Retina Treatment : बन रहा आंख में लगाने वाला इंजेक्शन, अंधापन के इलाज की जागी उम्मीद!

Retina Treatment : बन रहा आंख में लगाने वाला इंजेक्शन, अंधापन के इलाज की जागी उम्मीद!

Damaged Retina Treatment: हमारी आंख के पीछे एक पर्दा होता है जिसे रेटिना कहते हैं। जब ये पर्दा खराब हो जाता है, तो इंसान को दिखना बंद हो जाता है। अब तक डॉक्टर कहते थे कि इसका कोई इलाज नहीं है, बस अंधेरे में जीना सीख लो। लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा इंजेक्शन (KIO-301) बनाया है जो एक तरह से आंखों का इनवर्टर है, जैसे ही ये आंख में जाता है, रोशनी फिर से महसूस होने लगती है।

कैसे काम करता है यह इंजेक्शन?

हमारी आंख के अंदर कुछ खास सेल्स (कोशिकाएं) होती हैं जो हमें देखने में मदद करती हैं। जब ये मर जाती हैं, तो इंसान अंधा होने लगता है। इस छोटे से इंजेक्शन के जरिए आंखों में नए सेल्स डाले जाते हैं। ये सेल्स आंख के अंदर जाकर उन खाली जगहों को भर देते हैं जहां डैमेज हुआ है। ये फिर से काम करने लगते हैं और दिमाग तक फोटो भेजने लगते हैं, जिससे इंसान को फिर से साफ दिखने लगता है।

क्या है ये नई रिसर्च?

नेचर मेडिसिन जर्नल में छपी इस रिसर्च के अनुसार, वैज्ञानिकों ने एक ऐसा स्मार्ट लिक्विड (Hydrogel) तैयार किया है, जिसे एक बहुत ही बारीक सुई के जरिए सीधे आंख के अंदर डाला जा सकता है। पहले जब आंखों में नए सेल्स डाले जाते थे, तो वे टिकते नहीं थे और मर जाते थे। इस नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने एक ऐसा तरीका खोजा है जिससे नए सेल्स आंख के डैमेज हिस्से में जाकर मजबूती से चिपक जाते हैं और काम करना शुरू कर देते हैं।

जानवरों पर किए गए टेस्ट में देखा गया कि इस छोटे से इंजेक्शन के बाद उनकी आंखों की रोशनी काफी हद तक वापस आ गई। उनके डैमेज सेल्स फिर से जिंदा हो गए और दिमाग को सिग्नल भेजने लगे।

कब मिलेगा इसका फायदा?

अक्सर बुढ़ापे में लोगों की रोशनी धुंधली हो जाती है, जिसे AMD कहते हैं। यह इंजेक्शन उसमें बहुत असरदार है। ऐसी बीमारियां जिनमें आंखों का पर्दा धीरे-धीरे खराब होने लगता है, उन्हें भी इससे ठीक किया जा सकेगा।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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