दिल्ली पुलिस ने रूसी दूतावास की वेबसाइट से मिलती जुलती फर्जी वेबसाइट के जरिए भारतीयों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने बताया कि इस मामले में नौकरी तलाशने वाले 17 लोगों के साथ धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है और करीब 50 संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता चला है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन कुमार (25) और विवेक कुमार के रूप में हुई है। अमन बिहार के वैशाली का रहने वाला है और दिसंबर 2025 में ब्रिटेन गया था, जहां वह कथित तौर पर इस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने बताया कि वह ब्रिटेन के मिडिल्सब्रो में स्टॉक कंट्रोल एनालिस्ट के तौर पर काम कर रहा था।
उसे 26 अक्टूबर को भारत में अपने गृह नगर आने पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, भारत में रूसी दूतावास की शिकायत के बाद यह मामला सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दूतावास की वेबसाइट से मिलती जुलती फर्जी वेबसाइट के जरिए नौकरी का झांसा दिया जा रहा है जिसके बाद 24 जून 2026 को नयी दिल्ली जिले के साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
डीसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी भर्ती वेबसाइट बनाई थी और नौकरी तलाशने वालों को पंजीकरण तथा परीक्षा शुल्क देने के लिए प्रेरित करने के वास्ते फर्जी भर्तीकर्ता प्रोफाइल, ईमेल खाते, लिंक्डइन प्रोफाइल और व्हाट्सऐप संदेशों का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने बताया कि तकनीकी रिकॉर्ड, आईपी लॉग, दूरसंचार संबंधी जानकारी और वित्तीय लेनदेन की जांच में ‘स्ट्राइप’ और ‘पेपाल’ के जरिए ब्रिटेन आधारित भुगतान व्यवस्था के इस्तेमाल का पता चला। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनमें एक ब्रिटेन का सिम कार्ड है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में अन्य पीड़ितों की पहचान करने, ठगी गई कुल राशि का पता लगाने, लेनदेन के लाभार्थियों का पता लगाने और अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच के प्रयास किए जा रहे हैं।

