वैकल्पिक निवेश कोष कंपनी गेटफाइव फंड्स को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से 500 करोड़ रुपये का दूसरा वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) शुरू करने करने की मंजूरी मिल गई है। इस कोष के जरिये तेजी से बढ़ रहे छोटे एवं मझोले उद्यमों (एसएमई) में निवेश किया जाएगा। कंपनी ने बुधवार को बयान में कहा कि श्रेणी-1 का वैकल्पिक निवेश कोष गेटफाइव अपॉर्च्युनिटी फंड-2 महानगरों, मझोले और छोटे शहरों में उभरते कारोबारों पर ध्यान देगा।
यह रक्षा, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, दवा, वित्तीय सेवाओं, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में निवेश करेगा। कंपनी ने कहा कि उसका पहला कोष भी छोटे एवं मझोले उद्यमों पर केंद्रित है, जबकि दूसरा कोष बड़े निवेश लक्ष्य के साथ निवेश के दायरे का विस्तार करेगा। इस कोष का प्रबंधन गेटफाइव फंड्स के प्रबंध निदेशक श्रीकांत गोयल करेंगे।
गोयल ने कहा, ‘‘भारत में छोटे एवं मझोले उद्यमों में निवेश के बड़े अवसर हैं।… अगले तीन से चार वर्षों में करीब 400 कंपनियों के बीएसई एसएमई और एनएसई इमर्ज मंच पर सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।’’
इस कोष का उद्देश्य अच्छे अवसरों वाले भारतीय छोटे एवं मझोले उद्यमों को दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही गेटफाइव वित्तीय सलाह और पूंजी जुटाने की सेवाओं से आगे बढ़कर कंपनियों के साथ निवेश साझेदारी भी करेगा।

