समस्तीपुर के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बथुआ वार्ड-16 मोहल्ला में पिता-बेटे के विवाद की सूचना पर पहुंची डायल-112 नंबर टीम के दरोगा बीके सिंह पर शराब के नशे में होने का आरोप लगा है। नशे की हालत में पंचायत प्रतिनिधि से अभद्र व्यवहार करने की बात कही गई है। इस दौरान डायल 112 के अन्य कर्मियों ने उन्हें गाड़ी में बैठाकर मौके से तेज गति से गाड़ी को भगाया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। मामले की जानकारी के बाद यातायात डीएसपी आशीष कुमार जांच के लिए पहुंचे । आरोपी दरोगा का मेडिकल जांच भी कराया गया है। मेडिकल जांच में शराब के नशे में होने की पुष्टि की गई है। जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसपी ने कहा कि उन्हें कोर्ट में भी पेश किया जाएगा और उन पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। चर्चा यह भी है कि इस दौरान डायल 112 के पुलिसकर्मी की ओर से ग्रामीणों पर कार्बाइन भी ताना गया। जिसका वीडियो भी अब सामने आ रहा है। बाप-बेटे के बीच विवाद हुआ था दरअसल, थाना क्षेत्र के बथुआ वार्ड 16 मोहल्ला में बाप-बेटे के बीच विवाद हो रहा था, जिस कारण पंचायत के वार्ड प्रतिनिधि चंदन कुमार चौधरी ने मामले की जानकारी मुसरीघरारी थाने की पुलिस को दी । जिसके बाद मौके पर डायल-112 नंबर की टीम पहुंची। पुलिस गाड़ी में दरोगा बीके सिंह के साथ अन्य पुलिसकर्मी भी थे। गाड़ी से उतरते ही वह लड़खड़ा रहे थे और वार्ड प्रतिनिधि के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। शुरू में तो लोगों ने व्यवहार को इग्नोर किया, लेकिन बात बढ़ाने के बाद लोग आक्रोशित हो उठे और मामले की जानकारी एसपी के अलावा डीएसपी और उन पुलिसकर्मी को दी। मामला बिगड़ता देख डायल 112 के ड्राइवर ने विके सिंह को गाड़ी में बैठा लिया और गाड़ी को वहां से भगाया। इस दौरान ग्रामीणों ने जब उनकी गाड़ी को रोकी, तो वहां से पुलिसकर्मी उतरकर ग्रामीण पर कार्बाइन दिखाना शुरू कर दिया, जिस कारण लोग और आक्रोशित हो गए। हालांकि चालक ने तेज गति से गाड़ी को भागाकर थाने ले आया। ग्रामीणों का कहना है कि इस दौरान दो-तीन लोगों को चोटें भी आई है। प्रभारी थाना अध्यक्ष को मौके पर भेजा बाद में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ बीच रात थाने पर पहुंच गई और मामले की शिकायत की। जिसके बाद प्रभारी थाना अध्यक्ष को मौके पर भेजा गया है। डायल 112 के पदाधिकारी बीके सिंह शराब के नशे में पाए गए। जिला मुख्यालय से डीएसपी आशीष कुमार को भी जांच के लिए भेजा गया। आरोप को देखते हुए दरोगा की मेडिकल जांच सदस्य अस्पताल में कराया गया, तो उनका अल्कोहलिक लेवल 52 पाया गया। इसके बाद उन्हें उसी थाने के हाजत में बंद किया गया है और उन पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि शराब को लेकर बनाए गए कानून सभी के लिए एक समान है। दरोगा शराब के नशे में पाए गए हैं। मेडिकल जांच में भी उनके अल्कोहलिक होने की पुष्टि की गई है। उन्हें डिटेन कर लिया गया है। उन पर प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी और कोर्ट में उन्हें पेश किया जाएगा। साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। समस्तीपुर के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बथुआ वार्ड-16 मोहल्ला में पिता-बेटे के विवाद की सूचना पर पहुंची डायल-112 नंबर टीम के दरोगा बीके सिंह पर शराब के नशे में होने का आरोप लगा है। नशे की हालत में पंचायत प्रतिनिधि से अभद्र व्यवहार करने की बात कही गई है। इस दौरान डायल 112 के अन्य कर्मियों ने उन्हें गाड़ी में बैठाकर मौके से तेज गति से गाड़ी को भगाया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। मामले की जानकारी के बाद यातायात डीएसपी आशीष कुमार जांच के लिए पहुंचे । आरोपी दरोगा का मेडिकल जांच भी कराया गया है। मेडिकल जांच में शराब के नशे में होने की पुष्टि की गई है। जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसपी ने कहा कि उन्हें कोर्ट में भी पेश किया जाएगा और उन पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। चर्चा यह भी है कि इस दौरान डायल 112 के पुलिसकर्मी की ओर से ग्रामीणों पर कार्बाइन भी ताना गया। जिसका वीडियो भी अब सामने आ रहा है। बाप-बेटे के बीच विवाद हुआ था दरअसल, थाना क्षेत्र के बथुआ वार्ड 16 मोहल्ला में बाप-बेटे के बीच विवाद हो रहा था, जिस कारण पंचायत के वार्ड प्रतिनिधि चंदन कुमार चौधरी ने मामले की जानकारी मुसरीघरारी थाने की पुलिस को दी । जिसके बाद मौके पर डायल-112 नंबर की टीम पहुंची। पुलिस गाड़ी में दरोगा बीके सिंह के साथ अन्य पुलिसकर्मी भी थे। गाड़ी से उतरते ही वह लड़खड़ा रहे थे और वार्ड प्रतिनिधि के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। शुरू में तो लोगों ने व्यवहार को इग्नोर किया, लेकिन बात बढ़ाने के बाद लोग आक्रोशित हो उठे और मामले की जानकारी एसपी के अलावा डीएसपी और उन पुलिसकर्मी को दी। मामला बिगड़ता देख डायल 112 के ड्राइवर ने विके सिंह को गाड़ी में बैठा लिया और गाड़ी को वहां से भगाया। इस दौरान ग्रामीणों ने जब उनकी गाड़ी को रोकी, तो वहां से पुलिसकर्मी उतरकर ग्रामीण पर कार्बाइन दिखाना शुरू कर दिया, जिस कारण लोग और आक्रोशित हो गए। हालांकि चालक ने तेज गति से गाड़ी को भागाकर थाने ले आया। ग्रामीणों का कहना है कि इस दौरान दो-तीन लोगों को चोटें भी आई है। प्रभारी थाना अध्यक्ष को मौके पर भेजा बाद में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ बीच रात थाने पर पहुंच गई और मामले की शिकायत की। जिसके बाद प्रभारी थाना अध्यक्ष को मौके पर भेजा गया है। डायल 112 के पदाधिकारी बीके सिंह शराब के नशे में पाए गए। जिला मुख्यालय से डीएसपी आशीष कुमार को भी जांच के लिए भेजा गया। आरोप को देखते हुए दरोगा की मेडिकल जांच सदस्य अस्पताल में कराया गया, तो उनका अल्कोहलिक लेवल 52 पाया गया। इसके बाद उन्हें उसी थाने के हाजत में बंद किया गया है और उन पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि शराब को लेकर बनाए गए कानून सभी के लिए एक समान है। दरोगा शराब के नशे में पाए गए हैं। मेडिकल जांच में भी उनके अल्कोहलिक होने की पुष्टि की गई है। उन्हें डिटेन कर लिया गया है। उन पर प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी और कोर्ट में उन्हें पेश किया जाएगा। साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।


