तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान खत्म हुए छह दिन बीत चुके हैं। 23 अप्रैल को हुई रिकॉर्ड 84.9 प्रतिशत वोटिंग के बाद अब पूरे राज्य की सांसें थमी हुई हैं।
आज 29 अप्रैल को शाम 6:30 बजे के बाद जब एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आएंगे, तो पहली बार अंदाजा लगेगा कि एमके स्टालिन की डीएमके फिर सत्ता में लौटेगी या एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस) की एआईएडीएमके पुरानी ताकत दिखाएगी।
बीच में अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलागा वेट्री कझगम (टीवीके) ने पूरा खेल बिगाड़ दिया है। ग्राउंड लेवल की रिपोर्ट्स और पिछले ओपिनियन पोल्स में साफ दिख रहा है कि टीवीके खासकर युवाओं, शहरी इलाकों और उत्तर तमिलनाडु में अच्छी वोट कटौती कर रही है।
डीएमके की उम्मीदें और चुनौतियां
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इस बार कल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भरोसा जताते हुए मैदान में उतरे थे। उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन को भी आगे बढ़ाया गया।
सरकार के कामों को लेकर डीएमके को भरोसा है कि वह 140-150 सीटों के आसपास पहुंच सकती है। लेकिन महंगाई, भ्रष्टाचार के आरोप और कुछ पुरानी नीतियों से नाराजगी भी वोटरों में दिख रही है।
| सर्वे एजेंसी | डीएमके/कांग्रेस | एआईडीएमके/बीजेपी | टीवीके/अन्य |
|---|---|---|---|
| ABP-CVoter | |||
| Times Now-ETG | |||
| Republic-PMARQ | |||
| India Today-My Axis |
एआईएडीएमके की वापसी की कोशिश
ईपीएस ने पश्चिमी तमिलनाडु को अपना गढ़ बनाए रखने की पूरी कोशिश की। उन्होंने डीएमके पर हमलावर रुख अपनाया। अगर एआईएडीएमके 90-110 सीटों तक पहुंच जाती है तो सत्ता की दौड़ में बनी रहेगी।
हालांकि पार्टी के अंदरूनी कलह का असर भी पड़ सकता है।विजय का जादू और युवा वोटसबसे ज्यादा चर्चा अभिनेता विजय और उनकी टीवीके पार्टी को लेकर है। पहली बार चुनाव लड़ रही इस पार्टी ने युवा वोटर्स और पहली बार वोट डालने वालों में खासा असर दिखाया।
चेन्नई, कोयंबटूर जैसे शहरों में उनकी रैलियां भारी भीड़ खींचीं। कुछ अनुमानों में टीवीके को 10-25 सीटें मिलने का अंदेशा है, जो किसी भी बड़े दल के लिए वोट काट सकती है।
क्या कहते हैं शुरुआती संकेत?
एग्जिट पोल से पहले के ट्रेंड्स में डीएमके गठबंधन को थोड़ी बढ़त दिख रही है, लेकिन टीवीके के कारण यह बढ़त पतली भी हो सकती है। भाजपा ने भी कुछ सीटों पर दांव खेला है। एग्जिट पोल सिर्फ शुरुआती संकेत हैं।
असली फैसला 4 मई को वोटों की गिनती के बाद ही सामने आएगा। फिर भी आज शाम के आंकड़े पूरे राज्य की राजनीति का मूड तय कर देंगे। तमिलनाडु की जनता ने किस तरफ झुकाव दिखाया, यह जानने के लिए अब सिर्फ कुछ घंटों का इंतजार है।


