Sarcoma: चोट के बिना हड्डियों में दर्द बना रहता है? यूके की कैंसर रिसर्च से जानिए सारकोमा के इन चेतावनी संकेतों के बारे में

Sarcoma: चोट के बिना हड्डियों में दर्द बना रहता है? यूके की कैंसर रिसर्च से जानिए सारकोमा के इन चेतावनी संकेतों के बारे में

Sarcoma Symptoms: अक्सर लोग शरीर या जोड़ों में उठने वाले दर्द को थकावट, नस का चढ़ जाना, मोच आना या बढ़ती उम्र का असर मानकर टाल देते हैं। कई बार लोग डॉक्टर के पास जाने की जगह खुद ही दर्द निवारक दवाइयां खाकर काम चलाना शुरू कर देते हैं। अगर कभी चोट लगी हो और दर्द हो, तो बात समझ आती है। लेकिन अगर बिना किसी चोट, बिना गिरे या बिना कोई भारी काम किए हड्डियों में लगातार दर्द बना रहे, तो इसे मामूली समझकर इग्नोर करना बहुत खतरनाक हो सकता है। कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार, हड्डियों में लंबे समय तक रहने वाला यह गहरा दर्द सारकोमा (Sarcoma) यानी बोन या सॉफ्ट टिश्यू कैंसर का संकेत हो सकता है। सारकोमा एक ऐसा दुर्लभ कैंसर है, जिसके लक्षणों को लोग शुरुआत में पकड़ नहीं पाते और बीमारी काफी आगे बढ़ जाती है। आइए समझते हैं कि सारकोमा आखिर क्या है, इसके क्या-क्या चेतावनी संकेत होते हैं और किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा रहता है।

क्या होता है सारकोमा (Sarcoma)?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, सारकोमा शरीर का एक खास तरह का कैंसर है, जो मुख्य रूप से दो हिस्सों में पनपता है हड्डियों में और शरीर के कोमल ऊतकों (Soft Tissues) में। बोन सारकोमा (Bone Sarcoma) सीधे हड्डियों के अंदर विकसित होता है। यह पैर, हाथ, कंधे, रीढ़ की हड्डी या पसलियों में कहीं भी हो सकता है। सॉफ्ट टिश्यू सारकोमा (Soft Tissue Sarcoma) हड्डियों को आपस में जोड़ने वाले या शरीर को ढांचा देने वाले मुलायम हिस्सों में होता है। जैसे कि मांसपेशियां (Muscles), वसा (Fat), नसें (Nerves), रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) और जोड़ों के आसपास की गद्दी। यह कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, लेकिन सबसे ज्यादा यह पैरों, हाथों और पेट के अंदरूनी हिस्सों में देखने को मिलता है।

सारकोमा के मुख्य लक्षण

इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती दिनों में इसके लक्षण बहुत सामान्य लगते हैं। लेकिन अगर आप ध्यान दें, तो शरीर कुछ साफ चेतावनी संकेत देता है;

  • लगातार और गहरा दर्द होना।
  • रात के समय दर्द का अत्यधिक बढ़ना।
  • दर्द वाली जगह पर सूजन या गांठ।
  • अचानक हड्डी का टूटना (Fracture)।
  • चलने-फिरने और हाथ-पैर हिलाने में दिक्कत।
  • बिना वजह वजन गिरना और थकान।

किन लोगों को होता है सारकोमा का ज्यादा खतरा?

सारकोमा किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन कुछ खास वजहों और स्थितियों में इसका जोखिम काफी बढ़ जाता है;

  • बच्चों और युवाओं में जोखिम।
  • पुरानी रेडिएशन थेरेपी।
  • आनुवंशिक कारण (Genetic Conditions)।
  • रसायनों के संपर्क में आना।
  • शरीर में लंबे समय से सूजन (Lymphedema)।

डॉक्टर को कब दिखाना बेहद जरूरी है?

शरीर में उठने वाले हर दर्द का मतलब कैंसर नहीं होता, इसलिए घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपको या आपके घर में किसी को भी बिना चोट के 2 से 3 हफ्तों से ज्यादा समय से हड्डियों में दर्द है, रात में दर्द बढ़ता है या शरीर पर कोई ऐसी गांठ दिख रही है जो धीरे-धीरे बड़ी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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