ईरान-अमेरिका के बीच जल्द हो सकती है पाकिस्तान में बातचीत, शहबाज़ शरीफ ने जताई उम्मीद

ईरान-अमेरिका के बीच जल्द हो सकती है पाकिस्तान में बातचीत, शहबाज़ शरीफ ने जताई उम्मीद

अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच जल्द ही डील फाइनल हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस बारे में जानकारी दी है और ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने इसकी पुष्टि भी की है। ट्रंप के अनुसार दोनों देशों के बीच समझौते पर लगभग बातचीत पूरी हो चुकी है, जिसे अमेरिका, ईरान और सूची में शामिल अन्य विभिन्न देशों के बीच अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। बताया जा रहा है कि इस डील के तहत होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खोल दिया जाएगा और ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) सरेंडर करने के लिए तैयार हो गया है। इसी बीच अब पाकिस्तान (Pakistan) के पीएम शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) ने इस मामले में बड़ा बयान दिया है।

ईरान-अमेरिका के बीच अगले दौर की बातचीत पाकिस्तान में?

पाकिस्तानी पीएम शरीफ ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति स्थापित करने के उनके असाधारण प्रयासों के लिए और आज दिन में सऊदी अरब, कतर, तुर्की, मिस्र, यूएई, जॉर्डन और पाकिस्तान के नेताओं के साथ एक बहुत ही उपयोगी और सार्थक टेलीफ़ोन वार्ता आयोजित करने के लिए बधाई देता हूं। इस टेलीफोन वार्ता में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने किया और मैं इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनके अथक प्रयासों की प्रशंसा करता हूँ। इन चर्चाओं से मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करने और क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के लिए जारी शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श करने का एक उपयोगी अवसर प्राप्त हुआ। पाकिस्तान पूरी निष्ठा के साथ अपने शांति प्रयासों को जारी रखेगा और हमें उम्मीद है कि हम बहुत जल्द ही शांति-वार्ता के अगले दौर की मेजबानी करेंगे।”

पाकिस्तान में ही हुई थी पहले दौर की शांति-वार्ता

आपकी जानकारी के लिए बता दिए कि ईरान और अमेरिका के बीच पहले दौर की शांति-वार्ता पाकिस्तान के इस्लामाबाद शहर में हुई थी। हालांकि इस बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला था। उसके बाद से ही दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत नहीं हुई है। गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

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