देशभर में जंगली जानवरों को पकड़कर उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों को बेचने वाले गिरोह में एमपी का भी एक गिरोह सामने आया है। डीआरआई (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) ने देशभर में दस दिन के अंतराल में की गई कार्रवाई में सीधी में एक तेंदुए की खाल के साथ तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की है। इनके पास से एक और तेंदुए की खाल की बरामदगी गिरफ्तारी के बाद भी अब तक नहीं हो सकी है। एमपी में तेंदुए की खाल के साथ गिरफ्तार युवकों के संबंध सीधी, मऊगंज और यूपी के बलिया जिले से हैं। पीआईबी के अनुसार पिछले 10 दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई 6 कार्रवाई में दो तेंदुए की खाल, 180 जिंदा इंडियन स्टार कछुए, 12 जिंदा टोके गेको, करीब 24 किलो पैंगोलिन के शल्क और 500 ग्राम बाघ की हड्डियां बरामद हुई हैं। इन मामलों में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह बात सामने आई है कि कछुओं को कपड़े की 6 थैलियों में छिपाकर ले जाया जा रहा था, तो बोलेरो और महिंद्रा थार जैसे वाहनों से वन्यजीवों के अंगों की तस्करी हो रही थी। DRI ने वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के साथ मिलकर ये कार्रवाई की। चालीस लाख से एक करोड़ तक में सौदा इस कार्रवाई के बाद सीधी जिले के वन विभाग के एसडीओ ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि डीआरआई भोपाल से आई टीम की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि सीधी में पकड़े गए आरोपी बड़े तेंदुए की खाल बेचने की बात कर रहे थे। यह सौदा व्यापारी को दिखाते समय हो रहा था और तीस लाख, चालीस लाख और एक करोड़ तक के सौदे की चर्चा इनके द्वारा सीधी में एक मैरिज गार्डन और होटल में की जा रही थी। इस बीच आरोपियों को शक हुआ को थार गाड़ी में रखी गई खाल दिखाने को कहा गया और बाद में एक तेंदुए की खाल बरामद कर आरोपी गिरफ्तार किए गए। एसडीओ के अनुसार डीआऱआई की टीम कह रही थी कि दो खालें हैं लेकिन मिली एक ही है। बताया गया कि पकड़े गए आरोपी मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र के रहने वाले वीरादेही अनमोल सिंह, नन्हीं गांव का अभिषेक सिंह, लल्लन सिंह भी है। लल्लन आदिवासी है। ये फंदा लगाकर शिकार करते हैं। यहीं पर अभिषेक सिंह का फार्म हाउस है। अनमोल सिंह के संपर्क में रहने वाला सुंदरम मास्टर माइंड है जो बलिया का रहने वाला है। इसमें नागपुर की एक महिला का भी नाम शामिल बताया जाता है। टीम का दावा है कि यह नेटवर्क मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली तक फैला हुआ है। आरोपियों द्वारा पूछताछ के दौरान सुंदरम बलिया (बिहार), अंजली नागपाल (नागपुर, महाराष्ट्र) एवं दिल्ली निवासी राम बिहारी के नाम भी सामने आए है। सीधी डीएफओ ने शिकार में प्रयुक्त हथियार जब्त होने की जानकारी दी वन मंडल अधिकारी सामान्य वन मण्डल सीधी के अनुसार 5 सितंबर 2026 को डीआरआई भोपाल यूनिट द्वारा सीधी शहर में थार गाड़ी से दो युवकों को एक तेंदुए की खाल के साथ पकड़ा गया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ग्राम धनुहीनार पोस्ट बीरादेही तहसील हनुमना, जिला मऊगंज स्थित क्षेत्र में तेन्दुए का शिकार किया था। इनके कब्जे से तेंदुए के शिकार में प्रयुक्त सामग्री खूंटी, तार, चाकू आदि बरामद किए गए। उधऱ इसी मामले में एसडीओ वन मंडल सीधी ने कहा कि डीआरआई ने दो तेंदुओं की खाल होने की बात कही थी। फिलहाल एक ही मिल सकी है। दूसरे छोटे तेंदुआ की खाल भी बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।

