बिना वजह नाक या मसूड़ों से खून आना भी हो सकता है Acute Myelogenous Leukemia का संकेत, मेयो क्लिनिक से जानें लक्षण

बिना वजह नाक या मसूड़ों से खून आना भी हो सकता है Acute Myelogenous Leukemia का संकेत, मेयो क्लिनिक से जानें लक्षण

Acute Myelogenous Leukemia Symptoms: कई बार ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आने लगता है या अचानक नाक से खून बहने लगता है। अक्सर लोग इसे शरीर में गर्मी बढ़ना, मसूड़ों की कमजोरी या मामूली चोट मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक, अगर यह समस्या बिना किसी वजह के बार-बार हो रही हो, तो इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। यह एक्यूट मायलोजेनस ल्यूकेमिया (AML) नाम के ब्लड कैंसर का एक शुरुआती चेतावनी संकेत हो सकता है। आइए समझते हैं कि AML क्या है, इसके क्या लक्षण हैं, और बिना वजह खून बहने से इसका क्या संबंध है।

क्या है यह Acute Myelogenous Leukemia (AML)?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, AML एक तरह का ब्लड कैंसर (रक्त कैंसर) है, जो हमारे शरीर के बोन मैरो (Bone Marrow) यानी हड्डियों के अंदर मौजूद मज्जा से शुरू होता है। बोन मैरो हमारे शरीर का वह कारखाना है जहां खून की लाल कोशिकाएं (RBCs), सफेद कोशिकाएं (WBCs) और प्लेटलेट्स (Platelets) बनती हैं। जब किसी व्यक्ति को AML होता है, तो उसका बोन मैरो असामान्य, अधूरी और बीमार सफेद रक्त कोशिकाओं को बहुत तेजी से बनाना शुरू कर देता है। ये खराब कोशिकाएं स्वस्थ रक्त कोशिकाओं को दबा देती हैं और उन्हें सही से काम नहीं करने देतीं। एक्यूट (Acute) शब्द का मतलब है कि यह बीमारी बहुत तेजी से फैलती है, इसलिए इसमें तुरंत ध्यान देने की जरूरत होती है।

नाक और मसूड़ों से खून आने का AML से क्या संबंध है?

हमारे खून में मौजूद प्लेटलेट्स का काम चोट लगने या कटने पर खून का थक्का (Blood Clot) बनाना होता है, जिससे खून बहना बंद हो जाए। जब AML के कारण बोन मैरो में खराब कोशिकाएं भर जाती हैं, तो शरीर में स्वस्थ प्लेटलेट्स का बनना बहुत कम हो जाता है। प्लेटलेट्स की इस भारी कमी के कारण शरीर के नाजुक हिस्सों जैसे मसूड़ों और नाक की भीतरी परत से बिना किसी बड़ी चोट के भी अपने आप खून बहने लगता है। अगर त्वचा पर हल्का सा भी दबाव पड़े, तो लाल या नीले रंग के निशान (Chitte) पड़ जाते हैं।

AML के अन्य प्रमुख लक्षण जिन्हें पहचानना जरूरी है

नाक और मसूड़ों से खून आने के अलावा, इस बीमारी में शरीर कई तरह के शुरुआती संकेत देता है;

  • लगातार बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी।
  • बार-बार बुखार और इंफेक्शन होना।
  • त्वचा पर नीले-लाल धब्बे (Bruising)।
  • हड्डियों या जोड़ों में दर्द।
  • अचानक वजन गिरना और भूख न लगना।

यह बीमारी क्यों होती है?

AML होने का कोई एक स्पष्ट कारण नहीं होता, लेकिन बोन मैरो की कोशिकाओं के DNA में बदलाव (Mutation) आने से यह समस्या होती है। इसके कुछ मुख्य रिस्क फैक्टर्स में शामिल हैं;

  • 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों में इसके मामले ज्यादा देखे जाते हैं।
  • सिगरेट या तंबाकू के धुएं में मौजूद हानिकारक केमिकल्स ब्लड कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
  • केमिकल्स या रेडिएशन का संपर्क।

डॉक्टर की सलाह कब लें?

अगर आपको या आपके किसी परिचित को बिना किसी वजह के बार-बार नाक या मसूड़ों से खून आ रहा है, शरीर पर बिना चोट के नील पड़ रहे हैं, या लगातार कमजोरी और बुखार बना हुआ है, तो बिना देरी किए किसी अच्छे डॉक्टर (Physician या Hematologist) से संपर्क करें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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