Bihar News: सीवान में शादी की अगली ही रात एक दूल्हे गुड्डू महतो की मौत हो गई। देर रात घर की बिजली ठीक करने के दौरान करंट लगने से उसकी मौत हुई। इस हादसे के पहले घर में जहां शादी की वजह से खुशी का माहौल था, वहां अब मातम मनाया जा रहा है।
Bihar News: बिहार के सीवान जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में स्थित नगाई गांव में एक दुर्घटना ने एक खुशहाल परिवार की खुशियों को गहरे शोक में बदल दिया है। यहां अपनी शादी की अगली ही रात एक नवविवाहित युवक की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान ध्रुप महतो के इकलौते बेटे गुड्डू महतो के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से नवविवाहिता दुल्हन का रो-रोकर बुरा हाल है, जिसके हाथों की मेहंदी का रंग अभी फीका भी नहीं पड़ा था कि उसका सुहाग उजड़ गया।
14 मई को हुई थी शादी
इस घटना के संबंध में परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने बताया कि गुड्डू महतो की बारात 14 मई को बड़े ही धूमधाम और शान-शौकत के साथ गई थी। जहां रात में शादी की रस्में हुईं और अगले दिन 15 मई की सुबह दुल्हन की विदाई के बाद बारात उनके अपने गांव नगाई लौट आई। शुक्रवार की शाम को हंसी-मजाक और हल्के-फुल्के माहौल के बीच नवविवाहित जोड़े के बीच पारंपरिक ‘कंगन छुड़ाने’ की रस्म पूरी की गई। घर की महिलाओं ने नए जोड़े को आशीर्वाद दिया और रस्म पूरी होने के बाद शादी की लंबी रस्मों से थका हुआ पूरा परिवार रात का खाना खाकर सोने चला गया।
बिजली का झटका लगने से मौत
परिवार के सदस्यों के अनुसार शुक्रवार देर रात घर की बिजली अचानक चली गई। मई महीने की तेज गर्मी और उमस के कारण नवविवाहित गुड्डू ने खुद ही बिजली के बोर्ड और वायरिंग की जांच करने लगा ताकि उसकी दुल्हन को किसी तरह की परेशानी न हो। इसी दौरान वह नंगे तारों की चपेट में आ गया और उसे हाई-वोल्टेज करंट का जोरदार झटका लगा। गुड्डू की चीखें सुनकर परिवार के सदस्य उसकी मदद के लिए दौड़े और उसे आनन-फानन में पास के एक अस्पताल ले गए। हालांकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हाथों की मेहंदी भी नहीं सूखी थी और विधवा हो गई दुल्हन
इस दर्दनाक हादसे ने एक झटके में एक लड़की की पूरी दुनिया उजाड़ दी। दुल्हन के हाथों की मेहंदी अभी सूखी भी नहीं थी, शादी की अगली ही रात पति की इस तरह अचानक मौत की खबर ने उसे गहरे सदमे में डाल दिया है। वह बार-बार बदहवास और बेसुध हो रही है। इस दुखद घटना से गांव के लोग भी सन्न हैं कि जिस चौखट को पार करके दुल्हन ने ठीक एक दिन पहले घर में प्रवेश किया था, ठीक उसी चौखट से अगले ही दिन उसके दूल्हे की अर्थी बाहर निकाली गई।
माता-पिता का इकलौता सहारा था गुड्डू
गुड्डू अपने बुज़ुर्ग माता-पिता का इकलौता बेटा था। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वो राज्य के बाहर एक निजी कंपनी में काम करता था और उसकी कमाई से ही पूरे परिवार का गुजारा चलता था। वह खास तौर पर अपनी शादी के लिए छुट्टी लेकर घर आया था। वह विशेष रूप से अपनी ही शादी के लिए छुट्टी लेकर घर लौटा था। इकलौते चिराग की असमय मौत से माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने भारी मन और अत्यंत गमगीन माहौल में बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।


