शंघाई में खेले जा रहे टेनिस टूर्नामेंट में स्पेन के 20 वर्षीय राफेल जोदार ने बड़ा उलटफेर करते हुए रूस के अनुभवी खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव को सेमीफाइनल में हरा दिया। शनिवार को खेले गए मुकाबले में जोदार ने 2021 के अमेरिकी ओपन चैंपियन मेदवेदेव को 6-3, 6-4 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। मुकाबले को अपने नाम करने में जोदार को 1 घंटे 44 मिनट लगे।मैच के दौरान मेदवेदेव ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन अहम मौकों पर जोदार का खेल बेहतर रहा। स्पेन के युवा खिलाड़ी ने अपनी सर्विस और वापसी से रूसी खिलाड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखा। जोदार ने पूरे मुकाबले में 22 विनर्स लगाए, जबकि मेदवेदेव केवल 14 विनर्स ही लगा सके। मैच के बाद मेदवेदेव ने माना कि उनके प्रतिद्वंद्वी ने अच्छा प्रदर्शन किया और उनकी सर्विस में कुछ कमियां रह गईं। उन्होंने कहा कि सर्विस करते समय गेंद को सही जगह पर डालने में वह और बेहतर कर सकते थे।सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए मेदवेदेव ने शंघाई में यान-लेनार्ड स्ट्रफ, स्टेफानोस सितसिपास और टॉमी पॉल को हराया था। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने पॉल को 6-3, 1-6, 6-3 से मात दी थी। हालांकि, जोदार के खिलाफ वह अपनी जीत का सिलसिला आगे नहीं बढ़ा सके। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह पहली भिड़ंत थी। मेदवेदेव ने पहले जोदार को खेलते हुए देखा था, लेकिन एटीपी टूर पर उनका आमना-सामना पहली बार हुआ।हार के बाद मेदवेदेव से जोदार की भविष्य की संभावनाओं के बारे में भी सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि क्या स्पेन का यह युवा खिलाड़ी आने वाले वर्षों में ग्रैंड स्लैम खिताब जीत सकता है। इस पर मेदवेदेव ने कहा कि किसी खिलाड़ी के भविष्य में कितने बड़े खिताब होंगे, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। उनके मुताबिक, कोई खिलाड़ी 25, 6, 2 या 1 ग्रैंड स्लैम जीत सकता है, लेकिन यह समय के साथ ही पता चलेगा।गौरतलब है कि जोदार के लिए 2026 का सत्र काफी शानदार रहा है। साल की शुरुआत में वह विश्व रैंकिंग में शीर्ष 100 से बाहर थे, लेकिन लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर अब शीर्ष 10 में जगह बनाने के करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने इस साल माराकेच में अपना पहला एटीपी खिताब जीता था। इसके बाद अगस्त में वॉशिंगटन टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचे, हालांकि वहां उन्हें खिताब नहीं मिल सका।शंघाई में भी जोदार ने कठिन मुकाबलों में अपना दम दिखाया। मेदवेदेव से पहले उन्होंने लगातार 4 मैच 3 सेट में खेले और हर बार शुरुआती सेट गंवाने के बाद वापसी करके जीत हासिल की। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कैस्पर रूड को 4-6, 6-4, 6-3 से हराया। इसके साथ ही वह शंघाई मास्टर्स के फाइनल में पहुंचने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। वह 2006 या उसके बाद जन्म लेने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं, जिन्होंने मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है।सेमीफाइनल में एक विवाद भी देखने को मिला, जब मेदवेदेव एक लाइन कॉल से नाराज हो गए। उन्होंने जोदार के शॉट का वीडियो दोबारा दिखाने की मांग की और कोर्ट छोड़ने की बात कही। बाद में दोबारा जांच में गेंद लाइन पर लगी हुई दिखाई दी और मुकाबला फिर शुरू हुआ।इस हार के बावजूद मेदवेदेव की नजर एटीपी फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने पर बनी हुई है। अब उन्हें अल्माटी में होने वाले टूर्नामेंट में खेलना है। वहीं, जोदार रविवार को फाइनल में अपने हमवतन अलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से भिड़ेंगे। डेविडोविच फोकिना ने अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 3 सेट में हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है।
शंघाई में खेले जा रहे टेनिस टूर्नामेंट में स्पेन के 20 वर्षीय राफेल जोदार ने बड़ा उलटफेर करते हुए रूस के अनुभवी खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव को सेमीफाइनल में हरा दिया। शनिवार को खेले गए मुकाबले में जोदार ने 2021 के अमेरिकी ओपन चैंपियन मेदवेदेव को 6-3, 6-4 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। मुकाबले को अपने नाम करने में जोदार को 1 घंटे 44 मिनट लगे।
मैच के दौरान मेदवेदेव ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन अहम मौकों पर जोदार का खेल बेहतर रहा। स्पेन के युवा खिलाड़ी ने अपनी सर्विस और वापसी से रूसी खिलाड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखा। जोदार ने पूरे मुकाबले में 22 विनर्स लगाए, जबकि मेदवेदेव केवल 14 विनर्स ही लगा सके। मैच के बाद मेदवेदेव ने माना कि उनके प्रतिद्वंद्वी ने अच्छा प्रदर्शन किया और उनकी सर्विस में कुछ कमियां रह गईं। उन्होंने कहा कि सर्विस करते समय गेंद को सही जगह पर डालने में वह और बेहतर कर सकते थे।
सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए मेदवेदेव ने शंघाई में यान-लेनार्ड स्ट्रफ, स्टेफानोस सितसिपास और टॉमी पॉल को हराया था। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने पॉल को 6-3, 1-6, 6-3 से मात दी थी। हालांकि, जोदार के खिलाफ वह अपनी जीत का सिलसिला आगे नहीं बढ़ा सके। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह पहली भिड़ंत थी। मेदवेदेव ने पहले जोदार को खेलते हुए देखा था, लेकिन एटीपी टूर पर उनका आमना-सामना पहली बार हुआ।
हार के बाद मेदवेदेव से जोदार की भविष्य की संभावनाओं के बारे में भी सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि क्या स्पेन का यह युवा खिलाड़ी आने वाले वर्षों में ग्रैंड स्लैम खिताब जीत सकता है। इस पर मेदवेदेव ने कहा कि किसी खिलाड़ी के भविष्य में कितने बड़े खिताब होंगे, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। उनके मुताबिक, कोई खिलाड़ी 25, 6, 2 या 1 ग्रैंड स्लैम जीत सकता है, लेकिन यह समय के साथ ही पता चलेगा।
गौरतलब है कि जोदार के लिए 2026 का सत्र काफी शानदार रहा है। साल की शुरुआत में वह विश्व रैंकिंग में शीर्ष 100 से बाहर थे, लेकिन लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर अब शीर्ष 10 में जगह बनाने के करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने इस साल माराकेच में अपना पहला एटीपी खिताब जीता था। इसके बाद अगस्त में वॉशिंगटन टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचे, हालांकि वहां उन्हें खिताब नहीं मिल सका।
शंघाई में भी जोदार ने कठिन मुकाबलों में अपना दम दिखाया। मेदवेदेव से पहले उन्होंने लगातार 4 मैच 3 सेट में खेले और हर बार शुरुआती सेट गंवाने के बाद वापसी करके जीत हासिल की। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कैस्पर रूड को 4-6, 6-4, 6-3 से हराया। इसके साथ ही वह शंघाई मास्टर्स के फाइनल में पहुंचने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। वह 2006 या उसके बाद जन्म लेने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं, जिन्होंने मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है।
सेमीफाइनल में एक विवाद भी देखने को मिला, जब मेदवेदेव एक लाइन कॉल से नाराज हो गए। उन्होंने जोदार के शॉट का वीडियो दोबारा दिखाने की मांग की और कोर्ट छोड़ने की बात कही। बाद में दोबारा जांच में गेंद लाइन पर लगी हुई दिखाई दी और मुकाबला फिर शुरू हुआ।
इस हार के बावजूद मेदवेदेव की नजर एटीपी फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने पर बनी हुई है। अब उन्हें अल्माटी में होने वाले टूर्नामेंट में खेलना है। वहीं, जोदार रविवार को फाइनल में अपने हमवतन अलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से भिड़ेंगे। डेविडोविच फोकिना ने अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 3 सेट में हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है।
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