मोतिहारी में लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने और अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एसपी स्वर्ण प्रभात ने शुक्रवार देर शाम छतौनी और नगर थाना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक-एक कर सभी लंबित कांडों की समीक्षा की और संबंधित अनुसंधानकर्ताओं (आईओ) से केस की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। समीक्षा बैठक में सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार, प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ कुमार तथा सर्किल इंस्पेक्टर भी मौजूद रहे। तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया
समीक्षा के दौरान एसपी ने अनुसंधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। नगर थाना के दो आईओ द्वारा जांच में सुस्ती पाए जाने पर उनके वेतन पर रोक लगा दी गई, जबकि एक अनुपस्थित आईओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट तौर पर कहा कि किसी भी मामले के अनुसंधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी आईओ को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से अनुसंधान पूरा करने का निर्देश दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाना आवश्यक
उन्होंने जोर दिया कि केस डायरी का नियमित अपडेट, साक्ष्य संग्रहण और आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाना आवश्यक है। एसपी ने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, एसपी ने थानाध्यक्षों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि क्षेत्र में बढ़ रही बाइक चोरी, गृह भेदन और चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए। उन्होंने गश्ती व्यवस्था को मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। शराबबंदी कानून को लेकर भी एसपी ने सख्त रुख अपनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की शराब से संबंधित शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसपी ने दोहराया कि कानून का सख्ती से पालन कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। मोतिहारी में लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने और अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एसपी स्वर्ण प्रभात ने शुक्रवार देर शाम छतौनी और नगर थाना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक-एक कर सभी लंबित कांडों की समीक्षा की और संबंधित अनुसंधानकर्ताओं (आईओ) से केस की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। समीक्षा बैठक में सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार, प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ कुमार तथा सर्किल इंस्पेक्टर भी मौजूद रहे। तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया
समीक्षा के दौरान एसपी ने अनुसंधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। नगर थाना के दो आईओ द्वारा जांच में सुस्ती पाए जाने पर उनके वेतन पर रोक लगा दी गई, जबकि एक अनुपस्थित आईओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट तौर पर कहा कि किसी भी मामले के अनुसंधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी आईओ को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से अनुसंधान पूरा करने का निर्देश दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाना आवश्यक
उन्होंने जोर दिया कि केस डायरी का नियमित अपडेट, साक्ष्य संग्रहण और आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाना आवश्यक है। एसपी ने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, एसपी ने थानाध्यक्षों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि क्षेत्र में बढ़ रही बाइक चोरी, गृह भेदन और चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए। उन्होंने गश्ती व्यवस्था को मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। शराबबंदी कानून को लेकर भी एसपी ने सख्त रुख अपनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की शराब से संबंधित शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसपी ने दोहराया कि कानून का सख्ती से पालन कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।


