जहानाबाद में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों ने अपनी 27 सूत्री मांगों को लेकर डीईओ कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। शिक्षकों का आरोप है कि उनकी कई मांगों पर शिक्षा विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। मोर्चा के सदस्य सत्येंद्र प्रसाद ने बताया कि नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में आवासीय भत्ता (HRA) सरकार के निर्देशानुसार 10% और 7.5% की जगह केवल 5% दिया जा रहा है, जबकि इस मुद्दे पर कई बार चर्चा हो चुकी है। रिटायरमेंट का भुगतान नहीं मिला शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि कई शिक्षकों की सर्विस बुक सालों से कार्यालय में जमा है, लेकिन उनका निर्धारण नहीं किया गया है। साथ ही, कई सालों से शिक्षकों के एरियर का भुगतान भी लंबित है। सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों को भी उनके रिटायरमेंट का भुगतान नहीं मिला है। शिक्षकों का कहना है कि डीईओ कार्यालय में बिना उचित प्रक्रिया के काम नहीं हो रहा है और शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर ‘घेरा डालो एवं डेरा डालो’ कार्यक्रम के तहत यह धरना दिया जा रहा है। अनुपस्थिति को लेकर भी शिक्षकों ने नाराजगी व्यक्त की शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहेंगे। धरने के दौरान डीईओ कार्यालय से पदाधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर भी शिक्षकों ने नाराजगी व्यक्त की। बड़ी संख्या में शिक्षक इस प्रदर्शन में शामिल हुए। जहानाबाद में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों ने अपनी 27 सूत्री मांगों को लेकर डीईओ कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। शिक्षकों का आरोप है कि उनकी कई मांगों पर शिक्षा विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। मोर्चा के सदस्य सत्येंद्र प्रसाद ने बताया कि नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में आवासीय भत्ता (HRA) सरकार के निर्देशानुसार 10% और 7.5% की जगह केवल 5% दिया जा रहा है, जबकि इस मुद्दे पर कई बार चर्चा हो चुकी है। रिटायरमेंट का भुगतान नहीं मिला शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि कई शिक्षकों की सर्विस बुक सालों से कार्यालय में जमा है, लेकिन उनका निर्धारण नहीं किया गया है। साथ ही, कई सालों से शिक्षकों के एरियर का भुगतान भी लंबित है। सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों को भी उनके रिटायरमेंट का भुगतान नहीं मिला है। शिक्षकों का कहना है कि डीईओ कार्यालय में बिना उचित प्रक्रिया के काम नहीं हो रहा है और शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। इन्हीं मुद्दों को लेकर ‘घेरा डालो एवं डेरा डालो’ कार्यक्रम के तहत यह धरना दिया जा रहा है। अनुपस्थिति को लेकर भी शिक्षकों ने नाराजगी व्यक्त की शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहेंगे। धरने के दौरान डीईओ कार्यालय से पदाधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर भी शिक्षकों ने नाराजगी व्यक्त की। बड़ी संख्या में शिक्षक इस प्रदर्शन में शामिल हुए।


