जिले के सदर प्रखंड और सदर थाना जाने वाले मुख्य मार्ग पर वर्षों से जलजमाव है। जिसको लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। भीषण गर्मी के बावजूद घुटने भर पानी के बीच स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। रविवार को आंदोलन ने उस समय और जोर पकड़ लिया जब दरभंगा नगर निगम की डिप्टी मेयर नाजिया हसन भी आंदोलन स्थल पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठ गईं। डिप्टी मेयर नाजिया हसन ने जलजमाव की समस्या को लेकर कहा कि यदि किसी मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के आगमन की सूचना मिलती है तो प्रशासन 24 घंटे क्या, 24 मिनट में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर देता है, लेकिन 25 वर्षों से जलजमाव की समस्या झेल रहे लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। जलजमाव की कुछ तस्वीरें… घरों में कैद होने को मजबूर लोग
स्थानीय प्रशांत, रमेश, राकेश के अनुसार सदर थाना और सदर प्रखंड कार्यालय को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर करीब 25 वर्षों से 3 से 4 फीट तक पानी जमा रहता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से प्रतिदिन हजारों लोग सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों तक पहुंचते हैं, लेकिन जलजमाव के कारण उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीजों को अस्पताल ले जाने में परेशानी होती है, जबकि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई परिवार बरसात के दिनों में खुद को घरों में “हाउस अरेस्ट” जैसी स्थिति में महसूस करते हैं। सड़क पर जमा पानी के कारण आवागमन लगभग ठप हो जाता है।
भोलू यादव के नेतृत्व में शुरू हुआ आंदोलन राजद नेता सह वार्ड पार्षद भोलू यादव ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नगर विधायक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आवास, सदर थाना और सदर प्रखंड है, वहीं की सड़कें वर्षों से जलजमाव की समस्या से जूझ रही हैं।
भोलू यादव ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पूरे बिहार में घूम-घूमकर विकास की बातें करते हैं और लोगों की समस्याओं के समाधान का दावा करते हैं, लेकिन उन्हें पहले अपने विधानसभा क्षेत्र की स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके आवास से महज आधा किलोमीटर दूर सड़क पर सालों से तीन से चार फीट पानी जमा रहता है, जिससे लोगों का जीवन नारकीय बन गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह समस्या आज की नहीं बल्कि कई वर्षों पुरानी है। दरभंगा की जनता ने लगातार छह बार उन्हें विधायक चुना, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि करीब 10 हजार की आबादी इस जलजमाव से प्रभावित है।
जब तक समस्या खत्म नहीं होती अनशन जारी रहेगा भोलू ने कहा कि 11 सूत्री मांगें हैं, जिनमें सबसे प्रमुख मांग सड़क पर वर्षों से जमा तीन-चार फीट पानी की निकासी और स्थायी समाधान हो। उन्होंने कहा कि यह समस्या करीब 25 वर्षों से बनी हुई है और अब इसके समाधान के लिए उन्होंने आमरण अनशन का रास्ता चुना है।
भोलू यादव ने स्पष्ट कहा कि जब तक जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक वह अनशन स्थल से नहीं उठेंगे। उन्होंने कहा, “चाहे मेरी जान ही क्यों न चली जाए, लेकिन समस्या का समाधान हुए बिना मैं यहां से नहीं हटूंगा।”
जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विभागों को मिलकर काम करना होगा- डिप्टी मेयर डिप्टी मेयर ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की समस्या का समाधान कब और कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है। अधिकारियों को खुद यहां आकर हालात देखने चाहिए। इलाके के पास सदर थाना, सदर प्रखंड कार्यालय, अस्पताल और कई प्रतिष्ठित लोगों के आवास हैं। रोज हजारों लोगों का यहां आना-जाना होता है, सभी जलजमाव से परेशान हैं। डिप्टी मेयर नाजिया हसन ने कहा कि वह साढ़े तीन साल से दरभंगा की उप महापौर हूं। नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक में ही मैंने स्पष्ट कहा था कि किसी एक व्यक्ति के प्रयास से विकास संभव नहीं है। सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा, तभी दरभंगा में वास्तविक विकास और परिवर्तन दिखाई देगा। अधिकांश लोग केवल अपनी-अपनी राजनीति करने में लगे हैं, जबकि जनता की समस्याओं के समाधान की ओर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नगर विधायक या सांसद चाह लें तो इस समस्या का समाधान संभव है, लेकिन किसी की रुचि नहीं दिख रही है।
जल निकासी की कई बार मांग उठाई डिप्टी मेयर ने कहा कि मैंने कई बार लिखित रूप से नगर निगम की जमीनों अतिक्रमण को हटाने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। केवल पंप लगाकर पानी निकालना स्थायी समाधान नहीं है। इसके लिए व्यवस्थित नाला निर्माण और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था जरूरी है।
नगर विधायक लगातार छह बार से निर्वाचित हो रहे हैं, लेकिन अब तक क्षेत्र की इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं हो सका है। लोगों को उम्मीद थी कि इस बार हालात बदलेंगे, लेकिन बारिश शुरू होने से पहले ही क्षेत्र की स्थिति बदतर बनी हुई है। घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर जमा है, न तो पर्याप्त नालियां हैं और न ही पानी निकास की कोई समुचित व्यवस्था।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
भूख हड़ताल स्थल पर मोहन यादव, गंगा यादव, संतोष कुमार, वासुदेव कुमार, पवन यादव, प्रवीण ठाकुर, कुमार गौरव राज, संतोष कुमार चौधरी, सुनील कुमार, सुमन, दीप नारायण पासवान, रामबाबू यादव, दीपक चौधरी, राहुल कुमार चौधरी, सूरज कुमार चौधरी और सोनू कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि वर्षों से जलजमाव की समस्या उनकी जिंदगी को प्रभावित कर रही है। यदि प्रशासन जल्द कोई कार्रवाई नहीं करता है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
स्थायी समाधान की मांग
आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि सदर प्रखंड और सदर थाना जाने वाले मार्ग पर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, नालों की सफाई कराई जाए और सड़क को जलजमाव मुक्त बनाने के लिए विशेष योजना तैयार की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सड़क की समस्या नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवाओं और आम जनजीवन से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए सरकार और प्रशासन को इसे प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए। जिले के सदर प्रखंड और सदर थाना जाने वाले मुख्य मार्ग पर वर्षों से जलजमाव है। जिसको लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। भीषण गर्मी के बावजूद घुटने भर पानी के बीच स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। रविवार को आंदोलन ने उस समय और जोर पकड़ लिया जब दरभंगा नगर निगम की डिप्टी मेयर नाजिया हसन भी आंदोलन स्थल पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठ गईं। डिप्टी मेयर नाजिया हसन ने जलजमाव की समस्या को लेकर कहा कि यदि किसी मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के आगमन की सूचना मिलती है तो प्रशासन 24 घंटे क्या, 24 मिनट में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर देता है, लेकिन 25 वर्षों से जलजमाव की समस्या झेल रहे लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। जलजमाव की कुछ तस्वीरें… घरों में कैद होने को मजबूर लोग
स्थानीय प्रशांत, रमेश, राकेश के अनुसार सदर थाना और सदर प्रखंड कार्यालय को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर करीब 25 वर्षों से 3 से 4 फीट तक पानी जमा रहता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से प्रतिदिन हजारों लोग सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों तक पहुंचते हैं, लेकिन जलजमाव के कारण उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीजों को अस्पताल ले जाने में परेशानी होती है, जबकि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई परिवार बरसात के दिनों में खुद को घरों में “हाउस अरेस्ट” जैसी स्थिति में महसूस करते हैं। सड़क पर जमा पानी के कारण आवागमन लगभग ठप हो जाता है।
भोलू यादव के नेतृत्व में शुरू हुआ आंदोलन राजद नेता सह वार्ड पार्षद भोलू यादव ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नगर विधायक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आवास, सदर थाना और सदर प्रखंड है, वहीं की सड़कें वर्षों से जलजमाव की समस्या से जूझ रही हैं।
भोलू यादव ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पूरे बिहार में घूम-घूमकर विकास की बातें करते हैं और लोगों की समस्याओं के समाधान का दावा करते हैं, लेकिन उन्हें पहले अपने विधानसभा क्षेत्र की स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके आवास से महज आधा किलोमीटर दूर सड़क पर सालों से तीन से चार फीट पानी जमा रहता है, जिससे लोगों का जीवन नारकीय बन गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह समस्या आज की नहीं बल्कि कई वर्षों पुरानी है। दरभंगा की जनता ने लगातार छह बार उन्हें विधायक चुना, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि करीब 10 हजार की आबादी इस जलजमाव से प्रभावित है।
जब तक समस्या खत्म नहीं होती अनशन जारी रहेगा भोलू ने कहा कि 11 सूत्री मांगें हैं, जिनमें सबसे प्रमुख मांग सड़क पर वर्षों से जमा तीन-चार फीट पानी की निकासी और स्थायी समाधान हो। उन्होंने कहा कि यह समस्या करीब 25 वर्षों से बनी हुई है और अब इसके समाधान के लिए उन्होंने आमरण अनशन का रास्ता चुना है।
भोलू यादव ने स्पष्ट कहा कि जब तक जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक वह अनशन स्थल से नहीं उठेंगे। उन्होंने कहा, “चाहे मेरी जान ही क्यों न चली जाए, लेकिन समस्या का समाधान हुए बिना मैं यहां से नहीं हटूंगा।”
जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विभागों को मिलकर काम करना होगा- डिप्टी मेयर डिप्टी मेयर ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की समस्या का समाधान कब और कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है। अधिकारियों को खुद यहां आकर हालात देखने चाहिए। इलाके के पास सदर थाना, सदर प्रखंड कार्यालय, अस्पताल और कई प्रतिष्ठित लोगों के आवास हैं। रोज हजारों लोगों का यहां आना-जाना होता है, सभी जलजमाव से परेशान हैं। डिप्टी मेयर नाजिया हसन ने कहा कि वह साढ़े तीन साल से दरभंगा की उप महापौर हूं। नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक में ही मैंने स्पष्ट कहा था कि किसी एक व्यक्ति के प्रयास से विकास संभव नहीं है। सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा, तभी दरभंगा में वास्तविक विकास और परिवर्तन दिखाई देगा। अधिकांश लोग केवल अपनी-अपनी राजनीति करने में लगे हैं, जबकि जनता की समस्याओं के समाधान की ओर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नगर विधायक या सांसद चाह लें तो इस समस्या का समाधान संभव है, लेकिन किसी की रुचि नहीं दिख रही है।
जल निकासी की कई बार मांग उठाई डिप्टी मेयर ने कहा कि मैंने कई बार लिखित रूप से नगर निगम की जमीनों अतिक्रमण को हटाने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। केवल पंप लगाकर पानी निकालना स्थायी समाधान नहीं है। इसके लिए व्यवस्थित नाला निर्माण और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था जरूरी है।
नगर विधायक लगातार छह बार से निर्वाचित हो रहे हैं, लेकिन अब तक क्षेत्र की इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं हो सका है। लोगों को उम्मीद थी कि इस बार हालात बदलेंगे, लेकिन बारिश शुरू होने से पहले ही क्षेत्र की स्थिति बदतर बनी हुई है। घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर जमा है, न तो पर्याप्त नालियां हैं और न ही पानी निकास की कोई समुचित व्यवस्था।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
भूख हड़ताल स्थल पर मोहन यादव, गंगा यादव, संतोष कुमार, वासुदेव कुमार, पवन यादव, प्रवीण ठाकुर, कुमार गौरव राज, संतोष कुमार चौधरी, सुनील कुमार, सुमन, दीप नारायण पासवान, रामबाबू यादव, दीपक चौधरी, राहुल कुमार चौधरी, सूरज कुमार चौधरी और सोनू कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि वर्षों से जलजमाव की समस्या उनकी जिंदगी को प्रभावित कर रही है। यदि प्रशासन जल्द कोई कार्रवाई नहीं करता है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
स्थायी समाधान की मांग
आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि सदर प्रखंड और सदर थाना जाने वाले मार्ग पर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, नालों की सफाई कराई जाए और सड़क को जलजमाव मुक्त बनाने के लिए विशेष योजना तैयार की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सड़क की समस्या नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवाओं और आम जनजीवन से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए सरकार और प्रशासन को इसे प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए।


