प्रयागराज में सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी सोमवार को जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा अभियान, मम्फोर्डगंज स्थित सरस्वती सभागार में हुई। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। राज्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश पदुम नारायण द्विवेदी (पीएन द्विवेदी) कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने आरटीआई अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, जवाबदेही, पारदर्शिता और समयबद्ध सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। द्विवेदी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से आरटीआई आवेदनों का समय पर निस्तारण करने का आग्रह किया, ताकि व्यवस्था में आम लोगों का विश्वास मजबूत हो सके। संगोष्ठी में प्रतिभागियों ने सूचना के अधिकार से संबंधित कई प्रश्न पूछे, जिनका राज्य सूचना आयुक्त ने विस्तार से उत्तर दिया और व्यावहारिक समाधान भी सुझाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सूचना का अधिकार केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि सुशासन और पारदर्शी प्रशासन का एक महत्वपूर्ण साधन है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि आरटीआई अधिनियम शासन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आरटीआई से जुड़े मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की अपेक्षा की, ताकि अनावश्यक विवादों और शिकायतों से बचा जा सके। नवनियुक्त पीएनपी सचिव एवं डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रताप और बीएसए अनिल कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने द्विवेदी को बुके, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर वित्त एवं लेखाधिकारी नीतू सिंह यादव, उपनिरीक्षक उर्दू हरिश्चंद्र गिरी, बीईओ लाल जी शर्मा, बीईओ अखिलेश कुमार, बीईओ क्षमाशंकर पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक समेकित शिक्षा विकास पांडेय ने किया।


