गोपालगंज में राजद नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। यह मार्च शहर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए मौनिया चौक पहुंचा, जहां उनका पुतला फूंका गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व राजद जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौनिया चौक पर हुई सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही लोकतंत्र की असली बुनियाद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त केंद्र सरकार के इशारे पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली को कमजोर कर रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की उन्होंने बताया कि बिहार और बंगाल समेत कई राज्यों में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठे थे। राजनीतिक दलों के साथ-साथ आयोग के भीतर से भी आपत्तियां उठाई गई थीं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने की कोशिश की। पूर्व विधायक राजेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने भारत निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। ”लोकतंत्र में जनता का विश्वास ही सबसे महत्वपूर्ण” राजद के प्रधान महासचिव इम्तियाज अली भुट्टो ने मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में हुए सभी चुनावों को रद्द करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद पर रहेंगे, तब तक देश में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संभव नहीं है। वहीं, पार्टी के जिला उपाध्यक्ष सुनील कुमार बारी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास ही सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बिहार और बंगाल सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सभी गंभीर सवालों का स्पष्ट और संतोषजनक समाधान होना बहुत जरूरी है। इस प्रदर्शन में राजद के कई प्रमुख नेताओं, पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था बहाल करने की मांग की। गोपालगंज में राजद नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। यह मार्च शहर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए मौनिया चौक पहुंचा, जहां उनका पुतला फूंका गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व राजद जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौनिया चौक पर हुई सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही लोकतंत्र की असली बुनियाद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त केंद्र सरकार के इशारे पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली को कमजोर कर रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की उन्होंने बताया कि बिहार और बंगाल समेत कई राज्यों में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठे थे। राजनीतिक दलों के साथ-साथ आयोग के भीतर से भी आपत्तियां उठाई गई थीं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने की कोशिश की। पूर्व विधायक राजेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने भारत निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। ”लोकतंत्र में जनता का विश्वास ही सबसे महत्वपूर्ण” राजद के प्रधान महासचिव इम्तियाज अली भुट्टो ने मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में हुए सभी चुनावों को रद्द करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद पर रहेंगे, तब तक देश में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संभव नहीं है। वहीं, पार्टी के जिला उपाध्यक्ष सुनील कुमार बारी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास ही सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बिहार और बंगाल सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सभी गंभीर सवालों का स्पष्ट और संतोषजनक समाधान होना बहुत जरूरी है। इस प्रदर्शन में राजद के कई प्रमुख नेताओं, पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

