फिरोजाबाद में शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें प्रशासन को ज्ञापन देने जाने से पहले ही उनके घरों पर रोक दिया। नेताओं का कहना है कि जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर वे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। सपा नेता संजय यादव और नीरज यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके आवासों पर ही रोक दिया गया और बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। नेताओं के अनुसार, इस कारण वे अपनी बात प्रशासनिक अधिकारियों तक नहीं पहुंचा सके।
सपा नेताओं ने जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने शिकोहाबाद में डेढ़ वर्षीय बच्चे की हत्या के मामले और सिरसागंज क्षेत्र में हुई लूट की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और ज्ञापन देने का अधिकार है, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका गया। सपा नेताओं ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना उनका दायित्व है और इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है और भविष्य में इसका राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकता है।


