Surya Chauhan Murder Case Update: गाजियाबाद के खोड़ा में बकरीद के दिन हुए सूर्या चौहान हत्याकांड (Surya Chauhan Murder) की वारदात के बाद जिला प्रशासन ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख (Action Against Illegal Activities) अपनाया है। सूर्या मर्डर (Surya Murder) केस में पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बाद अब अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
तीन अवैध मदरसे सील
सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद गाजियाबाद जिला प्रशासन ने ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत खोड़ा क्षेत्र में अवैध मदरसों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और लॉ एंड आर्डर बनाए रखने के लिए अवैध मदरसों पर कार्रवाई की है। जिला प्रशासन ने ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत 3 मदरसों को सील कर दिया है। अब इन मदरसों को संचालित नहीं किया जा सकेगा।
खोड़ा में ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ जारी
गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में पूरे राज्य में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में खोड़ा में ‘क्लीन स्वीप’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने इस अभियान के तहत संपत्तियों, मकान मालिकों, किरायेदारों और निवासियों का विस्तृत सत्यापन किया है। इस अभियान का उद्देश्य किसी भी अवैध गतिविधि की पहचान करना और कानूनी एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं का अनुपालन सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जांच के बाद 3 ऐसे मदरसे पाए गए जो मदरसा बोर्ड में पंजीकृत नहीं थे। इसलिए इन तीनों को सील किया जा रहा है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक कि पूरी तरह से सत्यापन नहीं हो जाता। अभियान के दौरान प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल-उलूम को सील कर दिया। जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि यह मदरसा बोर्ड से पंजीकरण कराए बिना चल रहा था।
तीन लक्ष्यों पर चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’
गाजियाबाद के अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन क्लीन स्वीप को खोड़ा में निगरानी और प्रवर्तन कानून को मजबूत करने के उद्देश्य से 3 प्रमुख लक्ष्यों के इर्द-गिर्द तैयार किया गया है। पहले चरण में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों और अन्य संदिग्धों की घर-घर जाकर पहचान की जाती है।
दूसरे चरण में पहचाने गए अपराधियों को पुलिस थानों में बुलाया जाता है और भविष्य में आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए उन्हें कड़ी चेतावनी जारी की जाती है। इस अभियान का तीसरा पहलू उन व्यक्तियों की पहचान करना है, जो सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल हैं।
सत्यापन के बाद ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव किया जाएगा। इस अभियान के तहत, अधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी को मजबूत करने और अपराध और गैरकानूनी गतिविधियों के प्रति प्रशासन के जीरो टॉलरेंस वाले दृष्टिकोण के बारे में स्पष्ट संदेश देने के लिए खोड़ा में एक बड़े पैमाने पर ध्वज मार्च भी आयोजित किया।


