सिमराही-रामपुर सड़क बदहाल, मरम्मत की मांग तेज:गड्ढों और जलभराव से हादसे बढ़े, दो साल पुराना टेंडर रद्द; विभाग ने री-साइक्लिंग से नए टेंडर की तैयारी की

सिमराही-रामपुर सड़क बदहाल, मरम्मत की मांग तेज:गड्ढों और जलभराव से हादसे बढ़े, दो साल पुराना टेंडर रद्द; विभाग ने री-साइक्लिंग से नए टेंडर की तैयारी की

सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत सिमराही से रामपुर जाने वाली मुख्य सड़क की बदहाली निवासियों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। एनएच-27 से रामपुर को जोड़ने वाली यह सड़क गहरे गड्ढों, टूटी सतह और जलजमाव के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगभग हर दूसरे दिन कोई न कोई छोटी-बड़ी दुर्घटना होती है, लेकिन इसके बावजूद अब तक मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया है। यह सड़क सिमराही नगर पंचायत और आसपास के कई गांवों को जोड़ती है। प्रतिदिन हजारों लोग बाजार, विद्यालय, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, मरीजों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का निर्माण पूर्व में ग्रामीण कार्य विभाग, वीरपुर द्वारा कराया गया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। वहीं, भारी वाहनों के गुजरने से सड़क पर जमा कीचड़ और पानी राहगीरों पर उछलता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग वर्षों से उठाई जा रही है। वार्ड संख्या-10 निवासी रमण किशोर मंडल, रामू सादा, योगेंद्र मेहता, उमेश मंडल, सतीश कुमार, वरुण कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों और प्रशासन को आवेदन दिए हैं। जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस सड़क के लिए दो साल पहले एक टेंडर भी निकाला गया था, जो बेनतीजा रहा। अब री-साइक्लिंग कर नया टेंडर निकालने की बात कही जा रही है। ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता अंगज कुमार ने बताया कि सड़क के पुनर्निर्माण के लिए री-साइक्लिंग की प्रक्रिया तैयार की जा रही है। तकनीकी स्वीकृति एवं विभागीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पुनः टेंडर जारी किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा ताकि लोगों को सुरक्षित और बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
वहीं वीरपुर ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता सुमन कुमार ने बताया कि लगभग दो किलोमीटर लंबी इस सड़क का टेंडर पूर्व में निकाला गया था तथा संवेदक को कार्य आवंटित भी किया गया था। निर्धारित समय पर कार्य नहीं करने के कारण संवेदक को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब री-साइक्लिंग के बाद दोबारा टेंडर निकाला जाएगा। अवैध निकासी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत सिमराही से रामपुर जाने वाली मुख्य सड़क की बदहाली निवासियों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। एनएच-27 से रामपुर को जोड़ने वाली यह सड़क गहरे गड्ढों, टूटी सतह और जलजमाव के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगभग हर दूसरे दिन कोई न कोई छोटी-बड़ी दुर्घटना होती है, लेकिन इसके बावजूद अब तक मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया है। यह सड़क सिमराही नगर पंचायत और आसपास के कई गांवों को जोड़ती है। प्रतिदिन हजारों लोग बाजार, विद्यालय, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, मरीजों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का निर्माण पूर्व में ग्रामीण कार्य विभाग, वीरपुर द्वारा कराया गया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बाइक और साइकिल सवार अक्सर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। वहीं, भारी वाहनों के गुजरने से सड़क पर जमा कीचड़ और पानी राहगीरों पर उछलता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग वर्षों से उठाई जा रही है। वार्ड संख्या-10 निवासी रमण किशोर मंडल, रामू सादा, योगेंद्र मेहता, उमेश मंडल, सतीश कुमार, वरुण कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों और प्रशासन को आवेदन दिए हैं। जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस सड़क के लिए दो साल पहले एक टेंडर भी निकाला गया था, जो बेनतीजा रहा। अब री-साइक्लिंग कर नया टेंडर निकालने की बात कही जा रही है। ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता अंगज कुमार ने बताया कि सड़क के पुनर्निर्माण के लिए री-साइक्लिंग की प्रक्रिया तैयार की जा रही है। तकनीकी स्वीकृति एवं विभागीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पुनः टेंडर जारी किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा ताकि लोगों को सुरक्षित और बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
वहीं वीरपुर ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता सुमन कुमार ने बताया कि लगभग दो किलोमीटर लंबी इस सड़क का टेंडर पूर्व में निकाला गया था तथा संवेदक को कार्य आवंटित भी किया गया था। निर्धारित समय पर कार्य नहीं करने के कारण संवेदक को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब री-साइक्लिंग के बाद दोबारा टेंडर निकाला जाएगा। अवैध निकासी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *