जलभराव का पिछला ट्रेलर याद है न? जब सड़कें समंदर बन गई थीं और लोगों की गृहस्थी पानी में तैर रही थीं। अगर याद है, तो इस बार भी संभल जाइए, क्योंकि जिम्मेदार प्रशासन ने पिछली तबाही से कोई सबक नहीं लिया है। मानसून सिर पर है, लेकिन सनवैली रोड पर जल निकासी के इंतजाम अभी तक नहीं हो पाए है। हुरावली पुलिया का निर्माण आज भी अधूरा है। ललियापुरा के हालात पिछले साल जैसे ही बदतर बने हुए हैं। दावों की फाइलें तो दुरुस्त हैं, लेकिन ग्राउंड जीरो की हकीकत को बयां कर रही हैं। ऐसी स्थिति शहर के अन्य जल भराव स्थलों के भी हैं। जहां फिर से बारिश में जल भराव की उम्मीद जानकार जता रहे हैं। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि वे काफी तेजी से काम कर रहे हैं और बारिश से पहले समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। ऐसी ही स्थिति शहर के एक मात्र ट्रांसपोर्ट नगर की भी है। यहां नाला निर्माण का कार्य चल रहा है। बारिश से पहले तक यह पूरा होना मुश्किल है। ऐसे में यहां भी बीते साल की तरह ट्रकों के पहिए इस बार भी थम सकते हैं। निगम ने नाले-नालियों की सफाई जरूर कराना शुरू की है, लेकिन उनमें से निकाली जा रही गंदगी को सड़क पर ही डालकर छोड़ा जा रहा है। महल गेट-चेतकपुरी रोड की नाली में मिट्टी भरी हुई थी। उसे जगह-जगह एकत्रित कर नाली के पास ही रख दिया है। यहां की नाली तक टूटी पड़ी हुई है। 13वीं बटालियन के नजदीक बनी कॉलोनी में सीवर की गंदगी को निकालकर सड़क पर ही छोड़ दिया गया है। जानिए… बीते मानसून सत्र में इन जगहों पर हुआ था जलभराव सनवैली रोड: 27 जुलाई 2025 को सबसे ज्यादा हालत खराब क्या हुआ था: साल 2025 में जल निकासी नहीं थी। ब्लू लोटस की तरफ से आया बारिश का पानी सनवैली रोड पर भर गया। पूरी सड़क और आसपास का क्षेत्र जलमग्न हो गया था।
रहवासी एरिया: यहां पर बहुमंजिला इमारतें, आवासीय कॉलोनी, जीएसटी आफिस सहित निजी स्कूल संचालित है। वर्तमान हालात: फोरलेन रोड के दोनों तरफ सड़क किनारे की नालियां बंद पड़ी हैं। यहां पर जल निकासी के कोई अतिरिक्त काम नहीं किया गया है। यहां रहने वालों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। ललियापुरा: 4 सितंबर 2025 को ऐसे थे हालात क्या हुआ था: यहां पर पिछले साल मकानों में पानी भरने से 85 परिवारों को घर छोड़कर तीन दिन बाहर रहना पड़ा था। नेताओं की जिद के कारण अलापुर बांध से पानी नहीं निकाला था। इस कारण यहां जलभराव ज्यादा हो गया था। वर्तमान हालात: सिथौली स्थित मुरार नदी के पास यह है। यहां 4 फीट ऊंची रोड बनाने का दावा जनप्रतिनिधियों ने किया था। अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है। यहां रहवासियों का कहना है कि पिछली साल पलायन करना पड़ा था, इस वर्ष भी ऐसे ही हालात बन सकते हें। हुरावली पुलिया: हर साल यहां जल भराव क्या हुआ था: साल 2024 और 2025 में मुरार नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे आसपास के क्षेत्रों में जल भराव हो जाता है। साल 2024 में पुलिया बह गई थी। अभी नया पुल का निर्माण चल रहा है।
वर्तमान हालात: निगम ने 3.88 करोड़ रुपए में पुल बनाने का काम एक निजी कंपनी को दिया है। 14 महीने काम के चलते हो गए है। हालात देखकर लगता है कि बारिश के पहले पुलिया बनेगी नहीं। यहां के दोनों रास्ते बंद कर दिए है। नदी में मिट्टी डली है। इन सब कारणों से आसपास जल भराव हो सकता है। शहर में यहां भी हुआ था जल भराव
सड़कों के अलावा जल भराव के हालात माधव नगर, हरीशंकरपुरम, आदित्याज कॉलोनी, श्रीराम कॉलोनी, पिंटो पार्क, आईजी ऑफिस कंपू, ओखो की बगिया, हिल व्यू रेसीडेंसी के 40 मकानों में, सरस्वती नगर रोड, जागृति नगर, आनंद नगर, लक्ष्मीगंज, लूटपुरा, नरसिंह नगर, सती विहार, इंद्रा नगर, ओल्ड वाटर ट्रीटमेंट प्लांट मोतीझील, शीलनगर कॉलोनी के घरों में आदि जगह जल भराव होने से लोग परेशान ह़ुए थे। मानसून से पहले दावा जल भराव स्थल खत्म करने और नालों की सफाई पर चल रहा काम
पिछली बारिश से सीख लेते हुए निगम की जल भराव से निपटने की बेहतर तैयारी है। हमने पिछले साल 335 जल भराव के स्थानों की पहचान की गई है। अभी तक 200 स्थानों पर काम कराकर जलभराव क्षेत्र को खत्म करने की कोशिश की गई है। शेष पर काम चल रहा है। जहां नाला निर्माण के लिए अधिक राशि की जरूरत है, वहां स्वीकृत नहीं हुई है। ऐसे स्थानों पर अस्थाई कच्ची नाली खोदकर काम कराएंगे। 300 में से 200 नालों में सफाई भी कराई गई है। ये काम अपर आयुक्त की निगरानी में चल रहे हैं। -संघ प्रिय, आयुक्त, नगर निगम, ग्वालियर


