विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के पास साल के अंत तक नंदी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मंदिर में ग्राउंड लेवल तक काम पूरा हो गया है। अरघा भी इसी साल बनकर तैयार हो जाएगा। अब नंदी का निर्माण कराने के लिए आयोध्या में रामलला की मूर्ति बनाने वाले कलाकार अरूण योगीराज से संपर्क किया गया है। एक सप्ताह के अंदर अरूण योगीराज विराट रामायण मंदिर का दौरा कर सकते हैं। सावन में रूद्राभिषेक की होगी व्यवस्था इस बार यहां सावन में रूद्राभिषेक की भी व्यवस्था होगी। विराट रामायण मंदिर में रूद्राभिषेक के लिए पहले से बुकिंग करानी होगी। बुकिंग के अनुसार ही रूद्राभिषेक के लिए समय का स्लॉट मिलेगा। महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा है। मंदिर का निर्माण करने वाली एजेंसी को कुल 46315.73 क्यूबिक मीटर निर्माण करना है, जिसमें अप्रैल 2026 तक 14135.10 क्यूबिक मीटर ही निर्माण कार्य हुआ है। अगर निर्माण एजेंसी द्वारा काम में तेजी नहीं लाई गई तो काम के लिए किसी और एजेंसी की भी मदद ली जा सकती है। मंदिर के बाऊंड्री के निर्माण कार्य के लिए टेंडर दिया जा चुका है। मंदिर परिसर में 18 शिखर और 22 मंदिर का निर्माण होगा विराट रामायण मंदिर पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। श्री महावीर स्थान न्यास समिति द्वारा जानकीनगर (कैथवलिया) में 120 एकड़ में निर्माण हो रहा है। मंदिर परिसर में 18 शिखर और 22 मंदिर का निर्माण होगा। इसके साथ ही यहां एक साथ 20 हजार भक्तों के बड़े हॉल में बैठने की व्यवस्था होगी। पटना से विराट रामायण दूरी 120 किलोमीटर है। विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग (33 फीट) का मंदिर परिसर में स्थापित हो गया है। प्रतिदिन 4000 से 5000 हजार भक्त शिवलिंग पूजा और दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के पास साल के अंत तक नंदी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मंदिर में ग्राउंड लेवल तक काम पूरा हो गया है। अरघा भी इसी साल बनकर तैयार हो जाएगा। अब नंदी का निर्माण कराने के लिए आयोध्या में रामलला की मूर्ति बनाने वाले कलाकार अरूण योगीराज से संपर्क किया गया है। एक सप्ताह के अंदर अरूण योगीराज विराट रामायण मंदिर का दौरा कर सकते हैं। सावन में रूद्राभिषेक की होगी व्यवस्था इस बार यहां सावन में रूद्राभिषेक की भी व्यवस्था होगी। विराट रामायण मंदिर में रूद्राभिषेक के लिए पहले से बुकिंग करानी होगी। बुकिंग के अनुसार ही रूद्राभिषेक के लिए समय का स्लॉट मिलेगा। महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा है। मंदिर का निर्माण करने वाली एजेंसी को कुल 46315.73 क्यूबिक मीटर निर्माण करना है, जिसमें अप्रैल 2026 तक 14135.10 क्यूबिक मीटर ही निर्माण कार्य हुआ है। अगर निर्माण एजेंसी द्वारा काम में तेजी नहीं लाई गई तो काम के लिए किसी और एजेंसी की भी मदद ली जा सकती है। मंदिर के बाऊंड्री के निर्माण कार्य के लिए टेंडर दिया जा चुका है। मंदिर परिसर में 18 शिखर और 22 मंदिर का निर्माण होगा विराट रामायण मंदिर पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। श्री महावीर स्थान न्यास समिति द्वारा जानकीनगर (कैथवलिया) में 120 एकड़ में निर्माण हो रहा है। मंदिर परिसर में 18 शिखर और 22 मंदिर का निर्माण होगा। इसके साथ ही यहां एक साथ 20 हजार भक्तों के बड़े हॉल में बैठने की व्यवस्था होगी। पटना से विराट रामायण दूरी 120 किलोमीटर है। विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग (33 फीट) का मंदिर परिसर में स्थापित हो गया है। प्रतिदिन 4000 से 5000 हजार भक्त शिवलिंग पूजा और दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं।


