तमिलनाडु में थेनी की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने 13-वर्षीय एक लड़की को धमकाने, उसकी अश्लील तस्वीरें खींचने और उसका यौन उत्पीड़न करने के मामले में दो लोगों को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। यौन उत्पीड़न के अपराध के कारण लड़की गर्भवती हो गयी थी। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की विशेष अदालत के न्यायाधीश एझिल ने बुधवार को उथमापालयम तालुक के एक गांव के रहने वाले दोनों आरोपियों- राजा पेरुमल (38) और अय्यासामी (56) को इस अपराध का दोषी पाया और प्रत्येक पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जुर्माना न चुकाने पर उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त जेल होगी। यह अपराध 2023 में उस वक्त सामने आया था जब पीड़िता के माता-पिता उसे एक बीमारी के कारण स्थानीय अस्पताल ले गए। चिकित्सकीय परीक्षण से पता चला कि लड़की गर्भवती है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया था।
माता-पिता द्वारा पूछे जाने पर पीड़िता ने खुलासा किया कि राजा पेरुमल और अय्यासामी ने उसका यौन शोषण किया था। उसके माता-पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद उथमापालयम महिला पुलिस थाने ने मामला दर्ज किया और दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया था। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश एझिल ने पॉक्सो अधिनियम की धारा-छह के तहत 20 साल के कठोर कारावास और 10,000 रुपये का जुर्माना, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 450 के तहत 10 साल की कैद और 5,000 रुपये का जुर्माना, तथा आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत एक महीने की कैद और 5,000 रुपये का जुर्माना सुनाया।
न्यायाधीश ने आदेश दिया कि जेल की सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अतिरिक्त, अदालत ने तमिलनाडु सरकार को पीड़िता को सात लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया। फैसला आने के बाद पुलिस ने दोषी व्यक्तियों को मदुरै केंद्रीय कारागार पहुंचाया।

