नगर निगम बोर्ड बैठक में 27 करोड़ की योजनाएं मंजूर:267 सड़क-नाली परियोजनाएं बनेंगी, नाला सफाई में देरी पर चिंता; स्वच्छता पदाधिकारी की छुट्‌टी पर नाराजगी भी जताई

नगर निगम बोर्ड बैठक में 27 करोड़ की योजनाएं मंजूर:267 सड़क-नाली परियोजनाएं बनेंगी, नाला सफाई में देरी पर चिंता; स्वच्छता पदाधिकारी की छुट्‌टी पर नाराजगी भी जताई

गयाजी नगर निगम सभागार में सोमवार को मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें शहर के विकास से जुड़ी 27 करोड़ रुपए की 267 सड़क और नाली निर्माण योजनाओं को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। हालांकि, मानसून से पहले नाला सफाई में देरी पर जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई। बैठक का संचालन सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया। मेयर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इन योजनाओं के तहत शहर के सभी वार्डों में सड़क और नाली का निर्माण किया जाएगा। इनका उद्देश्य लंबे समय से लंबित सड़क और जल निकासी की समस्याओं का समाधान करना है। नगर निगम का लक्ष्य शहरवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है, जिससे आवागमन और जलजमाव की परेशानियों से राहत मिल सके। बैठक में मानसून पूर्व नाला और नालियों की सफाई का मुद्दा प्रमुखता से उठा मेयर ने स्वीकार किया कि सफाई एजेंसियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय की कमी के कारण कार्य धीमी गति से हो रहा है। उन्होंने बताया कि मानसून आने में कुछ ही दिन शेष हैं, जबकि अब तक केवल लगभग 50 प्रतिशत सफाई कार्य ही पूरा हो पाया है। मेयर ने चेतावनी दी कि समय पर सफाई न होने पर हल्की बारिश में भी शहर के कई हिस्सों में जलजमाव हो सकता है। कई पार्षदों ने नाला सफाई कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया। पार्षद नैयर अहमद ने वाटन नाले की सफाई को असंतोषजनक बताया और कहा कि केवल खानापूर्ति की जा रही है। वहीं, पार्षद अशोक कुमार ने कुजापी नाले की सफाई पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई कि बरसात में वार्ड संख्या 18 के कई इलाकों में जलजमाव हो सकता है। इस पर नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने सदन को आश्वस्त किया कि 30 जून तक शहर के सभी प्रमुख नालों और नालियों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। शहर में बनेंगे यात्री शेड, खुलेंगे 60 पुस्तकालय बैठक में शहर के प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की सुविधा के लिए यात्री शेड निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इन शेडों में बैठने की व्यवस्था होगी और यात्रियों को धूप एवं बारिश से बचाव की सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा शिक्षा और पठन-पाठन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर में 60 पुस्तकालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इनमें 20 पुस्तकालय उच्च विद्यालयों में, 20 सामुदायिक भवनों में तथा 20 नए पुस्तकालय भवनों का निर्माण कर संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक वार्ड को मिले 10-10 लाख रुपए नगर निगम ने नालियों के ढक्कन और मेनहोल की मरम्मत के लिए प्रत्येक वार्ड को 10-10 लाख रुपये उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस राशि से वार्ड स्तर पर एक वर्ष तक मरम्मत और रखरखाव का कार्य कराया जाएगा। इससे खुले मेनहोल और क्षतिग्रस्त ढक्कनों की समस्या के समाधान में तेजी आएगी। 7 सरोवरों का होगा सौंदर्यीकरण बैठक में शहर के सात प्रमुख सरोवरों के सौंदर्यीकरण की योजना को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत सरोवरों के आसपास सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। गयाजी नगर निगम सभागार में सोमवार को मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें शहर के विकास से जुड़ी 27 करोड़ रुपए की 267 सड़क और नाली निर्माण योजनाओं को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। हालांकि, मानसून से पहले नाला सफाई में देरी पर जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई। बैठक का संचालन सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया। मेयर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इन योजनाओं के तहत शहर के सभी वार्डों में सड़क और नाली का निर्माण किया जाएगा। इनका उद्देश्य लंबे समय से लंबित सड़क और जल निकासी की समस्याओं का समाधान करना है। नगर निगम का लक्ष्य शहरवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है, जिससे आवागमन और जलजमाव की परेशानियों से राहत मिल सके। बैठक में मानसून पूर्व नाला और नालियों की सफाई का मुद्दा प्रमुखता से उठा मेयर ने स्वीकार किया कि सफाई एजेंसियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय की कमी के कारण कार्य धीमी गति से हो रहा है। उन्होंने बताया कि मानसून आने में कुछ ही दिन शेष हैं, जबकि अब तक केवल लगभग 50 प्रतिशत सफाई कार्य ही पूरा हो पाया है। मेयर ने चेतावनी दी कि समय पर सफाई न होने पर हल्की बारिश में भी शहर के कई हिस्सों में जलजमाव हो सकता है। कई पार्षदों ने नाला सफाई कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया। पार्षद नैयर अहमद ने वाटन नाले की सफाई को असंतोषजनक बताया और कहा कि केवल खानापूर्ति की जा रही है। वहीं, पार्षद अशोक कुमार ने कुजापी नाले की सफाई पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई कि बरसात में वार्ड संख्या 18 के कई इलाकों में जलजमाव हो सकता है। इस पर नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने सदन को आश्वस्त किया कि 30 जून तक शहर के सभी प्रमुख नालों और नालियों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। शहर में बनेंगे यात्री शेड, खुलेंगे 60 पुस्तकालय बैठक में शहर के प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की सुविधा के लिए यात्री शेड निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इन शेडों में बैठने की व्यवस्था होगी और यात्रियों को धूप एवं बारिश से बचाव की सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा शिक्षा और पठन-पाठन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर में 60 पुस्तकालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इनमें 20 पुस्तकालय उच्च विद्यालयों में, 20 सामुदायिक भवनों में तथा 20 नए पुस्तकालय भवनों का निर्माण कर संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक वार्ड को मिले 10-10 लाख रुपए नगर निगम ने नालियों के ढक्कन और मेनहोल की मरम्मत के लिए प्रत्येक वार्ड को 10-10 लाख रुपये उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस राशि से वार्ड स्तर पर एक वर्ष तक मरम्मत और रखरखाव का कार्य कराया जाएगा। इससे खुले मेनहोल और क्षतिग्रस्त ढक्कनों की समस्या के समाधान में तेजी आएगी। 7 सरोवरों का होगा सौंदर्यीकरण बैठक में शहर के सात प्रमुख सरोवरों के सौंदर्यीकरण की योजना को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत सरोवरों के आसपास सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।  

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