जयपुर के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल सवाई मानसिंह (SMS) में जल्द पार्किंग की नई व्यवस्था की जाएगी। मरीज के परिजनों को अब ओपीडी समय में वाहन पार्किंग में परेशान नहीं होना पड़ेगा। हॉस्पिटल प्रशासन ने यहां मौजूद तमाम बेसमेंट और सरफेस पार्किंग का टेंडर किया है। इससे हॉस्पिटल प्रशासन को अब हर साल 2 करोड़ रुपए का रेवेन्यू भी मिलेगा। इस व्यवस्था के शुरू होने से यहां हर पार्किंग एरिया की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। किस बेसमेंट पार्किंग में कितनी गाड़ियां खड़ी हैं और कितनी गाड़ियों का स्पेस बचा है। हर गाड़ी की एंट्री-एग्जिट के टाइम सीसीटीवी के जरिए मॉनिटरिंग होगी। साथ ही स्कैनरों के जरिए फास्टैग से पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा। नहीं लगेगा परिसर में जाम एसएमएस हॉस्पिटल के तीनों बेसमेंट में बनी पार्किंग को डेढ़ साल से गार्डों के भरोसे संचालित किया जा रहा है। इससे न केवल हॉस्पिटल परिसर में बेतरतीब गाड़ियां खड़ी हो रही हैं, बल्कि ओपीडी समय में धन्वंतरि ब्लॉक, बांगड़ एरिया, चरक भवन परिसर के आसपास ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है। इस कारण कई बार स्टाफ और मरीजों को लाने-ले जाने वाली गाड़ियां फंस जाती हैं। बल्कि स्ट्रेचर या व्हीलचेयर से आने-जाने वाले मरीजों को भी परेशानी होती है। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद इस बेतरतीब पार्किंग से निजात मिलेगी। फास्टैग से कटेगा शुल्क मैन बिल्डिंग परिसर, धंन्वतरि ब्लॉक और ट्रोमा सेंटर पर बनी बेसमेंट पार्किंग के एंट्री, एग्जिट पॉइंट पर फास्टैग स्कैनर लगाए जाएंगे। इन स्कैनरों के जरिए फास्टैग से ही पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा। अगर किसी का फास्टैग काम नहीं कर रहा होगा तो ऑनलाइन यूपीआई के जरिए या नकद भी पार्किंग शुल्क देने की व्यवस्था होगी। पांच कंपनियों ने लगाई बोली पार्किंग का टेंडर लेने के लिए 5 कंपनियों ने बोली लगाई। इसमें सबसे ज्यादा बोली मैसर्स SSE इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डवलपर्स प्रा.लि. ने 2 करोड़ 1 लाख रुपए लगाई है। वहीं दूसरे नंबर पर मैसर्स के.एन. एंटरप्राइजेज जयपुर 1.80 करोड़ रुपए, मैसर्स व्हीकलपे सर्विसेज प्रा.लि. 1.73 करोड़ रुपए, मैसर्स पार्किंग सॉल्यूशन कंपनी जयपुर ने 1.62 करोड़ और मैसर्स सिटी लॉजिक गर्वमेंट ऑथ, पालघर करीब 1.48 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। इस तरह सबसे अधिक 2.01 करोड़ रुपए की बोली लगाने वाली फर्म को मैसर्स SSE इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डवलपर्स प्रा.लि. को काम सौंपने की तैयारी कर ली है।


