SSB ने सीमावर्ती महिलाओं के लिए सिलाई ट्रेनिंग किया शुरू:कार्यक्रम में 20 युवतियां ले रहीं ट्रेनिंग, आत्मनिर्भर बनाने का टारगेट

SSB ने सीमावर्ती महिलाओं के लिए सिलाई ट्रेनिंग किया शुरू:कार्यक्रम में 20 युवतियां ले रहीं ट्रेनिंग, आत्मनिर्भर बनाने का टारगेट

अररिया में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 52वीं बटालियन ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ मिलकर एक नागरिक कल्याण कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत सीमावर्ती क्षेत्र की युवतियों और महिलाओं के लिए 31 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस प्रशिक्षण का मकसद सीमावर्ती क्षेत्र की महिलाओं को सिलाई का हुनर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। साथ ही, उन्हें खुद का रोजगार शुरू करने में मदद करना है। इस कार्यक्रम में सीमावर्ती क्षेत्र की कुल 20 युवतियां और महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। SSB के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे प्रशिक्षण के दौरान, हिस्सा लेने वाली महिलाओं को सिलाई से जुड़े अलग-अलग तरीके और प्रैक्टिकल जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, ये महिलाएं अपने स्तर पर सिलाई का काम शुरू करके कमाई का जरिया बना सकेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत के मौके पर 52वीं बटालियन एसएसबी के कमांडेंट मितुल कुमार ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों की महिलाओं और युवतियों को हुनर सिखाना नागरिक कल्याण की दिशा में एक जरूरी कदम है। ऐसे प्रशिक्षण से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है। महिलाओं को बेहतर मौके देने का प्रयास इस मौके पर 52वीं बटालियन के उप कमांडेंट उदय कुमार और विनोद मीणा भी मौजूद थे। भारतीय स्टेट बैंक की ओर से निदेशक किशोर कुमार यादव, संकाय सदस्य श्री राम मोहन, शशांक शेखर, ऋषि कुमार और दीनदयाल समेत अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। एसएसबी ने बताया कि नागरिक कल्याण कार्यक्रम के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को अलग-अलग तरह के हुनर सिखाने और लोगों की भलाई के कामों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। टैलेंट का इस्तेमाल कर आगे बढ़ने का मिलेगा मौका महिला सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम भी इसी कोशिश का हिस्सा है। इस प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार और खुद का काम शुरू करने के बेहतर मौके देने का प्रयास किया जा रहा है। स्थनीय स्तर पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनके परिवार की आय बढ़ाने में भी मदद कर सकते हैं। 31 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, हिस्सा लेने वाली महिलाओं को सिलाई में अपने हुनर का इस्तेमाल कर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। अररिया में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 52वीं बटालियन ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ मिलकर एक नागरिक कल्याण कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत सीमावर्ती क्षेत्र की युवतियों और महिलाओं के लिए 31 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस प्रशिक्षण का मकसद सीमावर्ती क्षेत्र की महिलाओं को सिलाई का हुनर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। साथ ही, उन्हें खुद का रोजगार शुरू करने में मदद करना है। इस कार्यक्रम में सीमावर्ती क्षेत्र की कुल 20 युवतियां और महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। SSB के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे प्रशिक्षण के दौरान, हिस्सा लेने वाली महिलाओं को सिलाई से जुड़े अलग-अलग तरीके और प्रैक्टिकल जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, ये महिलाएं अपने स्तर पर सिलाई का काम शुरू करके कमाई का जरिया बना सकेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत के मौके पर 52वीं बटालियन एसएसबी के कमांडेंट मितुल कुमार ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों की महिलाओं और युवतियों को हुनर सिखाना नागरिक कल्याण की दिशा में एक जरूरी कदम है। ऐसे प्रशिक्षण से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है। महिलाओं को बेहतर मौके देने का प्रयास इस मौके पर 52वीं बटालियन के उप कमांडेंट उदय कुमार और विनोद मीणा भी मौजूद थे। भारतीय स्टेट बैंक की ओर से निदेशक किशोर कुमार यादव, संकाय सदस्य श्री राम मोहन, शशांक शेखर, ऋषि कुमार और दीनदयाल समेत अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। एसएसबी ने बताया कि नागरिक कल्याण कार्यक्रम के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को अलग-अलग तरह के हुनर सिखाने और लोगों की भलाई के कामों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। टैलेंट का इस्तेमाल कर आगे बढ़ने का मिलेगा मौका महिला सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम भी इसी कोशिश का हिस्सा है। इस प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार और खुद का काम शुरू करने के बेहतर मौके देने का प्रयास किया जा रहा है। स्थनीय स्तर पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनके परिवार की आय बढ़ाने में भी मदद कर सकते हैं। 31 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, हिस्सा लेने वाली महिलाओं को सिलाई में अपने हुनर का इस्तेमाल कर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।  

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