Breast Cancer सिर्फ महिलाओं की बीमारी नहीं! सीडीसी ने बताया पुरुषों में दिख सकते हैं ये संकेत

Breast Cancer सिर्फ महिलाओं की बीमारी नहीं! सीडीसी ने बताया पुरुषों में दिख सकते हैं ये संकेत

Breast Cancer In Men Symptoms: जब भी हम ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) के बारे में सुनते हैं, तो ज़हन में सबसे पहला खयाल महिलाओं का ही आता है। आम बोलचाल में लोग यही मानते हैं कि यह समस्या सिर्फ महिलाओं को होती है। लेकिन सच्चाई यह है कि पुरुष भी इस बीमारी से अछूते नहीं हैं। अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, पुरुषों में भी ब्रेस्ट टिश्यूज (स्तन के ऊतक) होते हैं, इसलिए उनमें भी कैंसर पनपने का पूरा खतरा रहता है। हालांकि, पुरुषों में इसके मामले काफी कम देखने को मिलते हैं, लेकिन अवेयरनेस की कमी की वजह से पुरुष इसके लक्षणों को पहचान नहीं पाते और डॉक्टर के पास तब पहुंचते हैं जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। आइए समझते हैं कि पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर क्यों होता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

पुरुषों को क्यों हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, बचपन में लड़के और लड़कियों दोनों के सीने के हिस्से में एक जैसे ही टिश्यूज होते हैं। प्यूबर्टी (किशोरावस्था) में आने के बाद महिलाओं में ये टिश्यूज ज्यादा विकसित हो जाते हैं, जबकि पुरुषों में इनका विकास रुक जाता है। लेकिन पुरुषों में भी बहुत कम मात्रा में ब्रेस्ट टिश्यूज और डक्ट्स मौजूद रहते हैं। जब इन टिश्यूज की कोशिकाएं (cells) अनियंत्रित होकर तेजी से बढ़ने लगती हैं, तो यह गांठ या ट्यूमर का रूप ले लेती हैं, जिसे हम मेल ब्रेस्ट कैंसर (Male Breast Cancer) कहते हैं।

पुरुषों में दिखने वाले मुख्य लक्षण

  • सीने में कठोर गांठ होना।
  • निप्पल में बदलाव आना।
  • निप्पल से लिक्विड या खून निकलना।
  • त्वचा में बदलाव।
  • बगल (Armpit) में सूजन।

किन पुरुषों को इसका खतरा ज्यादा होता है?

  • 60 साल या उससे अधिक उम्र के पुरुषों।
  • फैमिली हिस्ट्री।
  • एस्ट्रोजन हार्मोन का बढ़ता स्तर।
  • क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम (Klinefelter Syndrome)।
  • अगर पहले कभी सीने के हिस्से में किसी इलाज के लिए रेडिएशन थेरेपी ली गई हो।

जांच और इलाज का क्या तरीका है?

अगर सीने में कोई गांठ या बदलाव दिखे, तो डॉक्टर सबसे पहले मैमोग्राफी (Mammography), अल्ट्रासाउंड या बायोप्सी (Biopsy) टेस्ट करवाते हैं ताकि पता चल सके कि गांठ नॉर्मल है या कैंसर की। इसका इलाज बिल्कुल महिलाओं के इलाज की तरह ही होता है;

  • सर्जरी (Surgery)।
  • कीमोथेरेपी और रेडिएशन।
  • हार्मोन थेरेपी।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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