जहानाबाद में पंचायत सचिवों की हड़ताल, कामकाज ठप:अंचल कार्यालय आने वाले लोग परेशान, सरकारी सेवाएं प्रभावित

जहानाबाद में पंचायत सचिवों की हड़ताल, कामकाज ठप:अंचल कार्यालय आने वाले लोग परेशान, सरकारी सेवाएं प्रभावित

जहानाबाद में सरकारी कामकाज पर हड़ताल का व्यापक असर दिख रहा है। अंचल अधिकारियों (सीओ) और राजस्व कर्मचारियों के बाद अब पंचायत सचिव भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे गांवों से लेकर प्रखंड और अंचल कार्यालयों तक सभी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर पंचायत सचिवों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। उनकी पांच सूत्रीय मांगों में गृह जिले में पदस्थापना, ग्रेड पे में वृद्धि, यात्रा भत्ता, पदोन्नति में 56 वर्ष की आयु सीमा समाप्त करना और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इस हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। पंचायत स्तर पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन संबंधी प्रक्रियाएं, राशन कार्ड बनवाना और उनमें सुधार जैसे आवश्यक कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायतों में चल रही विकास योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में असुविधा बढ़ गई है। स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई है क्योंकि राजस्व कर्मचारी पहले से ही हड़ताल पर थे। उनके कार्यों का अतिरिक्त दायित्व पंचायत सचिवों को सौंपा गया था। अब पंचायत सचिवों के भी हड़ताल पर जाने से प्रखंड और अंचल कार्यालयों में कामकाज लगभग पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीण अपने कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि निजी कार्य से पटना में रहने के बावजूद उन्हें जरूरी काम के लिए लगातार जहानाबाद आना पड़ रहा है, लेकिन कोई समाधान नहीं मिल रहा। वहीं, बुजुर्ग सूरदास ने कहा कि वे पिछले दो वर्षों से जमीन संबंधी मामले को लेकर परेशान हैं और अब हड़ताल के कारण उनकी चिंता और बढ़ गई है। फिलहाल, हड़ताल जारी रहने से आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। जहानाबाद में सरकारी कामकाज पर हड़ताल का व्यापक असर दिख रहा है। अंचल अधिकारियों (सीओ) और राजस्व कर्मचारियों के बाद अब पंचायत सचिव भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे गांवों से लेकर प्रखंड और अंचल कार्यालयों तक सभी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर पंचायत सचिवों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। उनकी पांच सूत्रीय मांगों में गृह जिले में पदस्थापना, ग्रेड पे में वृद्धि, यात्रा भत्ता, पदोन्नति में 56 वर्ष की आयु सीमा समाप्त करना और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इस हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। पंचायत स्तर पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन संबंधी प्रक्रियाएं, राशन कार्ड बनवाना और उनमें सुधार जैसे आवश्यक कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायतों में चल रही विकास योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में असुविधा बढ़ गई है। स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई है क्योंकि राजस्व कर्मचारी पहले से ही हड़ताल पर थे। उनके कार्यों का अतिरिक्त दायित्व पंचायत सचिवों को सौंपा गया था। अब पंचायत सचिवों के भी हड़ताल पर जाने से प्रखंड और अंचल कार्यालयों में कामकाज लगभग पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीण अपने कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि निजी कार्य से पटना में रहने के बावजूद उन्हें जरूरी काम के लिए लगातार जहानाबाद आना पड़ रहा है, लेकिन कोई समाधान नहीं मिल रहा। वहीं, बुजुर्ग सूरदास ने कहा कि वे पिछले दो वर्षों से जमीन संबंधी मामले को लेकर परेशान हैं और अब हड़ताल के कारण उनकी चिंता और बढ़ गई है। फिलहाल, हड़ताल जारी रहने से आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।  

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