ऐतिहासिक मलमास मेले में उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने जू-सफारी से लेकर घोड़ाकटोरा तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। विश्व शांति स्तूप, नेचर सफारी और जेपी उद्यान जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इस बार सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए विशेष खाका तैयार किया गया है, ताकि आने वाले किसी भी व्यक्ति को असुविधा का सामना न करना पड़े। राजगीर जू सफारी के निदेशक राम सुन्दर एम. और डीएफओ राजकुमार एम. ने संयुक्त रूप से अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मेले के दौरान पर्यटन स्थलों पर भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सुविधाओं में कोई कोताही न बरती जाए। अग्नि सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम पर सबसे अधिक ध्यान भीषण गर्मी के मौजूदा प्रकोप को देखते हुए इस बार प्रशासन का सबसे अधिक ध्यान अग्नि सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम पर है। जू-सफारी और आसपास के घने वन क्षेत्रों में आग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए फायर सेफ्टी विभाग को हाई-अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में त्वरित राहत दल की तैनाती की गई है और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों को पेट्रोलिंग के काम में लगाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन्य क्षेत्रों और ऐतिहासिक स्मारकों के पास भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस बल के साथ-साथ समन्वयकों की भी मदद ली जाएगी ताकि धक्का-मुक्की या जाम की स्थिति पैदा न हो। इस बार स्वच्छता और वन्यजीव संरक्षण पर भी विशेष जोर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ इस बार स्वच्छता और वन्यजीव संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मेला क्षेत्र में पर्यावरण के मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और कचरा प्रबंधन के लिए विशेष टीमें सक्रिय रहेंगी। पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए वेणुवन, सोन भंडार और जरासंध अखाड़ा जैसे पौराणिक स्थलों पर भी पुलिस की गश्ती तेज कर दी गई है। प्रशासन की ओर से की गई इन व्यापक तैयारियों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे वे बिना किसी भय या बाधा के राजगीर की गौरवशाली विरासत और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकें। ऐतिहासिक मलमास मेले में उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने जू-सफारी से लेकर घोड़ाकटोरा तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। विश्व शांति स्तूप, नेचर सफारी और जेपी उद्यान जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इस बार सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए विशेष खाका तैयार किया गया है, ताकि आने वाले किसी भी व्यक्ति को असुविधा का सामना न करना पड़े। राजगीर जू सफारी के निदेशक राम सुन्दर एम. और डीएफओ राजकुमार एम. ने संयुक्त रूप से अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मेले के दौरान पर्यटन स्थलों पर भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सुविधाओं में कोई कोताही न बरती जाए। अग्नि सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम पर सबसे अधिक ध्यान भीषण गर्मी के मौजूदा प्रकोप को देखते हुए इस बार प्रशासन का सबसे अधिक ध्यान अग्नि सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम पर है। जू-सफारी और आसपास के घने वन क्षेत्रों में आग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए फायर सेफ्टी विभाग को हाई-अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में त्वरित राहत दल की तैनाती की गई है और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों को पेट्रोलिंग के काम में लगाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन्य क्षेत्रों और ऐतिहासिक स्मारकों के पास भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस बल के साथ-साथ समन्वयकों की भी मदद ली जाएगी ताकि धक्का-मुक्की या जाम की स्थिति पैदा न हो। इस बार स्वच्छता और वन्यजीव संरक्षण पर भी विशेष जोर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ इस बार स्वच्छता और वन्यजीव संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मेला क्षेत्र में पर्यावरण के मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और कचरा प्रबंधन के लिए विशेष टीमें सक्रिय रहेंगी। पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए वेणुवन, सोन भंडार और जरासंध अखाड़ा जैसे पौराणिक स्थलों पर भी पुलिस की गश्ती तेज कर दी गई है। प्रशासन की ओर से की गई इन व्यापक तैयारियों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे वे बिना किसी भय या बाधा के राजगीर की गौरवशाली विरासत और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकें।


