Spain Train Accident: स्पेन में लाल सिग्नल के बावजूद दौड़ी ट्रेन! 80 साल में हुए कई भीषण रेल हादसे, 2026 की दो त्रासदियों ने फिर डराया

Spain Train Accident: स्पेन में लाल सिग्नल के बावजूद दौड़ी ट्रेन! 80 साल में हुए कई भीषण रेल हादसे, 2026 की दो त्रासदियों ने फिर डराया

Spain High-Speed Train Crash: यूरोप की आधुनिक रेल व्यवस्था में शुमार स्पेन का हाई-स्पीड रेल नेटवर्क अब एक भीषण हादसे के कारण सवालों के घेरे में है। मध्य स्पेन के टोलेडो प्रांत में दो यात्री ट्रेनों की टक्कर ने 68 लोगों की जान ले ली, जबकि दर्जनों यात्री अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रेल सुरक्षा प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ी और लाल सिग्नल के बावजूद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति मिलने के बीच संभावित संबंध की जांच हो रही है।

Spain High-Speed Train Crash: सिग्नल लाल था, फिर भी आगे बढ़ी ट्रेन

स्पेन के टोलेडो प्रांत में बुधवार सुबह करीब 8:54 बजे हुए रेल हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। अंतरराष्ट्रीय समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, राज्य संचालित रेलवे कंपनी रेन्फे (RENFE) की ट्रेन आगे पटरी पर रुकी इर्यो (IRYO) की ट्रेन से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई डिब्बे पटरी से उतर गए और मलबा दूर तक बिखर गया।

रेल अवसंरचना संचालक एडीआईएफ (ADIF) के अनुसार, दोनों ट्रेनें मैड्रिड से दक्षिण की ओर सेविले जा रही थीं। हादसे में कम से कम 68 लोगों की मौत हुई, जबकि क्षेत्रीय प्रशासन ने 58 घायलों के अस्पतालों में उपचाराधीन होने की जानकारी दी। दुर्घटना के समय रेन्फे ट्रेन में 397 और इर्यो ट्रेन में 147 यात्री सवार थे।

Spain Railway Accident 2026: तकनीकी खराबी के बाद क्या हुआ?

स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने बताया कि कंप्यूटर संचार प्रणाली में गड़बड़ी के कारण करीब 63 किलोमीटर के रेलखंड पर सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इस दौरान प्रणाली ने ट्रेनों को स्वतः रोक दिया था। मंत्री के अनुसार, बाद में रेन्फे की ट्रेन को लाल सिग्नल के बावजूद आगे बढ़ने की अनुमति मिली।

मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि एडीआईएफ ने प्रणाली का नियंत्रण मैन्युअल तरीके से संभाला था। जांचकर्ताओं को यह पता लगाना है कि ट्रेन को आगे जाने की मंजूरी किस आधार पर दी गई और क्या गलत निर्देशों ने दुर्घटना में भूमिका निभाई। हालांकि, अधिकारियों ने अभी हादसे का अंतिम कारण घोषित नहीं किया है।

रेल कर्मचारी संघ सीएसआईएफ ने जांच पूरी होने से पहले किसी अधिकारी को दोषी ठहराने से बचने की अपील की है। संघ ने संबंधित रेल यातायात अधिकारी के प्रति निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया है।

Spain Train Accident: स्पेन के प्रमुख रेल हादसे: एक नजर में

वर्ष दुर्घटनास्थल हादसे का विवरण मृतकों की संख्या प्रमुख कारण / स्थिति
2026 उर्दा, टोलेडो रेन्फे और इर्यो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर कम से कम 68 जांच जारी; सिग्नल और संचार प्रणाली में संभावित गड़बड़ी
2026 एडामुज, कोर्डोबा इर्यो ट्रेन पटरी से उतरकर रेन्फे ट्रेन से टकराई 46 पटरी या रेल-जोड़ में खराबी की आशंका
2013 सैंटियागो दे कॉम्पोस्टेला तेज रफ्तार ट्रेन पटरी से उतरी 80 तीखे मोड़ पर निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार
2004 मैड्रिड कम्यूटर ट्रेनों में बम विस्फोट 193 आतंकवादी हमला; रेल दुर्घटना नहीं
1972 एल क्यूर्वो काडिज और सेविले के बीच दो ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर 86 ऐतिहासिक रिपोर्टों के अनुसार रेल टक्कर
1944 टोरे डेल बिएर्सो तीन ट्रेनों से जुड़ी भीषण दुर्घटना संख्या विवादित ऐतिहासिक रिकॉर्ड में मृतकों की संख्या को लेकर मतभेद

यात्रियों ने सुनाई खौफनाक आपबीती

दुर्घटना उर्दा और लॉस येबेनेस कस्बों के बीच हुई। आसपास फैले जैतून के खेतों के बीच पटरी के किनारे बिखरे डिब्बों और सामान ने बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया। राहतकर्मियों ने क्षतिग्रस्त डिब्बों से यात्रियों को बाहर निकाला और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की।

रेन्फे ट्रेन में सफर कर रहे यात्री इग्नासियो रेलान्यो ने स्पेन के सरकारी प्रसारक टीवीई को बताया कि ट्रेन पहले अचानक धीमी हुई और फिर जोरदार टक्कर लगी। झटके से डिब्बा एक ओर झुक गया। यात्रियों का सामान और मोबाइल फोन इधर-उधर बिखर गए।

Spain High-Speed Train Crash: लगातार हादसों से बढ़ी चिंता

इस दुर्घटना ने स्पेन के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जनवरी में दक्षिणी स्पेन के कोर्डोबा प्रांत में हुई एक अन्य रेल दुर्घटना में 46 लोगों की जान गई थी। बार्सिलोना के पास एक अलग हादसे में भी ट्रेन चालक की मौत हुई थी।

प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने घटनास्थल का दौरा किया और तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक ही वर्ष में दो बड़े हाई-स्पीड रेल हादसों का होना बेहद चिंताजनक है।

गौरतलब है कि स्पेन ने 1992 में अपनी हाई-स्पीड रेल सेवा शुरू की थी। आज देश में लगभग 3,900 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल नेटवर्क है। अब जांच का सबसे अहम पहलू यह है कि आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से लैस इस व्यवस्था में लाल सिग्नल के बावजूद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति कैसे मिली।

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