लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या के मामले में एसटीएफ और पीजीआई पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। जांच में सामने आया है कि जमीन विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। एसटीएफ ने मामले में मुख्य साजिशकर्ता दिनेश कुमार यादव और उसके ड्राइवर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक 27 मई 2026 को पीजीआई क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में पीजीआई थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ की विभिन्न टीमों को लगाया गया था। मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी एसटीएफ को रविवार को सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल एक आरोपी डलौना अंडरपास के पास आने वाला है। सूचना पर एसटीएफ और पीजीआई पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर मुकर्रबीन उर्फ मुबीन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर दिनेश कुमार यादव को भी एसटीएफ मुख्यालय बुलाया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। जमीन विवाद बना हत्या की वजह पूछताछ में मुबीन ने बताया कि वह वर्ष 2016 से दिनेश यादव की गाड़ी चला रहा था। दिनेश का समदा क्षेत्र की एक जमीन को लेकर संदीप सिंह से लंबे समय से विवाद चल रहा था। संदीप द्वारा लगातार मुकदमेबाजी और शिकायतें किए जाने से दिनेश परेशान था। इसी वजह से उसने संदीप को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। मुबीन के अनुसार, दिनेश यादव ने उससे संदीप सिंह की हत्या कराने को कहा। इसके बाद उसने एक व्यक्ति के जरिए 5 लाख रुपए में हत्या की सुपारी तय की। उसी व्यक्ति ने दो शूटरों की व्यवस्था की। शूटरों के ठहरने से लेकर रेकी तक की जिम्मेदारी संभाली पुलिस पूछताछ में मुबीन ने बताया कि शूटरों के लखनऊ में रहने और आने-जाने की व्यवस्था उसने की थी। दिनेश यादव के कहने पर उसने शूटरों को संदीप सिंह के आने-जाने का रास्ता भी दिखाया। हत्या के लिए इस्तेमाल की गई बाइक खरीदने के लिए दिनेश ने पैसे दिए थे। उन पैसों से मुबीन ने अमीनाबाद से सेकेंड हैंड अपाचे मोटरसाइकिल खरीदी। बाइक की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई। इसी बाइक से कई बार रेकी की गई और बाद में वारदात को अंजाम दिया गया। बकरीद का बहाना बनाकर लखनऊ से हो गए थे दूर मुबीन ने बताया कि शूटरों ने 27 मई को हत्या करने की बात कही थी। घटना के दिन शक से बचने के लिए वह बकरीद का बहाना बनाकर अपने घर चला गया था। वहीं दिनेश यादव भी लखनऊ से बाहर चला गया था, ताकि वारदात के समय दोनों की मौजूदगी शहर में न रहे। घटना के बाद दोपहर में शूटरों ने फोन कर उसे बताया कि संदीप सिंह की हत्या कर दी गई है। पुलिस अब फरार शूटरों और हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। मामले में आगे की जांच जारी है।


