लखनऊ के पीजीआई थानाक्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या का साजिशकर्ता दिनेश यादव समाजवादी पार्टी की लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निकाला। दिनेश 2020-21 में प्रदेश विधानसभा उपचुनाव में बतौर पार्टी प्रभारी भी काम कर चुका है। दिनेश ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक की वॉल पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ तस्वीर लगाई है। इसमें अपने पद का भी जिक्र किया है। इसके साथ ही उसके चुनाव प्रचार और सपा के नेताओं से मिलने, प्रॉपर्टी डीलिंग की कई तस्वीरें हैं। हत्या के मामले में एसटीएफ और पीजीआई पुलिस ने दिनेश यादव और उसके ड्राइवर मुकर्रबीन को गिरफ्तार किया है। शूटरों की तलाश अभी जारी है। इस रिपोर्ट में जानिए दिनेश यादव की लग्जरी और रौब वाली लाइफ के बारे में… 3 तस्वीरें देखिए- थाने पर अपने पद का रौब झाड़ता पुलिस की ओर से कब्जे में ली गई कार पर भी दिनेश ने लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लिखा है। दिनेश थाने पर अपने पद का रौब दिखाता था। पुलिस ने उसकी चार लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं, जिनमें से एक मर्सडीज कार भी है। स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सत्ता में रहने के दौरान अपने पद से सबको अर्दब में लेता था। यहां तक कि जो जमीन समझ आ जाए, उसको जबरन कब्जा कर लेता था। अगर कोई विरोध करता तो राजनीतिक पार्टी में पकड़ दिखाकर चुप करवा देता। मैनपुरी, आजमगढ़ और गोरखपुर का पार्टी प्रभारी रहा आलापुर विधानसभा क्षेत्र के समुदा गांव निवासी सपा नेता दिनेश यादव उर्फ देवा लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है। दिनेश यादव को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। दो दशक पहले लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति की शुरुआत करने वाले दिनेश यादव लोहिया वाहिनी में प्रदेश का नेतृत्व कर चुका है। बाद में पार्टी ने उन्हें छात्रसभा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था। दिनेश यादव मैनपुरी, आजमगढ़ और गोरखपुर उपचुनाव में पार्टी के प्रभारी के तौर पर भी काम कर चुका है। चुनाव प्रचार के दौरान की 2 तस्वीरें- 27 मई को दिनदहाड़े कनपटी में मारी थी गोली 27 मई को पीजीआई थाना क्षेत्र के कल्ली पश्चिम इलाके में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले के खुलासे के लिए पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगाई गई थीं। अब जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह पुराना जमीन विवाद था। प्रॉपर्टी डीलर संदीप मूलरूप से जौनपुर के रहने वाले थे। अब पढ़िए STF के सामने आरोपियों ने जो कबूला- ड्राइवर को बनाया साजिश का हिस्सा मास्टरमाइंड प्रॉपर्टी डीलर दिनेश कुमार यादव और उसके ड्राइवर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। 5 लाख रुपए की सुपारी लेकर हत्या करने वाले दोनों शूटर अभी फरार हैं। काकोरी में प्रॉपर्टी डीलर संदीप (मृतक) और दिनेश (साजिशकर्ता) के बीच विवाद हुआ था। पूछताछ में मुकर्रबीन उर्फ मुबीन ने बताया कि वह वर्ष 2016 से दिनेश यादव के साथ ड्राइवर के रूप में काम कर रहा है। दिनेश लगातार मुकदमों और शिकायतों से परेशान था। इसी दौरान उसने मुबीन से कहा कि अब संदीप सिंह को रास्ते से हटाना पड़ेगा। इसके बाद हत्या की सुपारी देने की साजिश रची गई। शूटरों के रहने-खाने की व्यवस्था की STF की जांच में सामने आया है कि मुबीन ने अपने संपर्कों के जरिये शूटरों से संपर्क किया और करीब पांच लाख रुपए में हत्या की सुपारी तय हुई। इसके बाद दो शूटरों को लखनऊ बुलाया गया। उनके रहने और आने-जाने की व्यवस्था की गई। कई दिनों तक संदीप सिंह की गतिविधियों और रूट की रेकी कराई गई। फर्जी नंबर प्लेट लगाकर की गई रेकी जांच एजेंसियों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए एक सेकंड हैंड अपाचे बाइक खरीदी गई थी। बाइक की असली नंबर प्लेट हटाकर उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई। इसी बाइक से शूटरों ने कई बार इलाके की रेकी की और संदीप सिंह के आने-जाने के रास्तों को अच्छी तरह से जान लिया। हत्या के दिन लखनऊ से बाहर चले गए थे आरोपी पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वारदात के दिन खुद को संदेह से बचाने के लिए दिनेश यादव और मुबीन दोनों लखनऊ से बाहर चले गए थे। दिन में शूटरों ने संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में फोन कर वारदात पूरी होने की सूचना दी। दोनों से पूछताछ के आधार पर हत्या में शामिल शूटरों और अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ———————– ये खबर भी पढ़िए- 5 लाख की सुपारी देकर कराई प्रॉपर्टी डीलर की हत्या:लखनऊ में धमकी दी थी- डीलरों को मरवाना आम बात; शूटर ने कनपटी में मारी गोली लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में STF और पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह हत्या अचानक नहीं हुई थी, बल्कि करीब 5 महीने पहले जमीन विवाद के बाद इसकी साजिश रची गई थी। (पूरी खबर पढ़िए)


