बिहार आ रहे 6 नए IPS अधिकारी:अमेरिका में जॉब छोड़ राघव ने पूरा किया मां का सपना, दिन में काम रात में पढ़ाई कर अफसर बने विनय

बिहार आ रहे 6 नए IPS अधिकारी:अमेरिका में जॉब छोड़ राघव ने पूरा किया मां का सपना, दिन में काम रात में पढ़ाई कर अफसर बने विनय

सम्राट सरकार में IAS-IPS अफसरों के तबादले का दौर जारी है। सीएम सम्राट चौधरी पसंद के अधिकारी को फील्ड में भेज रहे हैं। शुक्रवार को 10 IAS अफसरों का ट्रांसफर किया गया। इससे पहले 16 IPS और 12 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर हुआ था। अब तक 23 आईपीएस अधिकारियों का तबादला हुआ है। 69 डीएसपी (DSP) रैंक के अधिकारी इधर से उधर हुए हैं। इस बीच खबर है कि बिहार में आईपीएस अधिकारियों की संख्या बढ़ने वाली है। अगले दो-से तीन सप्ताह में 6 अफसर बिहार पहुंचने वाले हैं। बिहार में कौन से नए IPS अधिकारी आने वाले हैं? वे अभी कहां हैं? बिहार आकर क्या करेंगे? पढ़िए रिपोर्ट…। बिहार पहुंच रहे हैं 6 नए IPS अफसर 2024 बैच के 6 नए IPS अफसर बिहार आ रहे हैं। इस वक्त वे SVPNPA (सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी) हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे हैं। इन सभी की ट्रेनिंग 26 अगस्त 2024 को शुरू हुई थी। 1. IPS विनय कुमार, तीन बार फेल होने पर बन गए थे इंजीनियर 2024 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने हिमाचल के जल शक्ति विभाग हमीरपुर में प्रोसेस इंजीनियर पद पर काम किया है। उनका घर बिलासपुर जिले के घुमारवीं के गाहर पंचायत में है। उनके परिवार के लोग लंबे समय से हमीरपुर के अणु में रह रहे हैं। विनय ने प्रारंभिक शिक्षा हमीरपुर जिले के निजी स्कूल से की। तीन बार फेल होने पर विनय ने हिमाचल प्रदेश सर्विस कमीशन की प्रोसेस इंजीनियर की परीक्षा पास की। फरवरी 2023 में जल शक्ति विभाग में नौकरी शुरू की थी। उन्होंने काम के साथ UPSC की तैयारी जारी रखी। दिन में सरकारी कामकाज निपटाते और देर रात तक पढ़ाई करते थे। चौथे प्रयास में सफलता मिली। 2. IPS नवनीत आनंद, 7वीं में थे तब पिता चल बसे 2024 बैच के IPS अधिकारी नवनीत आनंद बिहार के हैं। उनकी पढ़ाई-लिखाई राजस्थान और दिल्ली में हुई। नवनीत 7वीं क्लास में पढ़ रहे थे तब उनके पिता की मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद नवनीत पर जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने पढ़ाई पर पूरा ध्यान लगाया और अधिकारी बने। नवनीत ने कॉलेज में पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। कॉलेज पास करते ही सरकारी नौकरी के लिए उनका सिलेक्शन हो गया था। नवनीत ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी सेल्फ स्टडी के दम पर की। दो बार फेल हुए। इसके बाद भी निराशा को खुद पर हावी नहीं होने दिया। तीसरे प्रयास में सफलता पाई थी। 3. IPS विजय राघव गोयल, मां का सपना पूरा करने को बने अधिकारी विजय राघव गोयल राजस्थान के बालोतरा के हैं। उनका परिवार बिजनेस से जुड़ा है। विजय की मां का सपना था कि बेटा अफसर बने। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अमेरिका में अपनी नौकरी छोड़ दी। 4 बार फेल होने के बाद 5वें प्रयास में IPS अधिकारी बने। विजय राघव ने प्रारंभिक शिक्षा बालोतरा शहर के प्राइवेट स्कूल से की। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक में आईटीआई की थी। इसके बाद अमेरिका में नौकरी करने लगे थे। विदेश में जॉब करते हुए उनका मन मां का सपना पूरा नहीं करने के चलते बेचैन रहता था। उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी की। कोरोना काल में दिल्ली और बाद में बालोतरा में रहकर पढ़ाई की। 2023 में सफलता मिली। 4. IPS मो. ताबिश हसन, अंचलाधिकारी के पद पर किया है काम 2024 बैच के IPS अधिकारी ताबिश हसन बिहार के मधेपुरा के हैं। इन्होंने बीटेक की पढ़ाई की है। IPS बनने से पहले वह मधेपुरा के पुरैनी में अंचलाधिकारी के पद पर पदस्थापित थे। दिन में अंचल ऑफिस जाकर काम करते और देर रात तक पढ़ते थे। विभागीय मीटिंग में जाने या घर से ऑफिस या कहीं और जाने के दौरान अपनी गाड़ी में पढ़ते रहते थे। 5. IPS कोशिंदर ने की है बीटेक की पढ़ाई कोशिंदर राजस्थान के झुंझुनू जिला के रसूलपुर अहिरान गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम रामकुमार यादव है। कोशिंदर ने NIT कुरुक्षेत्र से इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार में बीटेक की डिग्री ली है। इन्होंने कॉलेज के दिनों से ही UPSC की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। 6. IPS शुभम को दूसरे प्रयास में मिली थी सफलता शुभम मूल रूप से हरियाणा के चरखी दादरी जिले के दोई गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा श्री विद्या मंदिर, पिलानी (राजस्थान) से पूरी की है। शुभम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से ‘इतिहास और अर्थशास्त्र’ में बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) की डिग्री ली है। दूसरे प्रयास में UPSC की परीक्षा पास की। अब IPS अफसरों ट्रेनिंग पैटर्न जानिए 1. ट्रेनिंग का सैंडविच पैटर्न-आईपीएस की ट्रेनिंग को जानबूझकर टुकड़ों में बांटा जाता है। इन्हें ग्रुप में ट्रेनिंग दी जाती है। इसके पीछे तर्क है कि ये वे किताबी ज्ञान और जमीनी हकीकत दोनों को समझ सकें। 2. फेज-1 की ट्रेनिंग- इस चरण में अधिकारी सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद में ट्रेनिंग लेते हैं। यहां बुनियादी इनडोर और आउटडोर ट्रेनिंग दी जाती है। 3. जिलों में ट्रेनिंग- IPS अफसरों को जिलों में भेजकर ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें पुलिसगिरी सिखाई जाती है। थाने से ट्रेनिंग की शुरुआत होती है। फेज-1 की ट्रेनिंग लेने के बाद अधिकारियों को जिलों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। यहां वे प्रशिक्षु (Probationer) या सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में थाने में काम और फील्ड वर्क का अनुभव लेते हैं। फेज-3- इस फेज में अधिकारी फिर से राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद लौटते हैं। जिलों में फील्ड ड्यूटी का अनुभव लेने के बाद, उन्हें अगले स्तर की ट्रेनिंग दी जाती है। अभी कितने अधिकारी ट्रेनिंग ले रहें मौजूदा वक्त में बिहार कैडर के कुल 15 आईपीएस अधिकारी अलग-अलग ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत SVPNPA हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे हैं। गृह विभाग के हालिया आदेशों के मुताबिक इसे दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है। 1. मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP)- इसके तहत सीनियर अधिकारी को ट्रेनिंग दी जाती है। बिहार सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, बिहार कैडर के 10 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को 25 मई से 19 जून तक चलने वाले 27वें मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के ‘फेज-3’ के लिए भेजा जा रहा है। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य इन अधिकारियों के प्रशासनिक और नेतृत्व कौशल को बढ़ाना है। 2. इंडक्शन ट्रेनिंग-इसके तहत प्रमोटेड अधिकारी- इसके अलावा, बिहार राज्य पुलिस सेवा (BPS) से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रमोट हुए अधिकारी को ट्रेनिंग दी जाती है। अभी 2018 बैच के 5 आईपीएस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इन्हें 48वें इंडक्शन कोर्स के तहत विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद अकादमी भेजा गया था। यह अब लौटने वाले हैं। पिछले 11 दिनों में 92 पुलिस अफसरों का तबादला यह प्रशासनिक फेरबदल तीन अलग-अलग चरणों में किया गया है। इसमें 23 आईपीएस और 69 डीएसपी का तबादला इधर-से-उधर किया गया। पहला चरण- यह बड़ा फेरबदल था। 10 मई 2026) को सम्राट सरकार ने अपने पहले बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत एक साथ 16 सीनियर आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी थी। दूसरा चरण- यह फेरबदल 5 दिन बाद 15 मई 2026 को किया गया। कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से गृह विभाग ने 2 और आईपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया। इस दिन डीएसपी लेवल के अफसर भी इधर-से-उधर भेजे गए। 61 डीएसपी (DSP) रैंक के अधिकारियों का भी तबादला किया गया था। तीसरा चरण-इस फेर-बदल में पांच आईपीएस और 8 डीएसपी स्तर के अधिकारी बदले गए। 20 मई 2026 को यह तबादला किया गया। बिहार के पास कुल स्ट्रैंथ से 47 आईपीएस कम बिहार में IPS अधिकारियों की कमी है। यहां आईपीएस अफसरों की कुल स्ट्रैंथ 267 है। मौजूदा वक्त में 220 आईपीएस अफसर तैनात हैं। 47 IPS कम हैं। सम्राट सरकार में IAS-IPS अफसरों के तबादले का दौर जारी है। सीएम सम्राट चौधरी पसंद के अधिकारी को फील्ड में भेज रहे हैं। शुक्रवार को 10 IAS अफसरों का ट्रांसफर किया गया। इससे पहले 16 IPS और 12 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर हुआ था। अब तक 23 आईपीएस अधिकारियों का तबादला हुआ है। 69 डीएसपी (DSP) रैंक के अधिकारी इधर से उधर हुए हैं। इस बीच खबर है कि बिहार में आईपीएस अधिकारियों की संख्या बढ़ने वाली है। अगले दो-से तीन सप्ताह में 6 अफसर बिहार पहुंचने वाले हैं। बिहार में कौन से नए IPS अधिकारी आने वाले हैं? वे अभी कहां हैं? बिहार आकर क्या करेंगे? पढ़िए रिपोर्ट…। बिहार पहुंच रहे हैं 6 नए IPS अफसर 2024 बैच के 6 नए IPS अफसर बिहार आ रहे हैं। इस वक्त वे SVPNPA (सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी) हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे हैं। इन सभी की ट्रेनिंग 26 अगस्त 2024 को शुरू हुई थी। 1. IPS विनय कुमार, तीन बार फेल होने पर बन गए थे इंजीनियर 2024 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने हिमाचल के जल शक्ति विभाग हमीरपुर में प्रोसेस इंजीनियर पद पर काम किया है। उनका घर बिलासपुर जिले के घुमारवीं के गाहर पंचायत में है। उनके परिवार के लोग लंबे समय से हमीरपुर के अणु में रह रहे हैं। विनय ने प्रारंभिक शिक्षा हमीरपुर जिले के निजी स्कूल से की। तीन बार फेल होने पर विनय ने हिमाचल प्रदेश सर्विस कमीशन की प्रोसेस इंजीनियर की परीक्षा पास की। फरवरी 2023 में जल शक्ति विभाग में नौकरी शुरू की थी। उन्होंने काम के साथ UPSC की तैयारी जारी रखी। दिन में सरकारी कामकाज निपटाते और देर रात तक पढ़ाई करते थे। चौथे प्रयास में सफलता मिली। 2. IPS नवनीत आनंद, 7वीं में थे तब पिता चल बसे 2024 बैच के IPS अधिकारी नवनीत आनंद बिहार के हैं। उनकी पढ़ाई-लिखाई राजस्थान और दिल्ली में हुई। नवनीत 7वीं क्लास में पढ़ रहे थे तब उनके पिता की मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद नवनीत पर जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने पढ़ाई पर पूरा ध्यान लगाया और अधिकारी बने। नवनीत ने कॉलेज में पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। कॉलेज पास करते ही सरकारी नौकरी के लिए उनका सिलेक्शन हो गया था। नवनीत ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी सेल्फ स्टडी के दम पर की। दो बार फेल हुए। इसके बाद भी निराशा को खुद पर हावी नहीं होने दिया। तीसरे प्रयास में सफलता पाई थी। 3. IPS विजय राघव गोयल, मां का सपना पूरा करने को बने अधिकारी विजय राघव गोयल राजस्थान के बालोतरा के हैं। उनका परिवार बिजनेस से जुड़ा है। विजय की मां का सपना था कि बेटा अफसर बने। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अमेरिका में अपनी नौकरी छोड़ दी। 4 बार फेल होने के बाद 5वें प्रयास में IPS अधिकारी बने। विजय राघव ने प्रारंभिक शिक्षा बालोतरा शहर के प्राइवेट स्कूल से की। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक में आईटीआई की थी। इसके बाद अमेरिका में नौकरी करने लगे थे। विदेश में जॉब करते हुए उनका मन मां का सपना पूरा नहीं करने के चलते बेचैन रहता था। उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी की। कोरोना काल में दिल्ली और बाद में बालोतरा में रहकर पढ़ाई की। 2023 में सफलता मिली। 4. IPS मो. ताबिश हसन, अंचलाधिकारी के पद पर किया है काम 2024 बैच के IPS अधिकारी ताबिश हसन बिहार के मधेपुरा के हैं। इन्होंने बीटेक की पढ़ाई की है। IPS बनने से पहले वह मधेपुरा के पुरैनी में अंचलाधिकारी के पद पर पदस्थापित थे। दिन में अंचल ऑफिस जाकर काम करते और देर रात तक पढ़ते थे। विभागीय मीटिंग में जाने या घर से ऑफिस या कहीं और जाने के दौरान अपनी गाड़ी में पढ़ते रहते थे। 5. IPS कोशिंदर ने की है बीटेक की पढ़ाई कोशिंदर राजस्थान के झुंझुनू जिला के रसूलपुर अहिरान गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम रामकुमार यादव है। कोशिंदर ने NIT कुरुक्षेत्र से इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार में बीटेक की डिग्री ली है। इन्होंने कॉलेज के दिनों से ही UPSC की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। 6. IPS शुभम को दूसरे प्रयास में मिली थी सफलता शुभम मूल रूप से हरियाणा के चरखी दादरी जिले के दोई गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा श्री विद्या मंदिर, पिलानी (राजस्थान) से पूरी की है। शुभम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से ‘इतिहास और अर्थशास्त्र’ में बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) की डिग्री ली है। दूसरे प्रयास में UPSC की परीक्षा पास की। अब IPS अफसरों ट्रेनिंग पैटर्न जानिए 1. ट्रेनिंग का सैंडविच पैटर्न-आईपीएस की ट्रेनिंग को जानबूझकर टुकड़ों में बांटा जाता है। इन्हें ग्रुप में ट्रेनिंग दी जाती है। इसके पीछे तर्क है कि ये वे किताबी ज्ञान और जमीनी हकीकत दोनों को समझ सकें। 2. फेज-1 की ट्रेनिंग- इस चरण में अधिकारी सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद में ट्रेनिंग लेते हैं। यहां बुनियादी इनडोर और आउटडोर ट्रेनिंग दी जाती है। 3. जिलों में ट्रेनिंग- IPS अफसरों को जिलों में भेजकर ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें पुलिसगिरी सिखाई जाती है। थाने से ट्रेनिंग की शुरुआत होती है। फेज-1 की ट्रेनिंग लेने के बाद अधिकारियों को जिलों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। यहां वे प्रशिक्षु (Probationer) या सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में थाने में काम और फील्ड वर्क का अनुभव लेते हैं। फेज-3- इस फेज में अधिकारी फिर से राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद लौटते हैं। जिलों में फील्ड ड्यूटी का अनुभव लेने के बाद, उन्हें अगले स्तर की ट्रेनिंग दी जाती है। अभी कितने अधिकारी ट्रेनिंग ले रहें मौजूदा वक्त में बिहार कैडर के कुल 15 आईपीएस अधिकारी अलग-अलग ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत SVPNPA हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे हैं। गृह विभाग के हालिया आदेशों के मुताबिक इसे दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है। 1. मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP)- इसके तहत सीनियर अधिकारी को ट्रेनिंग दी जाती है। बिहार सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, बिहार कैडर के 10 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को 25 मई से 19 जून तक चलने वाले 27वें मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के ‘फेज-3’ के लिए भेजा जा रहा है। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य इन अधिकारियों के प्रशासनिक और नेतृत्व कौशल को बढ़ाना है। 2. इंडक्शन ट्रेनिंग-इसके तहत प्रमोटेड अधिकारी- इसके अलावा, बिहार राज्य पुलिस सेवा (BPS) से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रमोट हुए अधिकारी को ट्रेनिंग दी जाती है। अभी 2018 बैच के 5 आईपीएस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इन्हें 48वें इंडक्शन कोर्स के तहत विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद अकादमी भेजा गया था। यह अब लौटने वाले हैं। पिछले 11 दिनों में 92 पुलिस अफसरों का तबादला यह प्रशासनिक फेरबदल तीन अलग-अलग चरणों में किया गया है। इसमें 23 आईपीएस और 69 डीएसपी का तबादला इधर-से-उधर किया गया। पहला चरण- यह बड़ा फेरबदल था। 10 मई 2026) को सम्राट सरकार ने अपने पहले बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत एक साथ 16 सीनियर आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी थी। दूसरा चरण- यह फेरबदल 5 दिन बाद 15 मई 2026 को किया गया। कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से गृह विभाग ने 2 और आईपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया। इस दिन डीएसपी लेवल के अफसर भी इधर-से-उधर भेजे गए। 61 डीएसपी (DSP) रैंक के अधिकारियों का भी तबादला किया गया था। तीसरा चरण-इस फेर-बदल में पांच आईपीएस और 8 डीएसपी स्तर के अधिकारी बदले गए। 20 मई 2026 को यह तबादला किया गया। बिहार के पास कुल स्ट्रैंथ से 47 आईपीएस कम बिहार में IPS अधिकारियों की कमी है। यहां आईपीएस अफसरों की कुल स्ट्रैंथ 267 है। मौजूदा वक्त में 220 आईपीएस अफसर तैनात हैं। 47 IPS कम हैं।  

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