भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जमकर तारीफ करते हुए शुक्रवार को यहां कहा कि ‘ताकत, प्रतिभा और इरादे’ के अलावा इन दोनों खिलाड़ियों का अपने दिमाग पर भी जबरदस्त नियंत्रण है। कोटक ने कहा कि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में शामिल करने की सोशल मीडिया पर चल रही मांग के बावजूद टीम प्रबंधन ने जिस तरह से सैमसन और अभिषेक का समर्थन किया उसके लिए उसकी सराहना की जानी चाहिए। सूर्यवंशी को एशियाई खेलों के बाद खेलने का मौका नहीं मिला है लेकिन ईशान किशन के चोटिल होने के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच से बाहर हो जाने के बाद अब उन्हें मौका मिल सकता है।
कोटक ने कहा, ‘‘इन तीनों सलामी बल्लेबाजों को लेकर सोशल मीडिया पर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। लोगों को समझना चाहिए कि टीम प्रबंधन के फैसले टीम के हित में होते हैं। लोगों की मर्जी के हिसाब से अंतिम एकादश का चयन नहीं किया जा सकता।’’ कोटक ने सैमसन की विशेष रूप से प्रशंसा की, जिन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘‘संजू दमदार खिलाड़ी है। उन्होंने पहले मैच में जिस तरह से बल्लेबाजी थी वह काबिले तारीफ है।
हमारे सामने बड़ा लक्ष्य था। अगर आप कभी खुद को एक बल्लेबाज की जगह रखकर सोचें कि आपको पहले दो ओवरों में तीन या चार छक्के लगाने हैं, तो आपको भी आउट होने का डर लगेगा।’’ कोटक ने कहा, ‘‘अगर आप दो या तीन मैचों में जल्दी आउट हो जाते हैं तो आपको लगेगा कि आपको टीम से बाहर कर दिया जाएगा। लेकिन हमारे सलामी बल्लेबाजों ने अपनी इरादे दिखाए। उनका अपने दिमाग पर भी गजब का नियंत्रण है और वह निडर रवैया अपनाते हैं।’’ कोटक ने कहा कि इस साल की शुरुआत में सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण को लेकर जो ‘हाइप’ पैदा की गई वह सही नहीं थी।
उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई उसे पसंद करता है। लोग उसे पसंद करती है। सोशल मीडिया उसे पसंद करता है। वह प्रतिभाशाली है और टीम भी उसे पसंद करती है। लेकिन, इसी वजह से अंतिम एकादश में बदलाव नहीं किया जा सकता क्योंकि लोग उसे पसंद करते हैं।’’ कोटक ने कहा, ‘‘उसको लेकर जो ‘हाइप’ बनाई गई है मुझे लगता है कि वह खिलाड़ी के लिए भी अच्छा नहीं है।
यह अन्य खिलाड़ियों के लिए भी सही नहीं है जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। क्रिकेट से जुड़े लोगों को इस बारे में सोचना चाहिए।’’ कोटक ने कहा कि सूर्यवंशी को पता है कि वह अंतिम एकादश में क्यों शामिल नहीं हैं और वह टीम के माहौल में ढलना सीख रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अब वह काफी परिपक्व हो गया है। वह समझ गया है (कि उसे क्यों नहीं खिलाया जा रहा है)। उसे पता है कि अगर संजू और अभिषेक अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तो उन्हें कैसे बाहर रखा जा सकता है। आखिरकार खेलना 11 खिलाड़ियों को ही होता है।’’

