राज्य सरकार तय करे मेडिकल प्रवेश की प्रक्रिया, नीट परीक्षा निरस्त करे सरकार, कर्नाटक सीएम की केंद्र से बड़ी मांग

राज्य सरकार तय करे मेडिकल प्रवेश की प्रक्रिया, नीट परीक्षा निरस्त करे सरकार, कर्नाटक सीएम की केंद्र से बड़ी मांग

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पूरी तरह निरस्त कर वर्ष 2015 से पहले की मेडिकल प्रवेश व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्यों को मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अपनी सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीइटी) आयोजित करने का अधिकार वापस दिया जाना चाहिए। गुरुवार को बेंगलूरु में युवा कांग्रेस की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट परीक्षा में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं और यह परीक्षा पारदर्शी तरीके से आयोजित नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, हमारी मांग है कि नीट परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए और राज्यों को पहले की तरह मेडिकल कोर्सों के लिए सीइटी आयोजित करने की अनुमति दी जाए। हम खुद परीक्षा करवाएंगे।

पीएम मोदी देश से माफी मांगे – सिद्दारमैया

सिद्दारमैया ने कहा कि बार-बार होने वाली गड़बड़ियों के कारण प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि नीट में हुई अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और मामले की जांच तय समय सीमा में पूरी की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रशासनिक विफलता के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को देश से माफी मांगनी चाहिए।

पीएम के विदेश दौरें पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार एक राष्ट्रीय परीक्षा को भी पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा, बार-बार पेपर लीक की घटनाएं यह साबित करती हैं कि केंद्र सरकार को परीक्षा संचालन की क्षमता नहीं है। प्रशासनिक विफलता के कारण नीट-यूजी 2026 को रद्द करने की नौबत आ गई। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एक ओर छात्र तनाव और निराशा का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व को देश की ज्वलंत समस्याओं की चिंता नहीं है और केंद्र सरकार बेरोजगारी जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान पर ध्यान नहीं दे रही।

युवाओं को आरएसएस से दूर रहने की सलाह दी

सिद्दारमैया ने आगे कहा कि देश के युवाओं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के भ्रामक प्रचार से दूर रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है, ताकि छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली में फिर से बहाल किया जा सके। बता दें कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को बेंगलूरु में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) से जवाबदेही तय करने की मांग की।

सीएम समते कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए

शहर के फ्रीडम पार्क में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, कांग्रेस महासचिव एवं प्रदेश मामलों के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, कई मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सिद्दारमैया और सुरजेवाला अन्य नेताओं के साथ पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड लिखा टी-शर्ट जारी किया। वहीं कुछ नेताओं ने मैं भी कॉकरोच लिखा टी-शर्ट भी हाथों में थाम रखा था। प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष मंजूनाथ गौड़ा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और पेपर लीक मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

शिक्षा व्यवस्था को माफिया के हवाले कर दिया – सुरजेवाला

सभा को संबोधित करते हुए सुरजेवाला ने भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को पेपर लीक माफिया और शिक्षा माफिया के हवाले कर दिया है। उन्होंने कहा, पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। नीट समेत कई प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सुरजेवाला ने मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह परीक्षा प्रणाली में लगातार विफलता का संकेत है।

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