सातवीं के छात्र पर दर्जनों बच्चों को पीटने का आरोप:बाबूबरही के स्कूल में मारपीट मामला, डीपीओ ने औचक निरीक्षण किया

सातवीं के छात्र पर दर्जनों बच्चों को पीटने का आरोप:बाबूबरही के स्कूल में मारपीट मामला, डीपीओ ने औचक निरीक्षण किया

मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड अंतर्गत बेला पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय नवटोली में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां सातवीं कक्षा के एक छात्र पर तीसरी और चौथी कक्षा के दर्जनों बच्चों की कथित पिटाई करने का आरोप लगा है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ शुभम कसौधन ने शुक्रवार को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय का संचालन सामान्य पाया और सभी बच्चे गणवेश में उपस्थित मिले। साथ ही उन्होंने बच्चों के शैक्षणिक स्तर की भी जांच की। डीपीओ ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। ग्रामीणों ने विद्यालय की साफ-सफाई और पढ़ाई की सराहना की, लेकिन विद्यालय के लिए जमीन दान देने वाले भूदाता के व्यवहार पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि भूदाता अक्सर जमीन दान का हवाला देकर धौंस जमाता है। इस पर डीपीओ शुभम कसौधन ने स्पष्ट कहा कि यह विद्यालय किसी की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि सरकारी संस्थान है, जहां सभी बच्चों को समान रूप से शिक्षा पाने का अधिकार है। उन्होंने यह भी बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ प्रशासनिक कमियां सामने आई हैं, जिन पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। साथ ही बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। मामला सरकारी स्कूलों में सुरक्षा, अनुशासन और जवाबदेही की जरूरत को एक बार फिर उजागर करता है। मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड अंतर्गत बेला पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय नवटोली में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां सातवीं कक्षा के एक छात्र पर तीसरी और चौथी कक्षा के दर्जनों बच्चों की कथित पिटाई करने का आरोप लगा है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ शुभम कसौधन ने शुक्रवार को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय का संचालन सामान्य पाया और सभी बच्चे गणवेश में उपस्थित मिले। साथ ही उन्होंने बच्चों के शैक्षणिक स्तर की भी जांच की। डीपीओ ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। ग्रामीणों ने विद्यालय की साफ-सफाई और पढ़ाई की सराहना की, लेकिन विद्यालय के लिए जमीन दान देने वाले भूदाता के व्यवहार पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि भूदाता अक्सर जमीन दान का हवाला देकर धौंस जमाता है। इस पर डीपीओ शुभम कसौधन ने स्पष्ट कहा कि यह विद्यालय किसी की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि सरकारी संस्थान है, जहां सभी बच्चों को समान रूप से शिक्षा पाने का अधिकार है। उन्होंने यह भी बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ प्रशासनिक कमियां सामने आई हैं, जिन पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। साथ ही बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। मामला सरकारी स्कूलों में सुरक्षा, अनुशासन और जवाबदेही की जरूरत को एक बार फिर उजागर करता है।  

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