ब्रह्मपुर | ब्रह्मपुर नगर निवासी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ एवं शतायु कार्यकर्ता स्व चंद्रवदन पांडेय उर्फ साधु जी पांडेय के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। उनका निधन 22 अप्रैल 2026 को हुआ था। वे 102 वर्ष से के थे और अपने कर्मठ, ईमानदार एवं अनुशासनप्रिय व्यक्तित्व के लिए समाज में विशेष पहचान रखते थे। उनकी स्मृति में बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित शोक सभा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने उनके जीवन को समाज सेवा, समर्पण और सादगी का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सेवा प्रमुख शिव जी पांडेय, विश्व हिंदू परिषद के सह अध्यक्ष शिव मोहन पांडेय, बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष मुकेश पांडेय, विश्व हिंदू विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष सत्ता नंद पांडेय, भाजपा नेता महेश पांडेय, नित्यानंद ओझा, ओंकार नाथ पांडेय, शिवजी प्रसाद, परभांश राम, अंबिका दत्त पाठक, राम निवास वर्मा, अनिल कुमार पांडे सहित अनेक गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। सभा के अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। ब्रह्मपुर | ब्रह्मपुर नगर निवासी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ एवं शतायु कार्यकर्ता स्व चंद्रवदन पांडेय उर्फ साधु जी पांडेय के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। उनका निधन 22 अप्रैल 2026 को हुआ था। वे 102 वर्ष से के थे और अपने कर्मठ, ईमानदार एवं अनुशासनप्रिय व्यक्तित्व के लिए समाज में विशेष पहचान रखते थे। उनकी स्मृति में बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित शोक सभा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने उनके जीवन को समाज सेवा, समर्पण और सादगी का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सेवा प्रमुख शिव जी पांडेय, विश्व हिंदू परिषद के सह अध्यक्ष शिव मोहन पांडेय, बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष मुकेश पांडेय, विश्व हिंदू विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष सत्ता नंद पांडेय, भाजपा नेता महेश पांडेय, नित्यानंद ओझा, ओंकार नाथ पांडेय, शिवजी प्रसाद, परभांश राम, अंबिका दत्त पाठक, राम निवास वर्मा, अनिल कुमार पांडे सहित अनेक गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। सभा के अंत में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।


