मधुबनी जिले में मां की हत्या के एक मामले में जिला अपर सत्र न्यायाधीश ललन कुमार की अदालत ने बुधवार संध्या में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने करीब डेढ़ वर्ष पुराने इस मामले में आरोपी गोपालपुर निवासी लाल बाबू यादव को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए आगामी 10 जून की तिथि निर्धारित की है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। बड़े भाई लाल बाबू यादव ने उनकी मां की हत्या कर दी
विशेष लोक अभियोजक जगदीश प्रसाद यादव ने बुधवार संध्या 7:00 बजे बताया कि यह घटना करीब डेढ़ वर्ष पूर्व 18 अगस्त को हुई थी। घटना के दिन, मृतका जीवछी देवी के पति हिताई यादव सुबह अपने घर से नहर किनारे स्थित खेत में काम करने गए थे। इसी दौरान उनके छोटे पुत्र रंजीत कुमार यादव ने मोबाइल फोन पर सूचना दी कि बड़े भाई लाल बाबू यादव ने उनकी मां की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही हिताई यादव आनन-फानन में घर पहुंचे। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी जीवछी देवी की निर्मम हत्या कर दी गई थी और शव को छीटी से ढक दिया गया था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया
मृतका के पति हिताई यादव ने अपने ही पुत्र लाल बाबू यादव के विरुद्ध हरलाखी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। अब अदालत 10 जून को सजा की अवधि पर अंतिम निर्णय सुनाएगी। मधुबनी जिले में मां की हत्या के एक मामले में जिला अपर सत्र न्यायाधीश ललन कुमार की अदालत ने बुधवार संध्या में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने करीब डेढ़ वर्ष पुराने इस मामले में आरोपी गोपालपुर निवासी लाल बाबू यादव को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए आगामी 10 जून की तिथि निर्धारित की है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। बड़े भाई लाल बाबू यादव ने उनकी मां की हत्या कर दी
विशेष लोक अभियोजक जगदीश प्रसाद यादव ने बुधवार संध्या 7:00 बजे बताया कि यह घटना करीब डेढ़ वर्ष पूर्व 18 अगस्त को हुई थी। घटना के दिन, मृतका जीवछी देवी के पति हिताई यादव सुबह अपने घर से नहर किनारे स्थित खेत में काम करने गए थे। इसी दौरान उनके छोटे पुत्र रंजीत कुमार यादव ने मोबाइल फोन पर सूचना दी कि बड़े भाई लाल बाबू यादव ने उनकी मां की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही हिताई यादव आनन-फानन में घर पहुंचे। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी जीवछी देवी की निर्मम हत्या कर दी गई थी और शव को छीटी से ढक दिया गया था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया
मृतका के पति हिताई यादव ने अपने ही पुत्र लाल बाबू यादव के विरुद्ध हरलाखी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। अब अदालत 10 जून को सजा की अवधि पर अंतिम निर्णय सुनाएगी।


