ईद-उल-अज़हा के मौके पर गाजियाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर ने साफ निर्देश दिए थे कि सड़क पर नमाज अदा नहीं की जाएगी। वहीं खुले में कुर्बानी पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई थी। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शहरभर में पुलिस फोर्स अलर्ट मोड में रही। शहर क्षेत्र के कोतवाली, कैला भट्टा, लोनी, मसूरी, डासना, मोदीनगर, मुरादनगर और कनावनी समेत विभिन्न इलाकों की मस्जिदों में ईद की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई। सभी प्रमुख मस्जिदों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। लोगों ने गले मिलकर दी ईद की मुबारकबाद नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। शहर और देहात क्षेत्र में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी गई। इस दौरान गणमान्य लोगों और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने भी लोगों से मुलाकात कर ईद की बधाई दी। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे सड़क पर नमाज अदा न करें। जिन स्थानों पर जगह कम है, वहां अलग-अलग शिफ्ट में नमाज पढ़ने की सलाह दी गई। खुले में कुर्बानी करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी पुलिस कमिश्नर जे. रविदंर गौड ने कहा कि खुले में कुर्बानी पर पूरी तरह से रोक है। यदि कहीं भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी या खुले में कुर्बानी की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहार के दौरान स्टंटबाजी पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है। ट्रैफिक पुलिस और सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं भी स्टंट करते युवक मिले तो संबंधित थाना प्रभारी और ट्रैफिक इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी तय की जाएगी।


