बूंदी जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना साकार साबित हो रही है। इस योजना के तहत अब तक 1134 घरों पर 4733.12 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। इन पैनलों से प्रतिदिन 23667.16 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे जिले के परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भर बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के उद्देश्य से यह महत्वाकांक्षी योजना 15 फरवरी 2024 को शुरू की गई थी। इसका लक्ष्य आमजन के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर उन्हें प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है। सरकार की तरफ से मिलती है सब्सिडी
इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। 1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल पर 30,000 रुपए, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपए तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78,000 रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। बूंदी जिले के कई परिवार इस योजना से जुड़कर स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं। जिले में स्थापित सोलर पैनलों से हर माह लगभग 7.10 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जो बिजली बिलों में बड़ी राहत प्रदान कर रहा है और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसके साथ ही 1074 उपभोक्ताओं को अब तक 8 करोड़ 5 लाख 50 हजार रुपए की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जा चुकी है, जिससे आमजन में इस योजना के प्रति विश्वास और उत्साह दोनों बढ़ा है। ‘बिजली का बिल हुआ जीरो’
मोती नगर निवासी सूर्यप्रकाश शर्मा ने इस योजना का लाभ उठाते हुए न केवल अपने बिजली के खर्च को खत्म कर दिया है, बल्कि वे ऊर्जा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में भी अपना योगदान दे रहे हैं।
शर्मा ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत अपने घर पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित करवाया है। इस प्लांट को लगाने के लिए उन्हें सरकार की ओर से 78,000 रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे प्लांट लगाने का आर्थिक बोझ काफी कम हो गया। अब उनके घर का बिजली बिल भी शून्य आ रहा हैं


