महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से शुक्रवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और दहला देने वाली घटना सामने आई है। सिंदेवाही तहसील के गुंजेवाही इलाके में तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गईं 13 महिलाओं पर अचानक एक बाघ ने हमला कर दिया। इस भयावह हमले में चार महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और तनाव का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, गर्मियों का मौसम शुरू होते ही इलाके की महिलाएं अपनी आजीविका के लिए जंगलों में तेंदूपत्ता इकट्ठा करने जाती हैं। तेंदूपत्ता का इस्तेमाल बीड़ी बनाने में होता है। आज (22 मई) की सुबह भी गुंजेवाही गांव की कुछ महिलाएं रोज की तरह जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने पहुंची थीं।
अचानक किया हमला, संभलने का भी नहीं मिला मौका
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 8 बजे जंगल में घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक महिलाओं के समूह पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिलाओं को संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिला और बाघ ने लगातार हमला करते हुए चार महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया।
इस हमले में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान कवडूबाई दादाजी मोहुर्ले (45), अनुबाई दादाजी मोहुर्ले (46), सुनीता कौशिक मोहुर्ले (33) और संगीता संतोष चौधरी (36) के रूप में हुई है। चार महिलाओं की एक साथ मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
गांव में पसरा मातम, अधिकारी मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही सिंदेवाही की वन परिक्षेत्र अधिकारी (RFO) अंजली सायंकर वन विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस और वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। इलाके में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों को फिलहाल जंगल में अकेले न जाने की सलाह दी गई है।
एक ही हमले में चार महिलाओं की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि आदमखोर बने इस बाघ को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, ताकि आगे कोई और हादसा न हो।
इस घटना ने एक बार फिर तेंदूपत्ता सीजन के दौरान जंगलों में काम करने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिंदेवाही समेत पूरे चंद्रपुर क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है।


