पंजाब के संगरूर जिले में लहरागागा-जाखल मार्ग पर रविवार को एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से आठ मजदूरों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह घटना अलीशेर गांव के पास उस समय हुई जब विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) के तहत पंजीकृत 20 से अधिक मजदूरों का समूह कुछ काम में लगा हुआ था।
इनमें से कई महिलाएं भी थीं और कुछ मजदूर सड़क के किनारे बैठे हुए थे। पुलिस ने बताया कि मजदूरों का एक समूह जाखल की दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) पलविंदर सिंह ने बताया कि इसके बाद कार चालक अपना वाहन वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया।
पुलिस के एक अन्य अधिकारी के अनुसार, पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। संगरूर की उपायुक्त (जिलाधिकारी) पूनमदीप कौर ने पुष्टि करते हुए बताया कि इस हादसे में आठ मजदूरों की जान गई है, जबकि 12 घायल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पीड़ितों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने सहित सभी जरूरी कदम उठा रहा है। स्थानीय विधायक और पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि घायलों का इलाज किया जा रहा है और सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
शवों को ले जाने के लिए एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी मजदूरों की मौत पर शोक व्यक्त किया। चीमा ने कहा, लहरा के अलीशेर गांव के पास मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत काम कर रही महिला मजदूरों के साथ घटी यह दुखद घटना अत्यंत पीड़ादायक है।
दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे और परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दे। कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इस दुर्घटना में हुई मौतों पर दुख जताया।
लुधियाना से सांसद वड़िंग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, लहरा में एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से आठ मनरेगा मजदूरों की मौत की घटना से दुख पहुंचा है, जिसमें कई अन्य घायल हुए हैं। यह अत्यंत हृदयविदारक है। उन्होंने लिखा, ये समाज के सबसे गरीब मजदूर हैं जो अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।
मैं प्रशासन से मांग करता हूं कि घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। दिवंगत आत्माओं को शांति मिले। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी इस भीषण हादसे पर शोक प्रकट किया।
उन्होंने कहा, लहरा में एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से आठ मनरेगा मजदूरों की दर्दनाक मौत बेहद व्यथित करने वाली है। इस दर्दनाक हादसे में कई अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दे और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

