अब बिजली उपभोक्ताओं के डेटा से टैक्स चोरी पटना नगर निगम पकड़ेगा। दरअसल, आज पटना नगर निगम की 11वीं बोर्ड बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में 11 से अधिक अहम प्रस्तावों पर चर्चा होगी। मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सभी 75 पार्षद मौजूद रहेंगे और स्टैंडिंग की बैठक में स्वीकृत किए गए एजेंडे को इस बैठक में पास किया जाएगा। सशक्त स्थाई समिति के चुनाव के बाद ये पहली बैठक है। इसमें गए चुने गए मेंबर विभिन्न विकास परियोजनाओं को लेकर चर्चा करेंगे। इस बैठक में हंगामा के भी आसार हैं। 1.84 लाख नए भवन आएंगे दायरे में राजधानी मेें बिजली कनेक्शन के मदद से नए सिरे से टैक्स निर्धारण किया जाएगा। पटना नगर निगम ने इसके लिए रणनीति तैयार की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रॉपर्टी टैक्स का दायरा बढ़ाया जाएगा। दरअसल, बीते वित्तीय वर्ष में 125 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के बाद इस बार 200 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स वसूलने का लक्ष्य रखा है। शहर में करीब 5.95 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जबकि नगर निगम के रिकॉर्ड में सिर्फ 3.06 लाख संपत्तियां ही दर्ज हैं। एक से अधिक मीटर वाले भवनों की संख्या को हटाकर भी करीब 1.84 लाख भवन ऐसे हैं, जो अब तक टैक्स के दायरे से बाहर हैं। इस अभियान के बाद रजिस्टर्ड संपत्तियों की संख्या बढ़कर 4.90 लाख पहुंचने की उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि बिजली कनेक्शन अधिक लेकर सब्सिडी का लाभ लिया जा रहा है। लेकिन, भवन में फ्लोर बढ़ने के बाद भी टैक्स नहीं दे रहे हैं। पीएम एकता मॉल के निर्माण के लिए नई जगह पर मिलेगी NOC इस बैठक में विज्ञापन नियमावली, करीब 4866 स्थायी और अस्थायी सफाई कर्मियों को दो-दो सेट वर्दी देने के लिए 1.37 करोड़ रुपये के बजट पर अंतिम मुहर लगेगी। इसके साथ ही, शहर में पेयजल के लिए नए समरसेबल और हाई यील्ड बोरिंग कराने और पीएम एकता मॉल के निर्माण के लिए नई जगह को एनओसी देने पर भी फैसला होगा। संपतचक प्रखंड में बिजली ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण के लिए पावर ट्रांसमिशन कंपनी को 323.4 डिसमिल जमीन ट्रांसफर करने के प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया जाएगा। प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का जिम्मा अब निजी एजेंसी को टैक्स चोरी रोकने और वसूली व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नगर निगम पहली बार किसी निजी एजेंसी की मदद लेने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव को आज की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा रहा है। नई एजेंसी को मुख्य रूप से टैक्स के दायरे से बाहर छूटे हुए नए भवनों का कर निर्धारण करने, बकाया राजस्व वसूलने, नए टैक्स पेयर्स की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगीव इस प्रस्ताव को सशक्त स्थायी समिति की बैठक से पास किया गया है। अब बिजली उपभोक्ताओं के डेटा से टैक्स चोरी पटना नगर निगम पकड़ेगा। दरअसल, आज पटना नगर निगम की 11वीं बोर्ड बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में 11 से अधिक अहम प्रस्तावों पर चर्चा होगी। मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सभी 75 पार्षद मौजूद रहेंगे और स्टैंडिंग की बैठक में स्वीकृत किए गए एजेंडे को इस बैठक में पास किया जाएगा। सशक्त स्थाई समिति के चुनाव के बाद ये पहली बैठक है। इसमें गए चुने गए मेंबर विभिन्न विकास परियोजनाओं को लेकर चर्चा करेंगे। इस बैठक में हंगामा के भी आसार हैं। 1.84 लाख नए भवन आएंगे दायरे में राजधानी मेें बिजली कनेक्शन के मदद से नए सिरे से टैक्स निर्धारण किया जाएगा। पटना नगर निगम ने इसके लिए रणनीति तैयार की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रॉपर्टी टैक्स का दायरा बढ़ाया जाएगा। दरअसल, बीते वित्तीय वर्ष में 125 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के बाद इस बार 200 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स वसूलने का लक्ष्य रखा है। शहर में करीब 5.95 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जबकि नगर निगम के रिकॉर्ड में सिर्फ 3.06 लाख संपत्तियां ही दर्ज हैं। एक से अधिक मीटर वाले भवनों की संख्या को हटाकर भी करीब 1.84 लाख भवन ऐसे हैं, जो अब तक टैक्स के दायरे से बाहर हैं। इस अभियान के बाद रजिस्टर्ड संपत्तियों की संख्या बढ़कर 4.90 लाख पहुंचने की उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि बिजली कनेक्शन अधिक लेकर सब्सिडी का लाभ लिया जा रहा है। लेकिन, भवन में फ्लोर बढ़ने के बाद भी टैक्स नहीं दे रहे हैं। पीएम एकता मॉल के निर्माण के लिए नई जगह पर मिलेगी NOC इस बैठक में विज्ञापन नियमावली, करीब 4866 स्थायी और अस्थायी सफाई कर्मियों को दो-दो सेट वर्दी देने के लिए 1.37 करोड़ रुपये के बजट पर अंतिम मुहर लगेगी। इसके साथ ही, शहर में पेयजल के लिए नए समरसेबल और हाई यील्ड बोरिंग कराने और पीएम एकता मॉल के निर्माण के लिए नई जगह को एनओसी देने पर भी फैसला होगा। संपतचक प्रखंड में बिजली ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण के लिए पावर ट्रांसमिशन कंपनी को 323.4 डिसमिल जमीन ट्रांसफर करने के प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया जाएगा। प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का जिम्मा अब निजी एजेंसी को टैक्स चोरी रोकने और वसूली व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नगर निगम पहली बार किसी निजी एजेंसी की मदद लेने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव को आज की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा रहा है। नई एजेंसी को मुख्य रूप से टैक्स के दायरे से बाहर छूटे हुए नए भवनों का कर निर्धारण करने, बकाया राजस्व वसूलने, नए टैक्स पेयर्स की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगीव इस प्रस्ताव को सशक्त स्थायी समिति की बैठक से पास किया गया है।


