है। अगर जीतन राम मांझी के किसी सिपाही को डराने-धमकाने की कोशिश हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।’
गंभीरा गांव जाते वक्त गांव के युवकों ने किया था हमला दरअसल, गयाजी के मोहनुपुर प्रखंड में रविवार को विधायक ज्योति मांझी गंभीरा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाराचट्टी से गंभीरा जा रही थीं। गंभीरा मुख्य मार्ग कच्ची और सिंगल रोड है। विधायक की गाड़ी के सामने सवारियों से भरी बोलेरो खड़ी हो गई। दोनों गाड़ियों के चालक ने एक दूसरे को किनारे होने को कहा, पर दोनों अपनी जगह पर अड़े रहे। बोलेरो सवार युवकों ने आपा खो दिया और विधायक के सुरक्षा गार्ड और बेटे रूपम से हाथापाई करने लगे। विधायक को गालियां देने लगे। विधायक को गाड़ी से उतारने की भी कोशिश की थी। इस बीच गंभीरा के लोग मौके पर पहुंचे। किसी तरह से मामला शांत कर मौके से विधायक को सुरक्षित निकाला था। इस मामले में विधायक ने लाडू गांव के युवकों के खिलाफ जनालेवा हमला ओर जाति सूचक गालियां देने का आरोप लगाते हुए मोहनपुर थाने में केस दर्ज कराया है। घटना वाले दिन की तस्वीर… गयाजी में रविवार को बराचट्‌टी विधायक और जीतन राम मांझी की समधन ज्योति मांझी के काफिले पर हमला हुआ था। विधायक की शिकायत में कुछ यादवों का भी नाम आया है। मामले को लेकर सोमवार को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के फेसबुक पेज पर ज्योति मांझी के दामाद संतोष सुमन ने पोस्ट कर कहा है, ‘तेजस्वी जी अपने समर्थकों को मर्यादा में रखिए। बिहार में किसी खास जाति की दबंगई का दौर खत्म हो चुका है। अब हर समाज बराबरी, सम्मान और अधिकार के साथ जीना चाहता है। बिहार अब बदल चुका है। दलित समाज अब डरने वाला नहीं, बल्कि अपने सम्मान की रक्षा करना जानता है। अगर जीतन राम मांझी के किसी सिपाही को डराने-धमकाने की कोशिश हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।’
गंभीरा गांव जाते वक्त गांव के युवकों ने किया था हमला दरअसल, गयाजी के मोहनुपुर प्रखंड में रविवार को विधायक ज्योति मांझी गंभीरा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाराचट्टी से गंभीरा जा रही थीं। गंभीरा मुख्य मार्ग कच्ची और सिंगल रोड है। विधायक की गाड़ी के सामने सवारियों से भरी बोलेरो खड़ी हो गई। दोनों गाड़ियों के चालक ने एक दूसरे को किनारे होने को कहा, पर दोनों अपनी जगह पर अड़े रहे। बोलेरो सवार युवकों ने आपा खो दिया और विधायक के सुरक्षा गार्ड और बेटे रूपम से हाथापाई करने लगे। विधायक को गालियां देने लगे। विधायक को गाड़ी से उतारने की भी कोशिश की थी। इस बीच गंभीरा के लोग मौके पर पहुंचे। किसी तरह से मामला शांत कर मौके से विधायक को सुरक्षित निकाला था। इस मामले में विधायक ने लाडू गांव के युवकों के खिलाफ जनालेवा हमला ओर जाति सूचक गालियां देने का आरोप लगाते हुए मोहनपुर थाने में केस दर्ज कराया है। घटना वाले दिन की तस्वीर…  

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