प्रयागराज में CBI का छापा:210 करोड़ के बैंक फ्रॉड में चंद्रा प्रोटेको के 3 डायरेक्टर रडार पर, लेजर और अहम दस्तावेज जब्त

प्रयागराज में CBI का छापा:210 करोड़ के बैंक फ्रॉड में चंद्रा प्रोटेको के 3 डायरेक्टर रडार पर, लेजर और अहम दस्तावेज जब्त

सीबीआई ने बैंक से करोड़ों रुपये का कर्ज और दूसरी वित्तीय सुविधाएं लेने के बाद रकम दूसरी कंपनियों में भेजकर 210.13 करोड़ रुपये के फ्रॉड केस में बृहस्पतिवार को प्रयागराज में छापा मारा। यहां कंपनी चंद्रा प्रोटेको लिमिटेड के तीन डायरेक्टरों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। यहां से लेनदेन का हिसाब रखने वाले लेजर और जांच से जुड़े दूसरे दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस मामले में पांच बैंकों को करीब 210.13 करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही गई है। सीबीआई ने इंडियन बैंक की मुंबई स्थित स्ट्रेस्ड एसेट मैनेजमेंट ब्रांच की शिकायत पर यह केस दर्ज किया था। मामले में कंपनी के निदेशक रंजीत गुप्ता, अनीलेश गुप्ता और अपर्णा गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनके अलावा अज्ञात लोक सेवकों और अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। 6 बैंकों से लिए थे 541.46 करोड़ रुपये
सीबीआई के मुताबिक, चंद्रा प्रोटेको लिमिटेड ने इंडियन बैंक की अगुवाई वाले छह बैंकों के समूह से 541.46 करोड़ रुपये की वित्तीय सुविधाएं ली थीं। इसमें कैश क्रेडिट, टर्म लोन और लेटर ऑफ क्रेडिट शामिल थे। आरोप है कि कंपनी ने बैंक से यह रकम जिन कामों के लिए ली थी, उसका इस्तेमाल उन कामों में नहीं किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी के निदेशकों ने कथित साजिश के तहत बैंक से वित्तीय सुविधाएं हासिल कीं। बाद में रकम का इस्तेमाल दूसरी जगह किया गया। इससे पांच बैंकों को करीब 210.13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। दूसरी कंपनियों के जरिए रकम भेजी
सीबीआई की जांच में कंपनी के लेनदेन में कई तरह की गड़बड़ियों की आशंका जताई गई है। एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने कंसोर्टियम में शामिल बैंकों के अलावा दूसरे बैंकों में भी कथित तौर पर सीक्रेट खाते खोले थे। इसके साथ ही समान निदेशकों वाली दूसरी कंपनियों और सहयोगी इकाइयों के जरिए लेटर ऑफ क्रेडिट से जुड़े लेनदेन किए गए। आरोप है कि बैंक से मिली रकम को सहयोगी कंपनियों के जरिए दूसरी जगह भेजा गया। सीबीआई अब यह पता लगा रही है कि पैसा किन खातों में गया, किन कंपनियों को इसका फायदा मिला और रकम का इस्तेमाल कहां किया गया। प्रयागराज में कई ठिकानों पर तलाशी
मामला दर्ज करने के बाद सीबीआई ने प्रयागराज में कंपनी के निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान सिविल लाइंस और कैंट स्थित ठिकानों से संबंधित अवधि के लेजर और दूसरे जरूरी दस्तावेज मिले, जिन्हें जांच एजेंसी ने जब्त कर लिया। हालांकि कार्रवाई इतनी गोपनीय रही कि स्थानीय पुलिस को भी भनक नहीं लगी। इन दस्तावेजों के जरिए कंपनी के बैंक खातों और लेनदेन की जांच की जाएगी। सीबीआई यह भी पता लगाएगी कि बैंक से मिली रकम का कितना हिस्सा दूसरी कंपनियों में भेजा गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। अज्ञात लोक सेवकों की भूमिका भी जांच के दायरे में
सीबीआई ने कंपनी के तीन निदेशकों के अलावा अज्ञात लोक सेवकों और अन्य लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। एजेंसी आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले की जांच कर रही है।

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